पॉलीहाउस व ड्रिप सिंचाई सब्सिडी कैलकुलेटर | NRDP Hub

पॉलीहाउस वै ड्रिप सिंचाई सब्सिडी कैलकुलेटर (Polyhouse & Drip Irrigation Subsidy)

समेकट बागवानी विकास मिशन (MIDH), राष्ट्रीय बागवानी मिशन (NHM) और प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY - Per Drop More Crop) भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा संचालित अत्यधिक प्रभावी विधिक समावेशन प्रणालियाँ हैं। इसका मुख्य उद्देश्य मौसम की अनिश्चितता से फसलों की रक्षा करना, जल संचयन को बढ़ावा देना और उच्च मूल्य वाली बागवानी फसलों की उत्पादकता बढ़ाना है। विधिक मानदंडों के अनुसार, किसानों को उनके भौगोलिक क्षेत्र, सामाजिक श्रेणी और जोत के आकार के आधार पर **50% से 90% तक की भारी बजटीय सब्सिडी** पर आधुनिक पॉलीहाउस, शेडनेट हाउस और ड्रिप/स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणालियों की स्थापना का विधिक अधिकार दिया गया है। इस उन्नत 9-डेटा इनपुट कस्टमाइज्ड पात्रता सिम्युलेटर के माध्यम से अपनी विधिक पात्रता, निर्माण लागत और वित्तीय सब्सिडी घटक का लाइव विश्लेषण करें।

🎯 इस विशिष्ट बागवानी सब्सिडी कैलकुलेटर की मुख्य विशेषताएं:

  • 9-डेटा इनपुट व्यापक विधिक ऑडिट: यह सिम्युलेटर उपयोगकर्ता के विशिष्ट राज्य, जिले, किसान वर्ग, संरक्षित संरचना प्रकार, कुल क्षेत्रफल (वर्ग मीटर/हेक्टेयर) और सिंचाई बुनियादी ढांचे जैसे 9 वास्तविक पैमानों को प्रोसेस करके पूर्णतः प्रामाणिक रिपोर्ट तैयार करता है।
  • NHM 2026 लागत मानदंडों का एकीकरण: चालू वित्तीय वर्ष हेतु राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड और राज्य बागवानी विभागों द्वारा अधिसूचित प्रति वर्ग मीटर संशोधित लागत नोड्स के आधार पर सटीक गणना करता है।
  • नाबार्ड टर्म लोन (Term Loan) संभावना मैपिंग: सरकारी सब्सिडी स्लैब के बाद शेष बचे किसान शेयर अंश हेतु संस्थागत रियायती साख लोन संभावनाओं का विधिक मूल्यांकन प्रस्तुत करता है।
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📢 केन्द्रीय बागवानी लाइव निर्देश (वर्ष 2026): लघु, सीमांत, महिला, और अनुसूचित जाति/जनजाति (SC/ST) श्रेणी के कृषकों के लिए 'Per Drop More Crop' गाइडलाइंस के तहत सूक्ष्म सिंचाई (ड्रिप/स्प्रिंकलर) पर मिलने वाली टॉप-अप सब्सिडी को बढ़ाकर अधिकतम **90%** तक कर दिया गया है।
⏳ बागवानी विभाग वार्षिक प्रशासनिक लक्ष्य (Target) क्लोजिंग विंडो
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चालू वित्तीय सत्र के भौतिक लक्ष्यों के तहत इन-प्रिंसिपल अप्रूवल (IPA) प्राप्त करने और सब्सिडी कोटा लॉक करने का लाइव आवर्ती समय अंतराल।
📋 अपनी कृषि प्रोफाइल एवं प्रोजेक्ट विनिर्देश दर्ज करें
🚀 पॉलीहाउस व ड्रिप सिस्टम स्वीकृत कराकर हाई-टेक खेती शुरू करने का 5-स्टेप रोडमैप
📌 1. जिला बागवानी अधिकारी कार्यालय (Horticulture Department Node) से संपर्क

यह योजना पूर्णतः बजटीय लक्ष्यों (Targets) पर आधारित है। अपने जिले की वित्तीय समावेशन खिड़की सक्रिय होने पर प्रमाणित डिजिटल खतौनी और पहचान पत्र के साथ आवेदन प्रारूप प्राप्त करें。

