कृषि यंत्र बैंक (CHC) स्थापना ग्रांट कैलकुलेटर (Custom Hiring Centre Grant Calculator) | NRDP Hub

कृषि यंत्र बैंक (CHC) स्थापना ग्रांट कैलकुलेटर (Custom Hiring Centre Grant Calculator)

यह उन्नत डिजिटल कैलकुलेटर भारत सरकार के **कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय** द्वारा जारी 'कृषि यंत्रीकरण उपमिशन (SMAM)' के नए दिशा-निर्देशों के समन्वय से तैयार किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में कस्टम हायरिंग सेंटर (CHC) या कृषि यंत्र बैंक स्थापित करने के लिए पंजीकृत समूहों, FPOs और व्यक्तिगत उद्यमियों को प्रोजेक्ट लागत पर **40% से 80% तक की भारी सरकारी ग्रांट (सब्सिडी)** मिलने का विधिक प्रावधान है। उचित वित्तीय गणना न होने, अपूर्ण प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) बनाने या जोत श्रेणी के अनुसार गलत मार्जिन मनी अरेंज करने से बैंक फाइलें अटक जाती हैं। यह सिम्युलेटर इंजन आपके वास्तविक क्रेडेंशियल्स के आधार पर लाइव वित्तीय विश्लेषण, आवश्यक लोन राशि और सरकारी नियमों की रिपोर्ट देता है।

🎯 यह ग्रांट कैलकुलेटर टूल क्या है, उपयोग कैसे करें व मुख्य लाभ?

  • यह टूल क्या है? यह आवेदक की विधिक श्रेणी और यंत्रों के कुल एस्टीमेट बजट का लाइव विश्लेषण कर सरकारी ग्रांट (Subsidy) तथा स्वयं की मार्जिन मनी का सटीक विभाजन प्रस्तुत करने वाला स्वचालित कैलकुलेटर है।
  • इसे कैसे उपयोग करें? नीचे दिए गए फॉर्म ब्लॉक में आवेदक का नाम लिखें, अपनी कृषक/संस्था श्रेणी, प्रोजेक्ट का स्केल पैमाना (₹10 लाख, ₹25 लाख या ₹40 लाख) और कुल एस्टीमेट राशि दर्ज कर बटन दबाएं।
  • इससे क्या फायदा है? यह बैंक मैनेजर या डीलर के पास जाने से पहले यह स्पष्ट कर देता है कि सरकार से आपको कितनी नगद सहायता मिलेगी और लोन पास कराने के लिए आपको अपनी जेब से कितना मार्जिन अरेंज करना होगा।
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📢 लाइव अपडेट (वर्ष 2026): पंजीकृत कृषक उत्पादक संगठनों (FPOs) और सहकारी समितियों के लिए कस्टम हायरिंग सेंटर (CHC) स्थापना पर अधिकतम **80% तक की विधिक सब्सिडी** (₹32 लाख तक की ग्रांट) का विशेष प्रावधान लागू है। अपना लाइव वित्तीय विवरण नीचे जांचें।
⏳ कृषि यंत्र बैंक प्रोजेक्ट पोर्टल विंडो और बजट आवंटन चक्र समय
--दिन
--घंटे
--मिनट
--सेकंड
विभागीय लक्ष्यों और जिला-वार सीएचसी बजट (मई → अक्टूबर 2026) के आधार पर एक अनुमानित प्रशासनिक चक्र समय दिखाया गया है। आधिकारिक सूचनाएं राज्यों के कृषि पोर्टल पर आती हैं।
📋 प्रोजेक्ट व आवेदक विवरण दर्ज करें
📌 सीमा: ₹50,000 से ₹40,000,000 तक

📌 सुरक्षा निर्देश: यह टूल पूर्णतः कस्टमाइज्ड है। सुरक्षा मानकों के अनुसार आपका कोई भी व्यक्तिगत संवेदनशील क्रेडेंशियल (जैसे बैंक खाता संख्या) यहाँ दर्ज या संग्रहीत नहीं किया जाता।

🎯 यंत्र बैंक बजट शुचिता ऑडिट परिणाम (CHC Financial Summary):

