फार्म मैकेनाइजेशन योजना अनुशंसा टूल (अखिल भारतीय) | NRDP Hub

फार्म मैकेनाइजेशन योजना अनुशंसा टूल (Farm Mechanization Scheme Recommendation)

कृषि का आधुनिकीकरण और मशीनीकरण भारतीय कृषि को अधिक लागत-प्रभावी और उत्पादक बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक स्तंभ है। भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा संचालित **सब-मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन (SMAM 2026)** के विधिक प्रावधानों के अनुसार, देश के किसानों को उन्नत आधुनिक कृषि यंत्रों (जैसे: रोटावेटर, कल्टीवेटर, सीड ड्रिल, पावर टिलर, और कंबाइन हार्वेस्टर) की खरीद पर **40% से 80% तक की भारी बजटीय सब्सिडी** प्रदान की जाती है। साथ ही, ग्रामीण युवाओं और FPOs को रोजगार से जोड़ने हेतु **कस्टम हायरिंग सेंटर (CHC)** की स्थापना के लिए विशेष मियादी वित्तीय पैकेज का विधिक अधिकार प्राप्त है। इस उन्नत 9-डेटा इनपुट पात्रता चेकर के माध्यम से अपनी प्रोफाइल के अनुकूल सही सरकारी योजना और आर्थिक सब्सिडी लाभ का लाइव आकलन करें।

🎯 इस फार्म मैकेनाइजेशन अनुशंसा टूल की मुख्य विशेषताएं:

  • 9-डेटा इनपुट व्यापक विधिक ऑडिट: यह सिम्युलेटर केवल सामान्य सब्सिडी नहीं बताता, बल्कि आपके विशिष्ट राज्य, जिले, कृषक वर्ग, वांछित कृषि यंत्र श्रेणी, और भूमि स्वामित्व जैसे 9 पैमानों को प्रोसेस करके पूर्णतः विशिष्ट कस्टमाइज्ड रिपोर्ट देता है।
  • SMAM 2026 लागत मापदंडों का एकीकरण: भारत सरकार और कृषि अभियांत्रिकी निदेशालय द्वारा चालू वित्तीय सत्र हेतु अधिसूचित वर्तमान बेंचमार्क लागत इंडेक्स के आधार पर वास्तविक सब्सिडी राशि की सटीक गणना करता है।
  • कस्टम हायरिंग (CHC) बजटीय स्लैब मैपिंग: व्यक्तिगत यंत्रों से लेकर ₹10 लाख से ₹25 लाख तक की संचित कस्टम हायरिंग सेंटर परियोजनाओं की विधिक ऋण एवं सब्सिडी संभावना डिकोड करता है।
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📢 केन्द्रीय अभियांत्रिकी लाइव अपडेट (वर्ष 2026): लघु, सीमांत, महिला, और अनुसूचित जाति/जनजाति (SC/ST) श्रेणी के किसानों के लिए कतिपय उन्नत श्रेणियों (जैसे: हैप्पी सीडर, ड्रोन, मल्चर) पर व्यक्तिगत यंत्र सब्सिडी स्लैब को बढ़ाकर अधिकतम **50% से 80%** तक सुनिश्चित किया गया है।
⏳ कृषि अभियांत्रिकी निदेशालय वार्षिक सब्सिडी टोकन आवंटन विंडो
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राज्यों के डीबीटी पोर्टल्स पर कृषि यंत्रों हेतु 'ऑनलाइन टोकन जनरेशन' और अग्रिम इन-प्रिंसिपल अप्रूवल (IPA) प्राप्त करने का लाइव आवर्ती समय अंतराल।
📋 अपनी कृषि प्रोफ़ाइल एवं यंत्र आवश्यकताएं चुनें
🚀 कृषि यंत्र सब्सिडी टोकन प्राप्त कर साख समावेशन पूर्ण करने का 5-स्टेप रोडमैप
📌 1. राज्य के डीबीटी साख पोर्टल पर अपनी विशिष्ट कृषक प्रविष्टि लॉक करना

अपने राज्य के कृषि विभाग पोर्टल (जैसे UP में Upagriculture, एमपी में E-Krishi) पर आधार ओटीपी द्वारा लॉगिन कर खतौनी और बैंक पासबुक क्रेडेंशियल्स को अपडेट सिंक कराएं।

📌 2. लक्षित यंत्र श्रेणी के अनुसार विधिक ऑनलाइन 'टोकन जनरेशन' निष्पादन

कृषि यंत्रीकरण निदेशालय द्वारा स्लॉट नोटिफिकेशन लाइव होते ही, इच्छित यंत्र (जैसे रोटावेटर या थ्रेशर) का चयन कर टोकन प्राप्त करें और निर्धारित समय में अग्रिम धरोहर राशि चालान लॉक करें।