📌 2. एम्पैनल्ड अधिकृत एजेंसी द्वारा प्रोजेक्ट कोटेशन एवं डिज़ाइन लेआउट तैयार करना

विभाग द्वारा पंजीकृत वेंडर कंपनियों (Empaneled Vendors) से संपर्क कर पॉलीहाउस संरचना का स्ट्रक्चरल ड्राइंग नक्शा और ड्रिप पाइप नेटवर्क का तकनीकी एस्टिमेट बिल बनवाकर फाइल में संलग्न करें。

📌 3. प्रशासनिक इन-प्रिंसिपल अप्रूवल (IPA) एवं टोकन मनी क्रेडेंशियल लॉकिंग

जिला बागवानी समिति द्वारा दस्तावेजों की डेस्क संवीक्षा पास होने पर आपको आधिकारिक 'सैद्धांतिक स्वीकृति पत्र (IPA Node)' जारी किया जाएगा। इसके उपरांत विभाग के ट्रेजरी पटल पर अपनी टोकन प्रविष्टि लॉक करें।

📌 4. बैंक टर्म लोन क्लोजर अथवा प्रमोटर मार्जिन शेयर का प्रेषण

IPA जारी होने के बाद, बैंक लोन नोड द्वारा अथवा स्वतः पूंजी संचरण द्वारा कुल प्रोजेक्ट लागत का प्रमोटर शेयर (10% से 50%) वेंडर नोड के विलेख एस्क्रो खाते में जमा कर निर्माण प्रविष्टि सक्रिय करें।

📌 5. भौतिक निर्माण संवीक्षा, संयुक्त स्थलीय निरीक्षण (JIT Survey) और सब्सिडी विमुक्तीकरण

पॉलीहाउस व ड्रिप स्थापना पूर्ण होने पर बागवानी अधिकारी, बैंक प्रतिनिधि और कृषि वैज्ञानिक की संयुक्त टीम (Joint Inspection Team) खेत पर आकर जीपीएस फोटोग्राफी द्वारा भौतिक सत्यापन करेगी, जिसके उपरांत संचित सब्सिडी राशि बैंक लोन खाते में सिंक कर दी जाएगी।

📋 अपनी कृषि आवश्यकताओं के अनुसार सही बागवानी ढांचा चुनने के 3 विधिक तरीके
🥛 ट्यूबलर पॉलीहाउस (Component A)
🔌 शेडनेट हाउस ढांचा (Component B)
☀️ ओपन फील्ड ड्रिप सूक्ष्म सिंचाई (Component C)
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उच्च मूल्य ऑफ-सीजन फसल नोड

यह घटक उन कृषकों हेतु विधिक रूप से अनुशंसित है जो नियंत्रित वातावरण में विदेशी सब्जियां (चेरी टमाटर, रंगीन शिमला मिर्च, खीरा) अथवा फूलों की व्यावसायिक खेती करना चाहते हैं।

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संशोधित बेंचमार्क लागत स्लैब

MIDH 2026 विनिर्देशों के अनुसार, प्रति वर्ग मीटर लागत संरचना ₹844 से ₹1060 (क्षेत्रफल के अनुसार घटते क्रम में चक्रवृद्धि चक्र) विधिक रूप से तय है।

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50% से 70% तक संचित बजटीय सब्सिडी

सामान्य क्षेत्रों में 50% तथा पहाड़ी, जनजातीय एवं पूर्वोत्तर राज्यों के कृषकों हेतु विशेष बजटीय टॉप-अप मिलाकर पूरे 70% तक की विधिक कैपिटल सब्सिडी देय है।

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कम लागत कीट-सुरक्षा खेती

यह ट्यूबलर संरचना उन क्षेत्रों हेतु विधिक रूप से पात्र है जहाँ अत्यधिक तेज धूप, पाला अथवा कीटों (White Fly) के प्रकोप से पारंपरिक बागवानी फसलें (टमाटर, मिर्च, नर्सरी पौधे) नष्ट हो जाती हैं।