नोडल डेटाबेस मिलान रिपोर्ट

सरकारी विधिक ग्रांट (Subsidy)
जाँच जारी...
(SMAM केंद्रीय सबमिशन फंड)
किसान अंश / मार्जिन मनी
जाँच जारी...
(Arranged via Bank/Self)
अनुमानित प्रभावी सब्सिडी %
जाँच जारी...
(आपकी श्रेणी आधारित क्लॉज)
📊 सीएचसी विधिक प्रशासनिक बजट मैट्रिक्स (Financial Process Matrix)
वित्तीय विवरण इंडेक्स चरण विधिक अनुपालन स्थिति (Your Status) नोडल प्राधिकारी नियम विनिर्देश
1. यंत्र बैंक योजना कंपोनेंट (Scheme Core Link) ✅ लोड हो रहा है... कृषि यंत्रीकरण उपमिशन (SMAM Guide)
2. मार्जिन मनी विलेख (Self Share Requirement) ✅ लोड हो रहा है... वाणिज्यिक बैंक ऋण स्वीकृति डेस्क
3. बैक-एंड सब्सिडी क्लीयरेंस (Direct Benefit Node) ✅ लोड हो रहा है... नाबार्ड राज्य नोडल वित्तीय गेटवे
🔍 विधिक स्टेटस डिकोडिंग एवं तात्कालिक सुधारात्मक समाधान:

🌐 त्वरित Action डायरेक्ट आधिकारिक लाइव लिंक्स
🚀 कृषि यंत्र बैंक (CHC) स्थापित करने का विधिक रोडमैप और आगे के कदम
📌 1. कम से कम 3-4 प्रगतिशील किसानों का समूह बनाएं या FPO संस्था पंजीकृत करें

माध्यम: 👥 स्थानीय सहकारी समिति रजिस्ट्रार / कंपनी रजिस्ट्रार (RoC)
व्यक्तिगत उद्यमियों को अधिकतम 40-50% ग्रांट मिलती है, जबकि 80% की उच्च सब्सिडी का विधिक दावा करने के लिए FPO या पंजीकृत सहकारी समिति के नाम पर ही आवेदन फाइल लॉक करना पहला अनिवार्य कदम है।

📌 2. अपनी पसंदीदा मशीनों (जैसे ट्रैक्टर, रोटावेटर) की सूचीबद्ध अधिकृत कोटेशन सूची (DPR) तैयार करें

माध्यम: 📝 अधिकृत कंपनियों के डीलर शोरूम नेटवर्क
यंत्र बैंक में कौन-कौन सी मशीनें होंगी, उनका कुल एस्टीमेट बजट क्या होगा, इसकी एक 'विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR)' तैयार करें। बिल केवल सरकार द्वारा अधिकृत सूचीबद्ध मैन्युफैक्चरर्स के ही मान्य होंगे।

📌 3. राज्य के कृषि विभाग पोर्टल पर 'Custom Hiring Centre' कंपोनेंट के तहत फाइल ऑनलाइन लॉक करें

माध्यम: 💻 राजकीय कृषि डीबीटी नोड पोर्टल
घोषणा विंडो खुलते ही अपनी संस्थागत आईडी, पैन कार्ड, बैंक विवरण और भूलेख दस्तावेजों के साथ ऑनलाइन आवेदन लॉक करें। लक्ष्य से अधिक फाइलें होने पर चयन ई-लॉटरी द्वारा नोडल स्तर पर सिंक किया जाता है।

📌 4. इन-प्रिंसिपल अप्रूवल मिलने के बाद बैंक लोन या मार्जिन जमा कर यंत्रों का भौतिक सत्यापन कराएं

माध्यम: 🏦 बैंक लोन डेस्क एवं 📄 जिला कृषि उपनिदेशक कार्यालय Counter
लॉटरी में चयन होने के बाद बैंक से मार्जिन मनी/ऋण विलेख स्वीकृत कराकर यंत्र खरीदें। कृषि तकनीकी सहायक खेत पर आकर सभी यंत्रों का जियो-टैग्ड भौतिक सत्यापन करेगा, जिसके बाद बैक-एंड सब्सिडी सीधे सिंक हो जाएगी।

📋 यंत्र बैंक स्थापना दावा दर्ज कराने और डेटा सिंक करने के 3 विधिक चरण
🌐 जन समर्थ (Jan Samarth) माध्यम
📱 विभागीय सब्सिडी पोर्टल
🏦 नोडल बैंक ऋण काउंटर
1
jansamarth.in पर 'Agri Infra Loan' चुनें

माध्यम: 🌐 आфициа राष्ट्रीय डिजिटल ऋण गेटवे
वेबसाइट खोलकर कृषि अवसंरचना ऋण श्रेणी का चयन करें ताकि सब्सिडी क्लेम डिजिटल रूप से एकीकृत हो सके।

