कैशलेस क्लेम प्री-ऑथराइजेशन ट्रैकर | NRDP Hub

कैशलेस क्लेम प्री-ऑथराइजेशन ट्रैकर (Cashless Claim Pre-Authorization Tracker)

आयुष्मान भारत - प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (**AB-PMJAY**) और **आयुष्मान वय वंदना योजना (70+ बुजुर्गों हेतु)** तथा राज्य स्वास्थ्य बीमा योजनाओं के तहत अस्पताल में भर्ती होने पर डॉक्टर द्वारा क्लेम की प्री-ऑथराइजेशन (Pre-authorization Request) दर्ज की जाती है। यह ट्रैकर टूल आपके **प्री-ऑथराइजेशन स्टेटस (Approved, Pending, Query Raised, or Rejected), अनुमानित अप्रूवल समय (SLA Timer), और पेंडिंग या क्वैरी होने पर सुधारात्मक गाइडलाइन व 3 विधिक शिकायत समाधान माध्यम** तुरंत प्रदान करता है।

🎯 इस प्री-ऑथराइजेशन क्लेम ट्रैकर की मुख्य विशेषताएं:

  • प्री-ऑथराइजेशन लाइव स्टेटस ट्रैकिंग: NHA TMS सर्वर व इंश्योरेंस कंपनी / SHA स्तर पर क्लेम एप्रोव्ड या पेंडिंग होने की सटीक जानकारी।
  • अस्पताल क्वैरी व रिजेक्शन कारण विश्लेषण: मेडिकल रिपोर्ट अपर्याप्त होने या पैकेज मिसमैच जैसी त्रुटियों को ठीक करने का समाधान।
  • 3 ट्रैकिंग तरीके (Master Tabs System): NHA TMS पोर्टल, अस्पताल आयुष्मान मित्र डेस्क व 14555 कॉल सेंटर द्वारा लाइव क्लेम स्टेटस।
👁️ 0 नागरिकों ने प्री-ऑथ क्लेम ट्रैक किया
📢 केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय एवं NHA अपडेट (वर्ष 2026): इमरजेंसी भर्ती में 2 घंटे तथा सामान्य सर्जरी हेतु 4 घंटों के भीतर प्री-ऑथराइजेशन क्लेम का ऑटो-निस्तारण अनिवार्य किया गया है।
⏳ NHA TMS सर्वर प्री-ऑथराइजेशन एप्रोवल विंडो
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NHA Transaction Management System (TMS) क्लेम एप्रोवल चक्र।
📋 प्री-ऑथराइजेशन क्लेम स्टेटस जाँचने हेतु 9-बिंदु ब्यौरा भरें
📋 कैशलेस प्री-ऑथराइजेशन क्लेम ट्रैक करने के 3 डिजिटल तरीके
🏥 1. अस्पताल आयुष्मान मित्र हेल्पडेस्क
💻 2. NHA TMS / Beneficiary पोर्टल
📞 3. 14555 टोल-फ्री क्लेम ट्रैकर
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आयुष्मान मित्र (PMAM) हेल्पडेस्क पर जाना

अस्पताल के रिसेप्शन/इमरजेंसी में तैनात 'आयुष्मान मित्र' से मिलें और अपनी Pre-Auth Request ID या कार्ड नंबर दें।

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NHA TMS सर्वर लॉगिन व लाइव क्लेम स्टेटस

आयुष्मान मित्र अपने हॉस्पिटल लॉगिन (TMS Login) से लाइव स्टेटस जांचेगा कि क्लेम Approved है या Query लगी है।

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दस्तावेज़ पूर्ति व क्लेम एप्रोवल

यदि बीमा कंपनी ने रिपोर्ट/जांच मांगी (Query Raised) है, तो डॉक्टर से अतिरिक्त मेडिकल रिपोर्ट अपलोड कराएं।

1
beneficiary.nha.gov.in पर लॉगिन

ब्राउज़र में **beneficiary.nha.gov.in** खोलें, 'Beneficiary' चुनें और मोबाइल नंबर OTP से लॉगिन करें।

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आधार नंबर या कार्ड आईडी से सर्च

अपना राज्य, जिला, और आधार नंबर दर्ज करके मरीज की ट्रीटमेंट हिस्ट्री और ब्लॉक बैलेंस चेक करें।

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प्री-ऑथ बजट एप्रोवल की पुष्टि

स्वीकृति मिलते ही पोर्टल पर क्लेम राशि ब्लॉक और **Pre-Auth Approved** दिखाई देने लगेगा।

1
14555 हेल्पलाइन पर कॉल करना

अपने मोबाइल से 24x7 उपलब्ध राष्ट्रीय टोल-फ्री हेल्पलाइन **14555** या **1800-111-565** पर कॉल करें।

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अस्पताल का नाम व कार्ड नंबर बताना