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आर्थिक लागत लाभ सूचकांक

इसकी आधिकारिक बेंचमार्क स्थापना लागत पॉलीहाउस की तुलना में काफी कम (लगभग ₹620 से ₹710 प्रति वर्ग मीटर) तय की गई है, जिससे सीमांत किसानों पर वित्तीय भार कम पड़ता है।

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50% की निश्चित सहायता संरचना

राष्ट्रीय बागवानी मिशन के विधिक साख समावेशन नियमों के अंतर्गत देश के सभी योग्य व्यक्तिगत किसानों को इस घटक पर 50% की फ्लैट कैपिटल सब्सिडी बैक-एंडेड माध्यम से विमुक्त की जाती है।

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'Per Drop More Crop' जल संचयन

यह माध्यम उन खुले खेतों (Open Field) के बागवानी बागानों, फलदार वृक्षों (अनार, नींबू, केला) अथवा खाद्यान्न कतारबद्ध फसलों हेतु विधिक रूप से पात्र है जहाँ पानी की गंभीर कमी है।

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पशुधन व सीमांत श्रेणी हेतु कड़ा सुरक्षा कवर

लघु, सीमांत, महिला और SC/ST कृषकों हेतु योजना के तहत ऐतिहासिक **85% से 90% तक की सर्वोच्च बजटीय सब्सिडी** सीधे वेंडर नोड पर स्थानांतरित की जाती है। बड़े किसानों को 75% लाभ मिलता है।

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अनिवार्य विधिक वॉटर सिंकिंग नोड

ड्रिप घटक का लाभ लेने हेतु खेत पर एक सक्रिय जल स्रोत (बोरवेल अथवा डिग्गी) का होना और मृदा-जल परीक्षण क्रेडेंशियल्स का बैंक लेजर में अपलोड होना अनिवार्य विधिक शर्त है।

✅ बागवानी साख समावेशन की शर्तें और ❌ प्रशासनिक होल्ड/निरस्तीकरण के विधिक कारण

✅ पॉलीहाउस व ड्रिप सब्सिडी तुरंत पास होने की विधिक शर्तें
  • भूमि मालिकाना हक भूलेख राजस्व रिकॉर्ड (खतौनी नकल) पूर्णतः बेदाग हो और आवेदक का विधिक अंश हिस्सा हेक्टेयर में स्पष्ट दर्ज हो।
  • सूक्ष्म सिंचाई प्रचालन हेतु भूखंड पर क्रियाशील मीठे पानी का स्रोत (Borewell/Well) भौतिक रूप से क्रियाशील उपलब्ध हो।
  • प्रस्तावित परियोजना क्षेत्र बागवानी विभाग द्वारा अधिसूचित न्यूनतम (1,000 Sq.M.) और अधिकतम (4,000 Sq.M. प्रति किसान) विधिक सीमाओं के भीतर लॉक हो।
❌ डेस्क संवीक्षा (Scrutiny) में आवेदन खारिज होने के मुख्य कारण
  • No Functional Water Source: खेत पर बोरवेल या खेत तालाब का भौतिक अस्तित्व न होना, अथवा पानी का अत्यधिक खारा होना जो सूक्ष्म ड्रिप ड्रिपर नोड्स को ब्लॉक कर दे।
  • Joint Khata NOC Discrepancy: संयुक्त खाते की स्थिति में राजस्व हिस्सा स्पष्ट न होना अथवा अन्य सह-खातेदारों का नोटरीकृत अनापत्ति हलफनामा (NOC Deed) संलग्न न करना।
  • Prior Overdue / Defaulter Profile: आवेदक का किसी अन्य वित्तीय वाणिज्यिक बैंक अथवा PACS प्राथमिक सहकारी समिति में पुराना फसल/मियादी ऋण अतिदेय (Defaulter) होना।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs) - पॉलीहाउस व ड्रिप सब्सिडी विशेष

