आपदा प्रभावित परिवार विशेष आवास राहत खोजक | NRDP Hub

आपदा प्रभावित परिवार विशेष आवास राहत खोजक (Disaster Affected Housing Relief Finder)

प्राकृतिक आपदाओं जैसे बाढ़, भूस्खलन, चक्रवात, भूकंप या आगजनी से जिन परिवारों के मकान पूरी तरह या आंशिक रूप से नष्ट हो जाते हैं, उन्हें भारत सरकार के **राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (SDRF)**, **राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (NDRF)** तथा **प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY Special Calamity Priority Window)** के तहत पुनर्वास सहायता दी जाती है। यह टूल आपके आपदा प्रकार, मकान की क्षति दर और भौगोलिक स्थिति के आधार पर **नकद अनुग्रह राशि (Ex-Gratia Grant)** और **विशेष आवास पुनर्वास सहायता** का कस्टमाइज्ड ब्यौरा तैयार करता है।

🎯 इस आपदा आवास राहत खोजक की मुख्य विशेषताएं:

  • SDRF/NDRF मकान क्षति मुआवजा आकलन: पूर्ण क्षतिग्रस्त पक्के/कच्चे घर (Fully Damaged) व आंशिक नुकसान (Severely/Partially Damaged) हेतु तत्काल नकद राहत।
  • PMAY विशेष आपदा प्राथमिकता लिंकेज: प्राकृतिक आपदा में बेघर हुए परिवारों को PMAY Gramin/Urban के तहत प्राथमिकता के आधार पर नया पक्का घर आवंटन।
  • अस्थाई शेल्टर व भूमि पुनर्वास सहायता: भूस्खलन/नदी कटाव में जमीन गंवाने वाले प्रभावितों के लिए वैकल्पिक सरकारी भू-अधिकार पट्टा सहायता।
👁️ 0 नागरिकों ने आपदा आवास राहत जाँची
📢 केन्द्रीय गृह मंत्रालय व गृह निर्माण राहत अपडेट (वर्ष 2026): SDRF/NDRF मानदंडों के तहत आपदा से पूर्ण नष्ट हुए मकानों हेतु सहायता राशि जारी करने के साथ PMAY विशेष विंडो से नया पक्का मकान स्वीकृत किया जाता है।
⏳ आपदा राहत दावों के सर्वेक्षण व सत्यापन की समय-सीमा
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अंचल अधिकारी (CO) व राजस्व अमीन द्वारा आपदा क्षति एसेसमेंट और मुआवजा सत्यापन चक्र।
📋 आपदा राहत व आवास सहायता खोजने हेतु 9-बिंदु ब्यौरा भरें
📌 आपदा राहत व नया आवास पाने का 4-स्टेप मास्टर रोडमैप (Detailed Guide)
📌 स्टेप 1: अंचल अधिकारी (CO) / अमीन के पास आपदा क्षति का प्रथम आवेदन पत्र जमा करना

आपदा घटना के तुरंत बाद अपने क्षेत्र के अंचल अधिकारी (CO Office) / तहसीलदार अथवा पंचायत सेक्रेटरी को लिखित आवेदन सौंपें। आवेदन के साथ मकान क्षति के फोटो, आधार कार्ड, और बैंक पासबुक की प्रति संलग्न करें। थाना डायरी (Sanaha/FIR) दर्ज कराएं यदि आगजनी या अनपेक्षित दुर्घटना हुई हो।

📌 स्टेप 2: राजस्व कर्मचारी/पटवारी द्वारा क्षति का भौतिक पंचनामा (Damage Assessment) तैयार करना

आवेदन मिलने पर हल्का कर्मचारी (पटवारी/अमीन) और आपदा राहत टीम मौके पर आकर क्षतिग्रस्त मकान का मुआयना करेगी। मकान की क्षति दर (Fully / Severely / Partially Damaged) का एसेसमेंट कर SDRF अनुग्रह राशि सूची तैयार की जाएगी।

📌 स्टेप 3: SDRF / NDRF नकद अनुग्रह सहायता (Ex-Gratia Grant) सीधे बैंक खाते (DBT) में पाना

क्षति सर्वे स्वीकृत होते ही SDRF आपदा कोष से तत्काल मरम्मत/पुनर्निर्माण हेतु निर्धारित नकद राशि (जैसे पूर्ण नष्ट पक्के/कच्चे घर हेतु ₹1.20L तक व आंशिक क्षति हेतु ₹6,500-₹15,000) सीधे आपके आधार-सीडेड बैंक खाते (DBT) में जमा की जाएगी।

📌 स्टेप 4: PMAY 'आपदा पीड़ित विशेष कोटा' के तहत नया पक्का घर व विस्थापितों को भू-पट्टा पाना

यदि प्राकृतिक आपदा में आपका घर पूरी तरह नष्ट हो गया है और आप भूमिहीन हो गए हैं, तो CO द्वारा मुफ़्त 'पुनर्वास भू-अधिकार पट्टा' आवंटित किया जाएगा। इस भूमि की मैपिंग के बाद PMAY 'Special Disaster Calamity Priority' के तहत नया पक्का मकान बनाने हेतु ₹1,20,000 (ग्रामीण) या ₹2,50,000 (शहरी BLC) का नकद अनुदान स्वीकृत किया जाएगा।