कॉल ऑपरेटर को मरीज का आयुष्मान कार्ड/आधार नंबर तथा भर्ती अस्पताल का नाम बताएं।

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लाइव प्री-ऑथ स्टेटस प्राप्त करना

ऑपरेटर लाइव सर्वर से देखकर बताएगा कि क्लेम एप्रोव हुआ है या पेंडिंग है।

📌 अस्पताल में कैशलेस प्री-ऑथ क्लेम पास कराने का 4-स्टेप मास्टर रोडमैप (Detailed Guide)
📌 स्टेप 1: अस्पताल में भर्ती के समय आयुष्मान मित्र हेल्पडेस्क पर कार्ड/आधार प्रस्तुत करना

मरीज के अस्पताल में भर्ती होते ही रिसेप्शन पर बने 'आयुष्मान भारत हेल्पडेस्क' पर जाएं। आयुष्मान मित्र को आयुष्मान कार्ड (या 70+ बुजुर्गों का आयुष्मान वय वंदना कार्ड) और आधार कार्ड सौंपें। बायोमेट्रिक या ओटीपी द्वारा सत्यापन कराएं।

📌 स्टेप 2: डॉक्टर द्वारा बीमारी का मेडिकल पैकेज कोड तय कर ऑनलाइन प्री-ऑथ भेजना

रोग विशेषज्ञ डॉक्टर मरीज की बीमारी की जांच कर NHA TMS सॉफ्टवेयर में मेडिकल पैकेज कोड और अनुमानित लागत दर्ज करेगा। आयुष्मान मित्र द्वारा NHA सर्वर पर प्री-ऑथराइजेशन (Pre-auth) ऑनलाइन सबमिट किया जाएगा।

📌 स्टेप 3: इंश्योरेंस कंपनी / SHA द्वारा क्लेम एप्रोवल एवं क्वैरी (Query) का समाधान

राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण (SHA) या बीमा कंपनी की मेडिकल टीम 2 से 4 घंटों में क्लेम की जांच करेगी। यदि कोई अतिरिक्त रिपोर्ट मांगी जाती है (Query Raised), तो डॉक्टर तुरंत रिपोर्ट अपलोड करेंगे, जिसके बाद क्लेम **Approved** हो जाएगा।

📌 स्टेप 4: 100% मुफ़्त कैशलेस इलाज प्राप्त करना व डिस्चार्ज के समय शून्य बिल पाना

प्री-ऑथराइजेशन स्वीकृत होते ही मरीज का इलाज, सर्जरी, आईसीयू, दवाइयां व भोजन पूरी तरह मुफ़्त (Cashless) प्रदान किया जाएगा। डिस्चार्ज के समय मरीज को अस्पताल से शून्य (₹0) बैलेंस का डिस्चार्ज समरी बिल मिलेगा।

⚖️ प्री-ऑथ क्लेम अकारण रोके जाने या अस्पताल द्वारा पैसे मांगने पर 3 विधिक कानूनी तरीके (Legal Remedies)
⚖️ विधिक तरीका 1: NHA CGRMS पोर्टल (cgrms.pmjay.gov.in) पर ऑनलाइन आपातकालीन केस दर्ज कराना

यदि अस्पताल प्री-ऑथराइजेशन भेजने में देरी करे, क्लेम एप्रोव होने के बावजूद नकद पैसे माँगे या बीमा कंपनी बिना वजह क्लेम रिजेक्ट करे, तो तुरंत **cgrms.pmjay.gov.in** पर केस दर्ज करें। 24 घंटों में विधिक निस्तारण होगा।

⚖️ विधिक तरीका 2: मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO / District Nodal Officer) को लिखित शिकायत

जिले का मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) आयुष्मान योजना का जिला शिकायत निवारण अधिकारी होता है। क्लेम रोके जाने पर सीएमओ कार्यालय में लिखित आवेदन और अस्पताल की पर्चियां संलग्न कर जमा करें और मुहरयुक्त पावती लें।

⚖️ विधिक तरीका 3: राष्ट्रीय हेल्पलाइन 14555 / CPGRAMS पर लीगल एस्केलेशन

इमरजेंसी स्थिति में सीधे 14555 पर कॉल करके लाइव ऑपरेटर को शिकायत दर्ज कराएं अथवा केंद्र सरकार के CPGRAMS पोर्टल (**pgportal.gov.in**) पर राज्य स्वास्थ्य सचिव को टैग करते हुए लीगल शिकायत प्रेषित करें।