01. पॉलीहाउस और शेडनेट हाउस निर्माण हेतु MNRE/MIDH द्वारा निर्धारित विधिक सब्सिडी दरें क्या हैं? +
MIDH structures और राष्ट्रीय बागवानी मिशन (NHM) की विधिक बजटीय संरचना के अनुसार, सामान्य राज्यों में ट्यूबलर पॉलीहाउस और शेडनेट निर्माण की कुल बेंचमार्क लागत पर सीधे **50% की विधिक कैपिटल सब्सिडी** प्रदान की जाती है। पहाड़ी, जनजातीय और उत्तर-पूर्वी राज्यों (जैसे हिमाचल, उत्तराखंड, J&K) के कृषकों के लिए विशेष बजटीय टॉप-अप मिलाकर यह वित्तीय लाभ अधिकतम **70%** तक विमुक्त किया जाता है।
02. 'Per Drop More Crop' योजना के तहत ड्रिप सिंचाई (Drip Irrigation) पर लघु/सीमांत किसानों को कितनी विधिक सब्सिडी मिलती है? +
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) की संवर्धित गाइडलाइंस 2026 के अनुसार, देश के सभी राज्यों में लघु, सीमांत, महिला और अनुसूचित जाति/जनजाति (SC/ST नोड) श्रेणी के किसानों के लिए ड्रिप और स्प्रिंकलर सिस्टम की स्थापना पर **85% से 90% तक की भारी वित्तीय सब्सिडी** प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के विधिक प्रावधानों के तहत देय है। बड़े किसानों को इस पर 75% लाभ मिलता है।
03. एक किसान अपने नाम दर्ज भूमि पर अधिकतम कितने क्षेत्रफल हेतु पॉलीहाउस सब्सिडी का विधिक दावा कर सकता है? +
नाबार्ड और बागवानी मिशन के कड़े विधिक सुरक्षा समावेशन मापदंडों के अनुसार, एक योग्य व्यक्तिगत आधार कार्ड क्रेडेंशियल के तहत एक वित्तीय वर्ष में न्यूनतम **1,000 वर्ग मीटर (1,000 Sq.M.)** से लेकर अधिकतम **4,000 वर्ग मीटर (4,000 Sq.M.)** तक के क्षेत्रफल हेतु ही सरकारी सब्सिडी का विमुक्तीकरण न्यायसंगत है। इससे अधिक क्षेत्रफल होने पर पूरक व्यावसायिक उद्यम नीति प्रविष्टि लागू होगी।
04. क्या पॉलीहाउस के विलेख पर सब्सिडी प्राप्त करने के लिए ड्रिप सिंचाई प्रणाली का होना विधिक रूप से अनिवार्य है? +
हाँ, यह संरक्षित बागवानी समावेशन का एक अनिवार्य विधिक घटक है। नाबार्ड और MIDH के तकनीकी नियमों के अनुसार, पॉलीहाउस के भीतर पारंपरिक खुली सिंचाई (Flooding) पूर्णतः प्रतिबंधित है क्योंकि वह संरचना के भीतर अत्यधिक आर्द्रता बढ़ाकर कवक जनित रोगों को जन्म देती है। अतः पॉलीहाउस सब्सिडी फाइल की डेस्क संवीक्षा पास कराने के लिए ड्रिप सिंचाई और फॉगिंग सिस्टम (Fogging Node) का इंटीग्रेटेड एस्टिमेट संलग्न करना विधिक रूप से अनिवार्य शर्त है।
05. संयुक्त खाते (Joint Khata) दर्ज होने की स्थिति में सह-खातेदारों का अनापत्ति पत्र (NOC) न देने पर क्या फ़ाइल खारिज हो सकती है? +
हाँ, यह प्रशासनिक रूप से फ़ाइल 'होल्ड' कोड में जाने का सबसे मुख्य कारण है। चूंकि पॉलीहाउस एक दीर्घकालिक अचल अवसंरचना है, बैंक और बागवानी विभाग वित्तीय सुरक्षा कारणों से संयुक्त भूमि पर अकेले निर्माण की अनुमति नहीं दे सकते। इसका विधिक निवारण यह है कि आप अन्य सह-खातेदारों से ₹100 के स्टांप पेपर पर नोटरीकृत 'अनापत्ति शपथ पत्र' (NOC Deed) निष्पादित कराएं, जिस पर स्पष्ट अंकित हो कि उन्हें आपके पॉलीहाउस लगाने से कोई विधिक आपत्ति नहीं है। इसके साथ पटवारी का हिस्सा अंश प्रमाण पत्र संलग्न करें।
06. क्या पट्टे/किराये की कृषि भूमि (Leased Land) पर भी पॉलीहाउस या शेडनेट हाउस निर्माण हेतु सरकारी सब्सिडी पास हो सकती है? +