2
संस्थागत FPO / समिति क्रेडेंशियल्स दर्ज करें

माध्यम: 🌐 आфициа राष्ट्रीय डिजिटल ऋण गेटवे
अपनी संस्था का पैन, रजिस्ट्रेशन नंबर और आधार ओटीपी डालकर विधिक पहचान लॉक करें।

3
इन-प्रिंसिपल डिजिटल अप्रूवल प्राप्त करें

माध्यम: 🌐 आфициа राष्ट्रीय डिजिटल ऋण गेटवे
अपनी मशीनों का कुल बजट एस्टीमेट दर्ज करें। पोर्टल सीधे आपकी पसंदीदा कमर्शियल बैंक शाखा को डिजिटल फाइल प्रेषित कर देगा।

1
राज्य के कृषि यंत्रीकरण पोर्टल पर जाएं

माध्यम: 📱 राजकीय कृषि डीबीटी सॉफ्टवेयर नोड
लॉगिन कर 'कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापना' (CHC Scheme) लिंक पर क्लिक करके एकीकृत लघु प्रपत्र प्राप्त करें।

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डीलर इनवॉइस और कोटेशन रिपोर्ट सिंक करें

माध्यम: 📱 राजकीय कृषि डीबीटी सॉफ्टवेयर नोड
अधिकृत वेंडर द्वारा जारी किए गए उपकरणों के विनिर्देश और पक्के वित्तीय कोटेशन पीडीएफ रूप में अपलोड करें।

3
लॉटरी टोकन सुरक्षा चालान जमा करें

माध्यम: 📱 राजकीय कृषि डीबीटी सॉफ्टवेयर नोड
योजना नियमावली के अनुसार निर्धारित विधिक जमानत राशि का चालान सबमिट कर अपनी ई-लॉटरी पात्रता सीट लॉक करें।

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बैंक मैनेजर को प्रोजेक्ट स्वीकृत फाइल सौंपें

माध्यम: 🏦 कमर्शियल बैंक ऑफलाइन ऋण काउंटर
विभागीय क्रय आदेश (Purchase Order) के साथ अपनी CA द्वारा जाँचित DPR रिपोर्ट बैंक लोन डेस्क पर जमा करें।

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मार्जिन मनी (Margin Share) विलेख लॉक करें

माध्यम: 🏦 कमर्शियल बैंक ऑफलाइन ऋण काउंटर
बैंक ऑडिटर यह सुनिश्चित करेगा कि सब्सिडी राशि आने तक आपका स्वयं का मार्जिन हिस्सा (जैसे 20% या 50%) एस्क्रो खाते में विधिक रूप से जमा है।

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ऋण संवितरण (Disbursal) व पावती

माध्यम: 🏦 कमर्शियल बैंक ऑफलाइन ऋण काउंटर
बैंक सीधे अधिकृत डीलर के खाते में आरटीजीएस (RTGS) द्वारा भुगतान जारी करेगा और आपको भौतिक यंत्र उठाने की विधिक अनुमति मिल जाएगी।

✅ कौन सीएचसी ग्रांट के लिए विधिक रूप से पात्र है और कौन नहीं ❌
(Eligibility & Exclusion Criteria)

✅ कौन यंत्र बैंक ग्रांट के लिए विधिक पात्र है
  • केंद्र/राज्य सरकार के तहत पंजीकृत न्यूनतम 10 सदस्यों वाले FPOs (कृषक उत्पादक संगठन)
  • पंजीकृत प्राथमिक कृषि सहकारी समितियां (PACS) और किसानों के स्वयं सहायता समूह (SHGs)
  • अनुसूचित जाति, जनजाति, महिला कृषक और लघु/सीमांत किसान (व्यक्तिगत उद्यमी क्लॉज के तहत)
  • कृषि क्षेत्र के ग्रामीण युवा और डिप्लोमा/डिग्री धारक एग्री-एंटरप्रेन्योर्स
❌ कौन पात्र नहीं है / आवेदन कब निरस्त होता है (Exclusion)
  • ऐसी संस्थाएं या व्यक्तिगत आवेदक जिन्होंने पिछले 3 वर्षों में इसी योजना घटक से लाभ लिया हो
  • बैंकिंग प्रभाग में पहले से ही डिफ़ॉल्टर (NPA) श्रेणी के खातेदार या दिवालिया घोषित व्यक्ति
  • बिना किसी वैध विधिक संस्थागत पंजीकरण (Registration Deed) के 80% सब्सिडी का दावा करने वाले समूह
  • गैर-सूचीबद्ध (Non-Empanelled) या ब्लैकलिस्टेड लोकल वेंडर्स से नकली कोटेशन बिल लगाने वाले आवेदक