📌 3. अधिकृत एम्पैनल्ड डीलर से विधिक 'कोटेशन इनवॉइस (Performa Invoice)' संकलन

विभाग द्वारा एम्पैनल्ड डीलर (Authorized Dealer) के पास जाकर उस यंत्र के विधिक 'FMTTI परीक्षण कूट संख्या' की जांच करें और कुल लागत मूल्य का आधिकारिक कोटेशन पत्र प्राप्त करें।

📌 4. किसान शेयर (Farmer Share) का प्रेषण एवं यंत्र भौतिक क्रय

इन-प्रिंसिपल अप्रूवल (IPA) संख्या प्राप्त होने के उपरांत, सब्सिडी राशि काटकर बचे हुए शुद्ध किसान अंश का भुगतान डीलर को बैंक ड्राफ्ट/ऋण नोड द्वारा कर यंत्र की भौतिक सुपुर्दगी (Delivery) प्राप्त करें।

📌 5. विभागीय सत्यापन टीम द्वारा भौतिक निरीक्षण एवं डीबीटी सब्सिडी विमुक्तीकरण

कृषि विस्तार अधिकारी आपके खेत पर आकर यंत्र के चेसिस सीरियल नंबर और लेजर कट्स की भौतिक फोटो/वेरिफिकेशन रिपोर्ट लॉक करेगा, जिसके उपरांत संचित सब्सिडी सीधे आपके खाते में क्रेडिट कर दी जाएगी।

📋 अपनी कृषि आवश्यकताओं के अनुसार सही मशीनीकरण विलेख चुनने के 3 विधिक तरीके
🥛 व्यक्तिगत कृषि यंत्र सब्सिडी (SMAM Node)
🔌 कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापना (CHC Project)
☀️ हाय-टेक मशीनरी बैंक (FPOs / PACS)
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लघु जोत व्यक्तिगत आवश्यकता

यह घटक उन किसानों हेतु विधिक रूप से लागू है जो अपने निजी स्वामित्व वाले खेत की जुताई-बुवाई हेतु व्यक्तिगत स्तर पर एक या दो यंत्र क्रय करना चाहते हैं।

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40% से 50% तक फ्लैट वित्तीय सहायता

SMAM मानदंडों के अनुसार सामान्य श्रेणी को 40% तथा लघु, सीमांत, महिला और SC/ST कृषकों को बेंचमार्क लागत पर सीधे 50% की डीबीटी सब्सिडी विमुक्त की जाती है।

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सीमित यंत्र आवंटन नियम

विधिक साख सुरक्षा मापदंडों के अनुसार एक किसान परिवार को 3 वर्षों की समय-सीमा चक्र के भीतर एक विशिष्ट श्रेणी का यंत्र केवल एक बार ही आवंटित किया जा सकता है।

1
ग्रामीण रोजगार साख मॉडल

यह परियोजना नोड ग्रामीण युवाओं, कृषि स्नातकों और प्रगतिशील कृषकों के लिए है जो ट्रैक्टर सहित ₹10 लाख तक के यंत्रों का संचित बैंक बना रहे हैं।

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फ्लैट 40% संचित कैपिटल सब्सिडी

ऋण प्रोजेक्ट क्रेडेंशियल्स पास होने पर कुल ₹10 लाख की लागत सीमा तक सीधे **₹4,00,000 (चार लाख रुपये)** की भारी बैक-एंडेड पूंजीगत सब्सिडी प्रदान की जाती है।

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नाबार्ड सॉफ्ट मियादी सावधि ऋण

शेष 60% राशि के लिए उद्यमी को नाबार्ड के विनिर्देश दिशानिर्देशों के तहत बिना किसी कठिन कोलेटरल के आसान साख टर्म लोन वित्तीय सहायता बैंक नोड द्वारा प्रदान की जाती है।

1
सामुदायिक हाय-टेक मशीनरी बैंक

यह विलेख विशेष रूप से पंजीकृत किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) और प्राथमिक कृषि साख समितियों (PACS नोड) के सामूहिक समावेशन हेतु आरक्षित है।

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₹25 लाख तक प्रोजेक्ट का दायरा

FPOs उच्च वित्तीय लागत वाले यंत्रों (कंबाइन हार्वेस्टर, बड़े रीपर, रोटोस्लैशर) के सामूहिक बैंक निर्माण हेतु ₹25 लाख तक का प्रोजेक्ट विलेख तैयार कर सकते हैं।

