प्रधानमंत्री फसल बीमा प्रीमियम कैलकुलेटर (PMFBY Premium Calculator) | NRDP Hub

प्रधानमंत्री फसल बीमा प्रीमियम कैलकुलेटर (PMFBY Crop Insurance Premium Calculator)

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) भारत सरकार की एक प्रमुख योजना है जो किसानों को प्राकृतिक आपदाओं, कीटों या बीमारियों के कारण फसल नष्ट होने पर वित्तीय सुरक्षा प्रदान करती है। इस योजना के तहत, किसानों को केवल एक बहुत ही मामूली प्रीमियम (खरीफ के लिए 2%, रबी के लिए 1.5% और वाणिज्यिक/बागवानी के लिए 5%) का भुगतान करना होता है। शेष प्रीमियम (एक्चुअरी दर तक) का वहन केंद्र और राज्य सरकार द्वारा समान अनुपात में सब्सिडी के रूप में किया जाता है। इस लाइव कैलकुलेटर से अपनी फसल का प्रीमियम और सरकारी सब्सिडी तुरंत जानें।

🎯 इस प्रीमियम कैलकुलेटर का मुख्य लाभ और उपयोग:

  • सटीक प्रीमियम गणना: यह टूल आपको फसल के मौसम (Season) और क्षेत्रफल (Area) के आधार पर आपके द्वारा चुकाए जाने वाले सटीक प्रीमियम की गणना करके देता है।
  • सरकारी सब्सिडी का आकलन: किसान शेयर के साथ-साथ यह आपको यह भी दर्शाता है कि सरकार आपकी फसल सुरक्षा के लिए कितनी सब्सिडी वहन कर रही है।
  • वित्तीय योजना: बीमा कराने से पूर्व (KCC ऋण लेते समय या CSC से आवेदन करते समय) आप अपनी देय राशि की स्पष्ट वित्तीय योजना बना सकते हैं।
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📢 प्रीमियम अपडेट: खरीफ 2026 और रबी 2026-27 के लिए PMFBY पोर्टल पर पंजीकरण जारी है। अपनी फसल के अनुसार देय प्रीमियम की गणना नीचे करें।
⏳ खरीफ (Kharif) फसल बीमा आवेदन की अंतिम तिथि
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--घंटे
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विधिक नियम: खरीफ फसलों (जैसे धान, बाजरा) के लिए बीमा आवेदन की सामान्य अंतिम तिथि 31 जुलाई निर्धारित होती है।
📋 अपनी फसल और क्षेत्रफल का विवरण दर्ज करें

📌 सुरक्षा निर्देश: यह टूल पूर्णतः क्लाइंट-साइड आधारित है। आपके खेत या वित्तीय का कोई भी डेटा सर्वर पर सहेजा नहीं जाता।

🚀 फसल बीमा (PMFBY) का लाभ लेने का 5-स्टेप विधिक रोडमैप
📌 1. राज्य की अधिसूचना (Notification) की जांच करें

बुवाई के मौसम से पहले यह सुनिश्चित करें कि राज्य सरकार ने आपके जिले और आपकी विशिष्ट फसल को बीमा योजना के अंतर्गत अधिसूचित (Notified) किया है या नहीं।

📌 2. आवश्यक दस्तावेजों का संकलन करें

आवेदन हेतु अपनी नवीनतम खतौनी (भूमि रिकॉर्ड), आधार कार्ड, बैंक पासबुक और ग्राम प्रधान/लेखपाल द्वारा हस्ताक्षरित 'बुवाई प्रमाण पत्र (Sowing Certificate)' तैयार रखें।

📌 3. आवेदन का माध्यम चुनें

यदि आपका KCC (किसान क्रेडिट कार्ड) है, तो बैंक स्वतः प्रीमियम काटेगा (यदि आप मना न करें)। यदि KCC नहीं है, तो CSC केंद्र या pmfby.gov.in के माध्यम से आवेदन करें।

📌 4. अंतिम तिथि से पूर्व प्रीमियम का भुगतान करें

खरीफ के लिए सामान्यतः 31 जुलाई और रबी के लिए 31 दिसंबर कट-ऑफ तिथि होती है। इस तिथि से पूर्व अपना 1.5%, 2% या 5% का प्रीमियम ऑनलाइन या बैंक में जमा कराएं।

📌 5. पॉलिसी पावती (Policy Document) प्राप्त करें

सफलतापूर्वक प्रीमियम कटने के बाद बीमा कंपनी द्वारा जनरेट की गई 'Acknowledge Receipt' या पॉलिसी डॉक्यूमेंट डाउनलोड कर सुरक्षित रखें, यह क्लेम के समय काम आएगा।