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs) - कृषि यंत्र बैंक (CHC) सब्सिडी विशेष

01. वर्ष 2026 के नियमों के अनुसार FPOs को कस्टम हायरिंग सेंटर (CHC) पर अधिकतम कितनी सब्सिडी मिलती है? +
कृषि मंत्रालय की SMAM नियमावली के तहत, यदि आवेदक एक पंजीकृत कृषक उत्पादक संगठन (FPO) या सहकारी समिति है, तो उसे प्रोजेक्ट लागत पर **अधिकतम 80% तक की विधिक ग्रांट (सब्सिडी)** मिलती है। उदाहरण के लिए, ₹40 लाख के हाई-टेक हब प्रोजेक्ट पर ₹32 लाख तक की सरकारी सहायता सीधे बैक-एंड सिंक की जाती है।
02. एक व्यक्तिगत सामान्य वर्ग का युवा यदि यंत्र बैंक खोलना चाहे, तो उसे कितनी सरकारी सहायता मिलेगी? +
यदि कोई व्यक्तिगत ग्रामीण युवा या सामान्य श्रेणी का उद्यमी कस्टम हायरिंग सेंटर खोलता है, तो उसे नियमों के तहत **40% सामान्य सब्सिडी** मिलती है। वहीं यदि आवेदक महिला, लघु/सीमांत किसान या SC/ST वर्ग से है, तो व्यक्तिगत श्रेणी में भी **50% उच्च अनुदान** प्रभावी होता है।
03. क्या कृषि यंत्र बैंक (CHC) प्रोजेक्ट के लिए बैंक से शत-प्रतिशत (100%) लोन मिल सकता है? +
नहीं, कमर्शियल बैंकिंग सुरक्षा ऑडिट चार्टर के अनुसार 100% लोन नहीं मिलता। बैंक केवल आपकी ग्रांट काटकर बची हुई राशि या कुल प्रोजेक्ट का अधिकतम 80-90% हिस्सा ही टर्म लोन के रूप में स्वीकृत करता है। आपको अपनी जोत श्रेणी के अनुसार **10% से 20% तक की मार्जिन मनी** का इंतजाम स्वयं या एस्क्रो खाते में विधिक रूप से पहले करना होता है।
04. यंत्र बैंक की प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करते समय मशीनों का चयन कैसे करना चाहिए? +
प्रोजेक्ट में कम से कम एक मुख्य पावर सोर्स (जैसे ट्रैक्टर) और उसके साथ चलने वाले कम से कम 3-4 मैचिंग उपकरण (जैसे रोटावेटर, कल्टीवेटर, थ्रेशर, या लेजर लैंड लेवलर) शामिल होने चाहिए। कुल मशीनों का विधिक मूल्य आपके चुने हुए प्रोजेक्ट स्केल स्लैब (₹10 लाख, ₹25 लाख या ₹40 लाख) की सीमा के भीतर होना अनिवार्य है।
05. क्या किसी दूसरे राज्य के पंजीकृत डीलर से यंत्र खरीदने पर भी हमारे बैंक खाते में सब्सिडी आ जाएगी? +
बिल्कुल नहीं! विधिक सुरक्षा मानकों के अनुसार, मशीनें केवल उसी राज्य कृषि निदेशालय द्वारा **सूचीबद्ध और पंजीकृत अधिकृत निर्माताओं/डीलरों (Empanelled Dealers)** से ही खरीदी जानी चाहिए। दूसरे राज्यों या गैर-सूचीबद्ध डीलरों के बिलों पर पीएफएमएस (PFMS) डीबीटी गेटवे सब्सिडी जारी नहीं करता।
06. क्या यंत्र बैंक की स्थापना के लिए किसी पुराने इस्तेमाल किए गए (Second-Hand) ट्रैक्टर का बिल मान्य होता है? +
नहीं, कस्टम हायरिंग सेंटर योजना के तहत वित्तीय ग्रांट केवल **पूर्णतः नए, अप्रयुक्त (Brand New) और FMTTI प्रमाणित** यंत्रों पर ही देय है। यदि समूह के पास पहले से कोई पुराना ट्रैक्टर है, तो उसे केवल रोटावेटर या कल्टीवेटर पास कराने के लिए 'संबद्ध ट्रैक्टर विलेख साक्ष्य' के रूप में लगाया जा सकता है, पर पुराने ट्रैक्टर पर कोई सब्सिडी राशि नहीं मिलेगी।
07. 'बैक-एंड सब्सिडी' (Back-ended Subsidy) का असली विधिक मतलब क्या होता है, यह पैसे कब मिलते हैं? +
CHC योजना में सब्सिडी 'बैक-एंड' होती है, यानी आपको शुरुआत में मशीनों का पूरा मूल्य (लोन + मार्जिन मिलाकर) डीलर को चुकाना होता है। जब यंत्र आपके पास आ जाते हैं और जियो-टैग्ड भौतिक सत्यापन सफल हो जाता है, तब वह सरकारी ग्रांट राशि सीधे आपके बैंक के लोन खाते में ट्रांसफर कर दी जाती है, जिससे आपका लोन का बोझ स्वतः कम हो जाता है।
08. यदि ई-लॉटरी में हमारा टोकन चयनित हो जाता है, तो बैंक ड्राफ्ट या जमानत राशि जमा करने के लिए कितना समय मिलता है? +
विभागीय प्रशासनिक संहिताओं के अनुसार, चयन सूची जारी होने की तारीख से सामान्यतः **15 से 21 दिनों का विधिक समय** मिलता है। यदि इस अवधि के भीतर आप निर्धारित बैंक गारंटी, चालान या क्रय बिल अपलोड नहीं करते हैं, तो आपका टोकन स्वतः **लैप्स (Lapse)** मानकर प्रतीक्षा सूची के अगले आवेदक को ट्रांसफर कर दिया जाता है।
09. क्या कृषि यंत्र बैंक (CHC) स्थापित करने के लिए हमारे पास स्वयं का गोदाम या शेड होना कानूनी रूप से आवश्यक है? +
हाँ, भौतिक सत्यापन के समय ब्लॉक कृषि अधिकारी यह जांचता है कि मशीनों को सुरक्षित रखने के लिए संस्था के पास उचित स्थान है या नहीं। प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) में शेड का नक्शा या भूमि लीज विलेख (न्यूनतम 5 से 10 वर्ष की अवधि का) संलग्न करना विधिक शुचिता के लिए आवश्यक है।
10. यदि सब कुछ पूर्ण होने पर भी जिला कार्यालय सब्सिडी क्लीयरेंस रोकने या रिश्वत मांगे तो कहाँ शिकायत दर्ज करें? +
आरबीआई और नाबार्ड चार्टर के अनुसार यदि भौतिक सत्यापन ओके है, तो सब्सिडी रोकना विधिक लापरवाही है। आप सीधे अपने राज्य के **कृषि निदेशक (Director of Agriculture)** को पंजीकृत डाक से पत्र भेज सकते हैं, या सीधे केंद्र सरकार के **PG Portal (pgportal.gov.in)** पर वित्तीय सेवा विभाग को चुनकर ऑनलाइन शिकायत लॉक कर सकते हैं।