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ऐतिहासिक 80% सर्वोच्च बजटीय सब्सिडी

नाबार्ड और SMAM मिशन के विशेष प्रावधानों के तहत इन संस्थागत क्लस्टर्स को प्रोजेक्ट लागत इंडेक्स पर सीधे **80% (अधिकतम ₹20 लाख)** की सर्वोच्च बजटीय ग्रांट विमुक्त की जाती है।

✅ मशीनीकरण साख समावेशन की विधिक शर्तें और ❌ आवेदन रिजेक्शन के मुख्य प्रशासनिक कारण

✅ कृषि यंत्र सब्सिडी फ़ाइल तुरंत स्वीकृत होने की विधिक शर्तें
  • भूमि ओनरशिप रिकॉर्ड (खतौनी नकल) में मालिकाना हक पूरी तरह स्पष्ट हो और आवेदक का विधिक अंश हेक्टेयर सिंक हो।
  • ट्रैक्टर चालित यंत्रों (रोटावेटर आदि) हेतु आवेदक के नाम पर वैध 'व्यावसायिक ट्रैक्टर पंजीकरण विलेख (RC Copy)' दर्ज हो।
  • चयनित कृषि यंत्र भारत सरकार के अधिकृत परीक्षण संस्थान (FMTTI Test Node) से विधिवत प्रमाणित सूचकांक में दर्ज हो।
❌ डेस्क संवीक्षा (Scrutiny) में आवेदन खारिज होने के मुख्य कारण
  • No Test Certificate Discrepancy: बिना किसी मान्य व्यावसायिक परीक्षण रिपोर्ट (FMTTI Cert) वाले स्थानीय कबाड़/अमानक श्रेणी का यंत्र डीबीटी बिल लेजर में चढ़ाना।
  • Invalid Tractor R.C. Error: ट्रैक्टर चालित हैवी श्रेणी यंत्र हेतु आवेदन करना परंतु स्वयं के नाम पर वैध आरसी (Tractor Registration Copy) साक्ष्य उपलब्ध न होना।
  • PACS/Bank Overdue Default: आवेदक का स्थानीय सहकारी बैंक अथवा किसी अन्य वित्तीय प्राथमिक संस्था में पुराना कृषि ऋण खाता अतिदेय (Defaulter Record) पर होना।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs) - फार्म मैकेनाइजेशन योजना विशेष