हाँ, पट्टे की भूमि पर साख समावेशन विधिक रूप से स्वीकार्य है। परंतु, बागवानी नियमों के अनुसार, भू-स्वामी के साथ निष्पादित किया गया कृषि पट्टा अनुबंध विलेख (Lease Agreement डीड) उप-निबंधक (Sub-Registrar) कार्यालय स्तर पर पंजीकृत होना अनिवार्य है और उसकी विधिक शेष कार्य अवधि न्यूनतम **10 से 15 वर्ष** होनी चाहिए, ताकि संरचना की भौतिक वारंटी और ऋण चुकौती चक्र सुरक्षित रहे। सादे कागज़ का मौखिक अनुबंध डेस्क संवीक्षा में स्वतः निरस्त (Reject) कर दिया जाएगा।
07. पॉलीहाउस प्रोजेक्ट की स्थापना लागत बहुत अधिक होने के कारण बचे हुए किसान शेयर (Farmer Share) हेतु लोन के क्या विधिक नियम हैं? +
पॉलीहाउस प्रोजेक्ट (उदा: 4,00,0 Sq.M. लागत लगभग ₹32-35 लाख) में 50% सब्सिडी के बाद बचे हुए किसान अंश हेतु नाबार्ड की साख समावेशन नीति के अंतर्गत व्यावसायिक बैंकों से **कृषि मियादी ऋण (Agriculture Term Loan)** प्राप्त करने का स्पष्ट विधिक अधिकार दिया गया है। यदि आवेदक का सिबिल व्यवहार बेदाग है, तो बैंक प्रोजेक्ट लागत का 80% से 85% तक सावधि ऋण स्वीकृत कर सीधे वेंडर एस्क्रो नोड पर प्रेषित कर देते हैं, और सब्सिडी आने पर लोन खाता आनुपातिक रूप से समायोजित हो जाता है।
08. क्या योजना के तहत स्थापित पॉलीहाउस संरचना और जीआई पाइपों (GI Pipes) पर कोई आधिकारिक विधिक वारंटी और बीमा सुरक्षा मिलती है? +
हाँ, MIDH के कड़े गुणवत्ता नियंत्रण विनिर्देशों के अनुसार, विभाग द्वारा अधिकृत एम्पैनल्ड कंपनियों (Empaneled Vendors) को संरचना के ट्यूबलर जीआई पाइप ढांचे पर न्यूनतम **3 से 5 वर्ष की स्ट्रक्चरल वारंटी** और पॉलीथीन फिल्म (UV Stabilized Polyethylene Film) पर न्यूनतम **3 वर्ष की वारंटी** देना विधिक रूप से अनिवार्य है। इसके साथ ही, बैंक लोन संवितरण के समय प्राकृतिक आपदाओं (अंधड़, ओलावृष्टि) से फसल व ढांचे की सुरक्षा हेतु प्रथम वर्ष का व्यापक अवसंरचना बीमा (Comprehensive Insurance Cover) विधिक रूप से लॉक करता है।
09. क्या बाजार से अपनी पसंद के किसी भी वेंडर से सोलर पंप खरीदकर मैं बाद में सरकारी सब्सिडी का दावा कर सकता हूँ? +
बिलकुल नहीं, यह विधिक रूप से पूर्णतः वर्जित और अवैध प्रक्रिया है। यदि आप खुले बाजार (Open Market) से मैन्युअल रूप से कोई भी सामग्री खरीदकर निर्माण करते हैं, तो विभाग आपको ₹1 की भी वित्तीय प्रतिपूर्ति जारी नहीं करेगा। विधिक नियम के अनुसार, सब्सिडी का लाभ केवल और केवल तभी देय होगा जब आपका आवेदन जिला बागवानी समिति द्वारा स्वीकृत होकर 'इन-प्रिंसिपल अप्रूवल (IPA)' संख्या जनरेट हुई हो और निर्माण कार्य केवल सरकार द्वारा **सूचीबद्ध अधिकृत वेंडरों (Empaneled Agencies)** के माध्यम से ही एस्टिमेट मानकों पर पूर्ण किया गया हो।
10. प्रशासनिक सैद्धांतिक स्वीकृति (IPA) मिलने और किसान अंश जमा होने के बाद भी यदि वेंडर 3 महीने तक निर्माण न करे, तो कहाँ विधिक अपील दर्ज कराएं? +
यह अनुबंध और उपभोक्ता साख संरक्षण नियमों का सीधा उल्लंघन है। नियमानुसार अंश राशि लॉक होने के अधिकतम 45 से 60 कार्य दिनों के भीतर भौतिक वेंडर द्वारा साइट पर निर्माण पूर्ण करना विधिक बाध्यता है। अत्यधिक प्रशासनिक लापरवाही होने पर आप अपनी मूल टोकन चालान रसीद संख्या के साथ सीधे राज्य बागवानी मिशन के 'मिशन निदेशक (Mission Director Node)' को लिखित विधिक नोटिस प्रेषित करें, अथवा केंद्र सरकार के सर्वोच्च प्रशासनिक निवारण पटल (pgportal.gov.in) पर सीधे कृषि मंत्रालय को केस दर्ज कराएं। वेंडर एजेंसी पर ब्लैकलिस्टिंग और दंडात्मक हर्जाना कार्रवाई लॉक की जाएगी।