📢 प्रोजेक्ट रिजेक्शन या विभागीय लापरवाही की शिकायत हेतु संपर्क

• कृषि यंत्रीकरण उपमिशन (SMAM) केंद्रीय राष्ट्रीय ईमेल सपोर्ट: agrimachinery.nic.in / dbt-agri@gov.in
• राष्ट्रीय वित्तीय सेवा प्रभाग शिकायत लोकपाल नोड: pgportal.gov.in (यहाँ क्लिक करके अपनी जांच आईडी के साथ सीधे वित्तीयnegligence आख्या दर्ज करें)
• नाबार्ड एग्री-इंफ्रास्ट्रक्चर डायरेक्ट हेल्पलाइन: 022-26539495
नोट: यह प्लेटफार्म (NRDP) एक स्वतंत्र नागरिक समावेशन सूचना पोर्टल है। यह टूल केवल सामान्य मार्गदर्शक विश्लेषण प्रदान करता है और कोई भी व्यक्तिगत डेटा संग्रहीत नहीं करता। वास्तविक प्रोजेक्ट सबमिशन, निर्माता सूचियां और लाइव आवंटन लक्ष्यों को देखने के लिए हमेशा सरकार के डोमेन agrimachinery.nic.in या संबंधित राज्यों के कृषि डीबीटी पोर्टल्स का ही उपयोग करें।
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