✅ पट्टा आवंटन की अनिवार्य शर्तें और ❌ निरस्त होने के कारण

✅ पट्टा आवंटन की अनिवार्य शर्तें:
  • पूर्ण भूमिहीनता: आवेदक परिवार के पास भारत में कहीं भी अपनी जमीन या पक्का मकान दर्ज न हो।
  • स्थायी निवास साक्ष्य: संबंधित राज्य व ग्राम पंचायत/वार्ड का वैध मूल निवास प्रमाण पत्र उपलब्ध हो।
  • महिला सह-स्वामित्व: पट्टा अनिवार्य रूप से परिवार की महिला सदस्य के मुख्य या संयुक्त नाम पर निर्गत हो।
  • बैंक आधार डीबीटी एक्टिव: नकद भूमि क्रय सहायता/अनुदान हेतु बैंक खाता NPCI से सीडेड हो।
❌ पट्टा आवंटन निरस्त होने के मुख्य कारण:
  • Pre-existing Property: परिवार के किसी सदस्य के नाम पहले से पक्की जमीन या मकान दर्ज होना।
  • False Self-Declaration: भूमिहीनता का गलत या झूठा शपथ पत्र जमा करना।
  • Income Limit Exceeded: परिवार की कुल वार्षिक आय EWS / BPL सीमा से अधिक होना।
  • Land Transfer Violation: आवंटित पट्टे की जमीन को 10 वर्ष की लॉक-इन अवधि में बेचना या किराए पर देना।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs) - आपदा आवास राहत विशेष

01. SDRF/NDRF के तहत आपदा में क्षतिग्रस्त मकानों को कितना नकद मुआवजा मिलता है? +
SDRF मानकों के तहत मैदानी क्षेत्रों में पूर्ण क्षतिग्रस्त पक्के/कच्चे घर हेतु ₹1,20,000 और पहाड़ी/दुर्गम क्षेत्रों में ₹1,30,000 की नकद सहायता मिलती है। आंशिक क्षति (Partially Damaged) हेतु ₹6,500 से ₹15,000 तथा नष्ट झोपड़ियों हेतु ₹8,000 की तत्काल राहत दी जाती है।
02. क्या आपदा में मकान नष्ट होने पर PMAY के तहत नया पक्का घर भी मिलता है? +
हाँ! प्राकृतिक आपदा (बाढ़, भूस्खलन, भूकंप) में बेघर हुए परिवारों को PMAY Gramin व Urban में 'विशेष आपदा कोटा (Special Calamity Window)' के तहत प्राथमिकता देकर नया पक्का घर स्वीकृत किया जाता है।
03. यदि नदी कटाव में मेरी जमीन और घर दोनों बह जाएं, तो सरकार क्या मदद करेगी? +
नदी कटाव या भूस्खलन में जमीन गंवाने वाले परिवारों को राज्य सरकार द्वारा प्राथमिकता पर सुरक्षित स्थान पर **वासभूमि पट्टा (Free Land Title)** आवंटित किया जाता है तथा PMAY से नया घर बनाने की राशि दी जाती है।
04. आपदा राहत की नकद राशि पाने हेतु कौन-से कागजात जमा करने होते हैं? +
मुख्य कागजात हैं: 1. अंचल अधिकारी/पटवारी का आपदा एसेसमेंट पंचनामा, 2. क्षतिग्रस्त घर की फोटो, 3. पीड़ित का आधार कार्ड, और 4. आधार-सीडेड बैंक पासबुक (NPCI Active)।
05. क्या आगजनी (Accidental Fire) में जला हुआ घर भी आपदा राहत में शामिल है? +
हाँ, अनपेक्षित आगजनी से नष्ट हुए घरों के लिए पुलिस एफआईआर/सनहा कॉपी और राजस्व अमीन की रिपोर्ट के आधार पर SDRF कोष से क्षतिपूर्ति सहायता दी जाती है।
06. क्या मुआवजा पाने के लिए किसी अधिकारी को फीस देनी होती है? +
बिल्कुल नहीं! आपदा राहत व मुआवजा पूरी तरह **100% नि:शुल्क** सरकारी सहायता है। किसी भी कर्मचारी को नकद राशि न दें।
07. यदि बैंक खाता आधार डीबीटी (NPCI Active) न हो तो क्या मुआवजा अटक जाएगा? +
हाँ, आपदा राहत की राशि केवल Direct Benefit Transfer (DBT) से सीधे खाते में भेजी जाती है, इसलिए बैंक में आधार सीडिंग होना अनिवार्य है।
08. आपदा सर्वेक्षण सूची में नाम छूट जाने पर क्या करें? +
तुरंत अपने अंचल अधिकारी (CO) या जिलाधिकारी (DM / Collector) के पास लिखित आवेदन देकर पुनः सर्वेक्षण कराने का अनुरोध करें।
09. क्या अस्थायी तिरपाल/प्लास्टिक शेल्टर हेतु भी नकद मदद मिलती है? +
हाँ, आपदा के तुरंत बाद प्रशासन द्वारा मुफ़्त प्लास्टिक शीट्स/तिरपाल अथवा SDRF से आपातकालीन अस्थायी शेल्टर किट प्रदान की जाती है।
10. आपदा राहत सहायता हेतु टोल-फ्री आपातकालीन नंबर क्या हैं? +
आप राष्ट्रीय आपातकालीन नंबर **112** अथवा राज्य आपदा कंट्रोल रूम नंबर **1070 / 1077** पर सीधे कॉल करके सहायता मांग सकते हैं।
नोट: यह टूल राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA), गृह मंत्रालय (MHA) के SDRF/NDRF दिशा-निर्देशों तथा PMAY आपदा नीति के सार्वजनिक सिद्धांतों के आधार पर राहत आकलन प्रदान करता है।
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