📢 बागवानी अवसंरचना साक्ष्य विसंगति या प्रशासनिक लापरवाही की विधिक शिकायत हेतु संपर्क

• राष्ट्रीय समेकित बागवानी विकास मिशन (MIDH Cell Portal): midh.gov.in (अखिल भारतीय नोड)
• केन्द्रीय लोक शिकायत निवारण पटल (CPGRAMS Central Desk): pgportal.gov.in (यहाँ सीधे ऑनलाइन शिकायत प्रेषित करें)
• विधिक निर्देश विनिर्देश: कतिपय निजी अनधिकृत वेंडर व दलाल सोशल मीडिया नेटवर्क पर 'तत्काल पॉलीहाउस लॉटरी आवंटन' या 'बिना बैंक जांच के 90% ड्रिप सब्सिडी' पास कराने का झांसा देकर किसानों से उनके व्यक्तिगत भूलेख और गोपनीय ओटीपी (OTP) क्रेडेंशियल्स की मांग ऑफलाइन करते हैं। विधिक सुरक्षा मानकों के अनुसार, कभी भी किसी सादे कागज़ या अनधिकृत बैंक नोड पर कोई भी एस्क्रो अग्रिम धनराशि स्थानांतरित न करें; समस्त विलेख प्रचालन केवल राज्य बागवानी विभाग की आधिकारिक राजकीय `.gov.in` वेबसाइट के नोड सर्वर द्वारा ही निष्पादित करें।
नोट: यह प्लेटफार्म (NRDP) एक स्वतंत्र नागरिक समावेशन सूचना पोर्टल है। यह टूल उपयोगकर्ता द्वारा चुनी गई सामाजिक कृषक श्रेणियों, संरचना प्रकार, प्रस्तावित क्षेत्रफल वर्ग मीटर सूचकांक और इनपुट्स के आधार पर केवल विधिक डिकोडिंग और राष्ट्रीय बागवानी मिशन (MIDH 2026) की सामान्य गाइडलाइंस के अनुसार अनुमानित (Estimated) कुल स्थापना लागत, बजटीय सब्सिडी राहत और अनिवार्य मार्जिन शेयर देयता प्रस्तुत करता है। वास्तविक लाइव सब्सिडी आवंटन, टोकन चालान जनरेशन, वेंडर सामग्री प्रेषण क्रेडेंशियल्स और अंतिम सावधि ऋण संवितरण का विधिक निर्णय पूरी तरह से आपके जिले की जिला स्तरीय बागवानी समिति (DLHC नोड), आपके राज्य के वर्तमान वित्तीय वर्ष के भौतिक बजटीय लक्ष्यों (Targets) की उपलब्धता, और आपके भूलेख रिकॉर्ड की अंतिम स्थलीय भौतिक राजस्व सत्यता पर निर्भर करता है।
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