01. सब-मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन (SMAM) योजना के तहत मिलने वाली विधिक सब्सिडी दरें क्या हैं? +
SMAM 2026 मिशन के आधिकारिक विनिर्देशों के अनुसार, व्यक्तिगत कृषि यंत्रों की खरीद पर सामान्य वर्ग के किसानों को बेंचमार्क लागत का **40%** तथा लघु, सीमांत, महिला, और अनुसूचित जाति/जनजाति (SC/ST) श्रेणी के किसानों को सीधे **50% की फ्लैट वित्तीय सब्सिडी** प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के तहत दी जाती है। FPOs को कस्टम हायरिंग बैंक पर 80% तक लाभ मिलता है।
02. कल्टीवेटर या रोटावेटर सब्सिडी का लाभ लेने के लिए स्वयं के नाम पर ट्रैक्टर होना क्यों विधिक रूप से अनिवार्य है? +
चूंकि रोटावेटर, लेजर लैंड लेवलर, और पावर हैरो जैसे हैवी यंत्र पूरी तरह ट्रैक्टर चालित (Tractor Operated Implements) परिसंपत्तियां हैं, अतः नियमों के अनुसार आवेदक के पास ट्रैक्टर का होना अनिवार्य प्राथमिक शर्त है। डेस्क संवीक्षा के समय यदि आपके आधार नाम से लिंक वैध 'ट्रैक्टर आरसी (RC Copy)' क्रेडेंशियल्स सिंक नहीं होते, तो सॉफ्टवेयर लॉग फ़ाइल स्वतः निरस्त (Reject) कर देगा। हस्तचालित यंत्रों हेतु आरसी की आवश्यकता नहीं होती।
03. कस्टम हायरिंग सेंटर (Custom Hiring Center - CHC) योजना के तहत मिलने वाला विधिक बजटीय वित्तीय लाभ क्या है? +
ग्रामीण युवाओं और सहकारी समितियों हेतु CHC योजना के अंतर्गत अधिकतम **₹10,00,000 (दस लाख रुपये)** की संचित परियोजना लागत का विधिक प्रावधान है। इस प्रोजेक्ट क्रेडेंशियल्स पर सरकार द्वारा सीधे **40% की फ्लैट पूंजीगत सब्सिडी (अधिकतम ₹4,00,000)** प्रदान की जाती है। शेष 60% राशि हेतु बैंक नोड द्वारा टर्म लोन की सुविधा नाबार्ड पुनर्वित्त दिशानिर्देशों के तहत दी जाती है।
04. क्या कृषि यंत्रों की खरीद हेतु खुली बाजार के किसी भी लोकल मिस्त्री/वेंडर के बिल विधिक रूप से मान्य हैं? +
बिलकुल नहीं, यह विधिक रूप से पूर्णतः प्रतिबंधित है। सब्सिडी का लाभ केवल और केवल तभी देय होगा जब आपके द्वारा खरीदा गया यंत्र कृषि अभियांत्रिकी संभाग द्वारा **सूचीबद्ध अधिकृत डीलरों (Empaneled Dealers)** के माध्यम से लिया गया हो, और उस विशिष्ट यंत्र मॉडल के पास भारत सरकार के संस्थान (जैसे FMTTI बुदनी, हिसार, अनंतपुर) द्वारा जारी वैध **व्यावसायिक परीक्षण रिपोर्ट (ICT Test Certificate)** साक्ष्य संख्या दर्ज हो।
05. 'सब्सिडी टोकन जनरेशन' (Token Generation Window) क्या है और इसमें अग्रिम धरोहर राशि क्यों लॉक की जाती है? +
पारदर्शिता सुनिश्चित करने और केवल वास्तविक जरूरतमंद किसानों को साक समावेशन का लाभ देने हेतु डिस्कॉम पोर्टल्स पर ऑनलाइन 'टोकन जनरेशन' मैकेनिज्म लागू है। बड़े/महंगे यंत्रों (जैसे कंबाइन हार्वेस्टर, लेजर लेवलर) का टोकन कंफर्म करने हेतु किसानों को विभाग के बैंक नोड पर ₹2,500 से ₹5,000 तक की विधिक धरोहर राशि (Emd Invoice) ऑनलाइन लॉक करनी होती है, जो भौतिक सत्यापन के बाद सीधे खाते में रिफंड हो जाती है।
06. क्या एक किसान एक वित्तीय वर्ष में एक से अधिक कृषि यंत्रों पर सब्सिडी का विधिक दावा कर सकता है? +
विधिक क्रेडेंशियल नियमों के अनुसार, एक व्यक्तिगत किसान आधार पहचान पत्र नोड के तहत एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम **2 अलग-अलग श्रेणियों के कृषि यंत्रों** (जैसे 1 जुताई यंत्र + 1 बुवाई यंत्र) हेतु ही सब्सिडी टोकन लॉक कर सकता है। एक ही श्रेणी के डुप्लिकेट यंत्र आवेदन होने पर प्रणाली उसे 'Over-allocation Error' के तहत स्वतः रिजेक्ट श्रेणी में डाल देगी।
07. एक बार किसी यंत्र पर सब्सिडी का लाभ लेने के बाद, मैं उसी यंत्र पर दोबारा कब विधिक आवेदन कर सकता हूँ? +
कृषि मंत्रालय की साख समावेशन नीति के अनुसार, किसी विशिष्ट कूट संख्या वाले कृषि यंत्र (उदा: पावर थ्रेशर) पर एक बार डीबीटी सब्सिडी प्राप्त करने के बाद, आप आगामी **3 वित्तीय वर्षों (3 Years Restrict Window)** की समयावधि समाप्त होने से पूर्व उसी विशिष्ट यंत्र हेतु पुनः आवेदन करने के विधिक रूप से पात्र नहीं माने जाएंगे। 3 वर्ष पार होने पर लेजर स्वतः री-स्टोर हो जाएगा।
08. किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) के लिए हाय-टेक मशीनरी बैंक योजना के तहत विधिक वित्तीय आवंटन क्या निर्धारित है? +
FPOs और प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (PACS नोड) को सामुदायिक मशीनीकरण से जोड़ने हेतु अधिकतम **₹25,00,000 (पच्चीस लाख रुपये)** तक की बड़ी परियोजना सीमा का विधिक प्रावधान है। इस संस्थागत क्लस्टर को कुल लागत पर सीधे **80% की सर्वोच्च बजटीय सब्सिडी (अधिकतम ₹20,00,000)** direct एस्क्रो चालान हस्तांतरण द्वारा विमुक्त की जाती है।
09. क्या कृषि यंत्रों की खरीद हेतु मिलने वाली सब्सिडी राशि सीधे डीलर को जाती है या किसान के खाते में क्रेडिट होती है? +
यह राज्यों की कार्यान्वयन प्रणाली पर निर्भर करता है। वर्तमान में अधिकांश राज्यों में **किसान-केंद्रित डीबीटी मॉडल** लागू है, जहाँ कृषक को शुरू में डीलर काउंटर पर पूरा लागत मूल्य स्वयं या बैंक लोन द्वारा चुकाना होता है। इसके उपरांत भौतिक सत्यापन पूरा होते ही कुल स्वीकृत सब्सिडी राशि सीधे किसान के आधार लिंक बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के तहत रिफंड क्रेडिट कर दी जाती है। कतिपय राज्यों में नेट-बैंकिंग वेंडर इनवॉइस चालान मॉडल भी सक्रिय है।
10. यंत्र क्रय करने और डीबीटी इनवॉइस अपलोड होने के बाद भी यदि कृषि अधिकारी 2 महीने तक भौतिक सत्यापन (Survey) न करे तो कहाँ अपील करें? +
यह विभागीय सेवा और प्रशासनिक समय-सीमा नियमों का सीधा उल्लंघन है। विधिक नियमानुसार भौतिक क्रय इनवॉइस अपलोड होने के अधिकतम 30 कार्य दिनों के भीतर स्थलीय सत्यापन अनिवार्य है। अत्यधिक विलंब होने पर आप अपनी पावती रसीद संख्या के साथ सीधे जिले के 'उप-कृषि निदेशक (Deputy Director of Agriculture - DDA Nođe)' को लिखित प्रतिवेदन सौंपें, अथवा केंद्र सरकार के सर्वोच्च प्रशासनिक निवारण पटल (pgportal.gov.in) पर सीधे कृषि मंत्रालय नोडल विंग को केस प्रेषित करें।