📋 फसल बीमा में पंजीकरण कराने के 3 विधिक तरीके
🏢 जनसेवा केंद्र (CSC)
🏦 बैंक शाखा (KCC)
💻 ऑनलाइन पोर्टल
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नजदीकी CSC केंद्र जाएं

अपनी खतौनी, आधार और बुवाई प्रमाण पत्र के साथ अधिकृत कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाएं।

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प्रीमियम गणना और भुगतान

संचालक पोर्टल पर आपका डेटा दर्ज करेगा और देय प्रीमियम (2% या 1.5%) का नकद/डिजिटल भुगतान लेगा।

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बीमा रसीद प्राप्त करें

प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद संचालक से PMFBY की आधिकारिक पॉलिसी रसीद अवश्य प्राप्त करें।

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बैंक नोडल शाखा संपर्क

यदि आपका किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) ऋण चल रहा है, तो फसल सीजन शुरू होते ही बैंक शाखा से संपर्क करें।

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स्वतः प्रीमियम कटौती (Auto Debit)

बैंक आपके ऋण खाते से फसल के अनुसार देय प्रीमियम स्वतः काट लेगा। यदि आप बीमा नहीं चाहते, तो आपको 7 दिन पूर्व 'Opt-out' फॉर्म देना होगा।

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बीमा विवरण की प्रविष्टि

बैंक द्वारा प्रीमियम बीमा कंपनी को भेजने के बाद अपनी पासबुक में प्रविष्टि (Entry) अवश्य करवा लें।

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pmfby.gov.in पोर्टल खोलें

मोबाइल या कंप्यूटर से आधिकारिक वेबसाइट खोलकर 'Farmer Corner' में 'Guest Farmer' के रूप में पंजीकरण करें।

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खेत और फसल का विवरण भरें

अपना राज्य, जिला, फसल का प्रकार और खसरा नंबर डालकर डिजिटल दस्तावेज अपलोड करें।

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ऑनलाइन प्रीमियम भुगतान

UPI, डेबिट कार्ड या नेटबैंकिंग के माध्यम से किसान के शेयर (प्रीमियम) का भुगतान करें और पॉलिसी डाउनलोड करें।

✅ योजना का लाभ लेने की विधिक शर्तें और ❌ अपात्रता के कारण

✅ बीमा कराने के लिए कौन पात्र है?
  • अधिसूचित क्षेत्र में अधिसूचित फसल उगाने वाले सभी ऋणी (Loanee) और गैर-ऋणी (Non-Loanee) किसान।
  • जिनके पास खेती योग्य भूमि का वैध स्वामित्व प्रमाण (खतौनी/जमाबंदी) है।
  • बटाईदार (Sharecroppers) और किरायेदार (Tenant) किसान भी सहमति पत्र के साथ पात्र हैं।
❌ बीमा आवेदन अस्वीकृत होने के कारण
  • Late Application: सरकार द्वारा निर्धारित कट-ऑफ तिथि (जैसे 31 जुलाई) के बाद आवेदन करना।
  • Crop Mismatch: खेत में बोई गई फसल और बीमा में घोषित फसल का अलग होना।
  • Duplicate Insurance: एक ही खेत के खसरे पर दो अलग-अलग बैंकों या माध्यमों से बीमा कराना।
  • Non-Notified Crop: उस फसल का बीमा कराना जिसे सरकार ने उस जिले के लिए अधिसूचित ही नहीं किया है।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs) - फसल बीमा प्रीमियम विशेष

01. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) क्या है? +
यह भारत सरकार की योजना है जो प्राकृतिक आपदाओं (सूखा, बाढ़, ओलावृष्टि) या कीटों के हमले के कारण फसल नष्ट होने पर किसानों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करती है। इसमें किसानों को बहुत कम प्रीमियम देना होता है।
02. पीएमएफबीवाई (PMFBY) के तहत प्रीमियम दरें क्या हैं? +
योजना के विधिक मानकों के अनुसार, सभी खरीफ (Kharif) फसलों के लिए बीमित राशि का अधिकतम 2%, रबी (Rabi) फसलों के लिए 1.5%, तथा वाणिज्यिक/बागवानी (Horticulture) फसलों के लिए 5% प्रीमियम किसान को देना होता है।
03. यदि वास्तविक बीमा दर (Actuarial Rate) 15% है, तो शेष 13% का भुगतान कौन करता है? +
किसान केवल अपना हिस्सा (जैसे 2%) देता है। वास्तविक प्रीमियम और किसान के शेयर के बीच के अंतर (जैसे 13%) को सब्सिडी कहा जाता है, जिसे केंद्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा 50-50 के अनुपात में बीमा कंपनी को भुगतान किया जाता है।
04. क्या किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) लेने वाले किसानों के लिए बीमा कराना अनिवार्य है? +
नहीं। खरीफ 2020 के सीजन से भारत सरकार ने PMFBY को सभी किसानों (ऋणी और गैर-ऋणी दोनों) के लिए 100% स्वैच्छिक (Voluntary) कर दिया है। यदि ऋणी किसान बीमा नहीं चाहते, तो उन्हें कट-ऑफ तिथि से 7 दिन पूर्व बैंक में 'Opt-out' फॉर्म देना होता है।
05. बीमा कराने की अंतिम तिथि (Cut-off Date) क्या होती है? +
सामान्यतः खरीफ फसलों (जैसे धान, सोयाबीन) के लिए बीमा आवेदन की अंतिम तिथि 31 जुलाई और रबी फसलों (जैसे गेहूं, सरसों) के लिए 31 दिसंबर होती है। हालांकि, राज्य सरकारें इसमें बदलाव कर सकती हैं।
06. बीमित राशि (Sum Insured) का निर्धारण कैसे होता है? +
प्रति हेक्टेयर बीमित राशि (Sum Insured) राज्य सरकार की जिला स्तरीय तकनीकी समिति (DLTC) द्वारा फसल की खेती की लागत (Scale of Finance) के आधार पर तय की जाती है। यह राशि हर जिले और फसल के लिए अलग-अलग होती है।
07. क्या बटाईदार (Sharecropper) या किराये पर खेती करने वाले किसान भी बीमा करा सकते हैं? +
हाँ, बटाईदार और किरायेदार किसान भी 'गैर-ऋणी' श्रेणी के तहत अपनी फसल का बीमा करा सकते हैं। इसके लिए उन्हें भू-स्वामी के साथ हुए समझौते का प्रमाण और संबंधित खेत का खसरा विवरण देना होता है।
08. मैं कैसे जान सकता हूँ कि मेरे जिले में किस फसल का बीमा हो रहा है? +
आप PMFBY के आधिकारिक पोर्टल (pmfby.gov.in) पर जाकर 'Premium Calculator' या 'State Notification' सेक्शन में अपने जिले का चयन कर देख सकते हैं कि कौन-सी फसलें अधिसूचित (Notified) की गई हैं।
09. यदि मैंने बीमा करा लिया है और बुवाई के बाद बीच में ही बारिश न होने से फसल सूख गई, तो क्या होगा? +
योजना के तहत 'मिड-सीजन एडवर्सिटी' (Mid-season adversity) का कवर है। यदि राज्य सरकार घोषित करती है कि मौसम की खराबी के कारण 50% से अधिक क्षेत्र में फसल बर्बाद हो गई है, तो बीमा कंपनी तुरंत 25% अग्रिम क्लेम (Advance relief) का भुगतान करेगी।
10. मेरी फसल कटने के बाद खेत में रखी थी और बेमौसम बारिश हो गई, क्या मुझे क्लेम मिलेगा? +
हाँ, PMFBY में 'Post-Harvest Loss' (कटाई उपरांत नुकसान) का प्रावधान है। यदि फसल कटने के बाद 14 दिनों के भीतर खेत में सूखने के लिए रखी गई है और बेमौसम बारिश या ओलावृष्टि से खराब होती है, तो आप 72 घंटे में सूचना देकर बीमा क्लेम प्राप्त कर सकते हैं।

📢 फसल बीमा पॉलिसी या प्रीमियम संबंधी शिकायत हेतु संपर्क

• PMFBY राष्ट्रीय हेल्पलाइन (Toll-Free): 14447 (नुकसान की सूचना यहाँ भी दे सकते हैं)
• केंद्रीय बीमा पोर्टल: pmfby.gov.in
• राजस्व शिकायत: यदि बैंक ने गलत फसल का बीमा कर दिया है, तो सीधे अपने ब्लॉक कृषि अधिकारी या टोल-फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज करें।
नोट: यह प्लेटफार्म (NRDP) एक स्वतंत्र नागरिक समावेशन सूचना पोर्टल है। यह टूल केवल आपके इनपुट्स के आधार पर सरकारी गाइडलाइंस के अनुसार अनुमानित (Estimated) प्रीमियम की गणना करता है। वास्तविक प्रीमियम राशि राज्य सरकार की अधिसूचना और बीमा कंपनी के अंतिम डेटाबेस पर निर्भर करती है।
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