📢 कृषि यंत्र आवंटन विसंगति अथवा प्रशासनिक साख समावेशन लापरवाही की विधिक शिकायत हेतु संपर्क

• राष्ट्रीय कृषि साख एवं अभियांत्रिकी समावेशन डीबीटी सर्वर: agrimachinery.nic.in (अखिल भारतीय आधिकारिक नोड)
• केन्द्रीय लोक शिकायत निवारण पटल (CPGRAMS Central Desk): pgportal.gov.in (यहाँ सीधे ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें)
• विधिक निर्देश विनिर्देश: कतिपय अनधिकृत स्थानीय डीलर व बिचौलिए सोशल मीडिया नेटवर्क पर 'तत्काल कंबाइन हार्वेस्टर लॉटरी लिस्ट' या 'बिना ट्रैक्टर आरसी के 80% रोटावेटर सब्सिडी पास कराने' का फर्जी झांसा देकर कृषकों से उनके व्यक्तिगत भूमि भूलेख रिकॉर्ड और आधार लिंक ओटीपी (OTP) क्रेडेंशियल्स की मांग ऑफलाइन करते हैं। विधिक सुरक्षा मानकों के अनुसार, कभी भी किसी सादे कागज़ या अनधिकृत बैंक नोड पर कोई भी अग्रिम अग्रिम धनराशि स्थानांतरित न करें; समस्त विलेख प्रचालन केवल कृषि विभाग की आधिकारिक राजकीय `.gov.in` वेबसाइट के नोड सर्वर द्वारा ही निष्पादित करें।
नोट: यह प्लेटफार्म (NRDP) एक स्वतंत्र नागरिक समावेशन सूचना पोर्टल है। यह टूल उपयोगकर्ता द्वारा चुनी गई कृषक श्रेणियों, यंत्र प्रकार विनिर्देशों, ट्रैक्टर स्वामित्व क्षमता और इनपुट्स के आधार पर केवल विधिक डिकोडिंग और सब-मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन (SMAM 2026) की सामान्य गाइडलाइंस के अनुसार अनुमानित (Estimated) कुल स्थापना लागत, बजटीय सब्सिडी राहत और अनिवार्य मार्जिन शेयर देयता प्रस्तुत करता है। वास्तविक लाइव सब्सिडी आवंटन, टोकन चालान जनरेशन, वेंडर सामग्री प्रेषण क्रेडेंशियल्स और अंतिम सावधि ऋण संवितरण का विधिक निर्णय पूरी तरह से आपके जिले की जिला स्तरीय कृषि कार्यकारी समिति (DLHC नोड), आपके राज्य के वर्तमान वित्तीय वर्ष के भौतिक बजटीय लक्ष्यों (Targets) की उपलब्धता, और आपके भूलेख रिकॉर्ड की अंतिम स्थलीय भौतिक राजस्व सत्यता पर निर्भर करता है।
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