✅ प्री-ऑथ एप्रोवल के अनिवार्य नियम और ❌ रिजेक्ट होने के मुख्य कारण

✅ त्वरित प्री-ऑथ एप्रोवल की अनिवार्य शर्तें:
  • Active Card Balance: आयुष्मान कार्ड में चालू वर्ष का पर्याप्त इलाज बैलेंस उपलब्ध हो।
  • Empaneled Hospital IPD: अस्पताल एम्पैनल्ड हो और मरीज कम से कम 24 घंटे भर्ती (IPD) हो।
  • Clear Clinical Diagnostics: बीमारी से संबंधित जांच रिपोर्ट (X-Ray, Blood, CT Scan) स्पष्ट हों।
  • Correct Package Mapping: बीमारी और डॉक्टर द्वारा चुने गए पैकेज कोड का सही मिलान।
❌ प्री-ऑथ पेंडिंग / रिजेक्ट होने के मुख्य कारण:
  • Insufficient Clinical Proofs: बीमारी की जांच रिपोर्ट अधूरी या धुंधली होना।
  • Package Mismatch Query: चुने गए पैकेज कोड और वास्तविक बीमारी में अंतर होना।
  • Exceeded Card Limit: चालू वर्ष की ₹5 लाख की सीमा समाप्त हो चुकी होना।
  • Unanswered Query: बीमा कंपनी द्वारा मांगी गई रिपोर्ट अस्पताल द्वारा 24 घंटे में न भेजना।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs) - कैशलेस क्लेम प्री-ऑथराइजेशन विशेष

01. प्री-ऑथराइजेशन (Pre-authorization) क्या होता है और यह क्यों जरूरी है? +
प्री-ऑथराइजेशन अस्पताल द्वारा NHA सर्वर/बीमा कंपनी को भेजा जाने वाला एक डिजिटल अनुरोध है, जिससे यह पुष्टि होती है कि मरीज की बीमारी आयुष्मान योजना में कवर है और उसका इलाज 100% मुफ़्त (Cashless) किया जाएगा।
02. प्री-ऑथराइजेशन क्लेम एप्रोव होने में कितना समय लगता है? +
आपातकालीन (Emergency) मामलों में प्री-ऑथराइजेशन **2 घंटे के भीतर** तथा सामान्य/योजनाबद्ध सर्जरी मामलों में **4 घंटों के भीतर** एप्रोव कर दिया जाता है।
03. यदि प्री-ऑथराइजेशन में 'Query Raised' दिखाए तो इसका क्या मतलब है? +
'Query Raised' का अर्थ है कि बीमा कंपनी की मेडिकल टीम ने बीमारी की पुष्टि हेतु अस्पताल से अतिरिक्त जांच रिपोर्ट या फोटो मांगी है। अस्पताल के डॉक्टर द्वारा रिपोर्ट अपलोड करते ही क्लेम एप्रोव हो जाता है।
04. क्या आपातकालीन (Emergency) स्थिति में बिना प्री-ऑथराइजेशन के इलाज शुरू हो सकता है? +
हाँ! आपातकालीन स्थिति में अस्पताल को मरीज का इलाज तुरंत शुरू करना अनिवार्य है। भर्ती के 24 घंटे के भीतर आयुष्मान मित्र द्वारा 'इमरजेंसी प्री-ऑथराइजेशन' दर्ज कर दिया जाता है।
05. 70+ बुजुर्गों के 'आयुष्मान वय वंदना कार्ड' का प्री-ऑथराइजेशन कैसे काम करता है? +
70 वर्ष या उससे अधिक आयु के बुजुर्गों के वय वंदना कार्ड की पृथक ₹5 लाख सीमा से प्री-ऑथराइजेशन तुरंत एप्रोव होता है और प्राथमिकता के आधार पर कैशलेस इलाज मिलता है।
06. यदि प्री-ऑथराइजेशन 'Rejected' हो जाए तो क्या मरीज से नकद पैसे मांगे जा सकते हैं? +
यदि अस्पताल ने गलत पैकेज चुना है या रिपोर्ट अधूरी भेजी है, तो क्लेम रिजेक्ट हो सकता है। अस्पताल के डॉक्टर को सही रिपोर्ट लगाकर 'Re-consideration' भेजना होगा। मरीज को बिना कारण नकद भुगतान नहीं करना चाहिए।
07. क्या मरीज खुद अपने मोबाइल से प्री-ऑथराइजेशन का स्टेटस ट्रैक कर सकता है? +
हाँ! आप **beneficiary.nha.gov.in** पोर्टल या **Ayushman App** पर अपने आधार नंबर से लॉगिन करके अपनी ट्रीटमेंट हिस्ट्री और ब्लॉक क्लेम बैलेंस देख सकते हैं।
08. क्या डिस्चार्ज के बाद भी दवाइयां और जांचें मुफ़्त मिलती हैं? +
हाँ! प्री-ऑथराइजेशन पैकेज में भर्ती होने से 3 दिन पहले और डिस्चार्ज होने के **15 दिन बाद तक की दवाइयां, जांचें और फॉलो-अप** पूरी तरह मुफ़्त शामिल होता है।
09. यदि अस्पताल प्री-ऑथराइजेशन एप्रोव होने के बाद भी नकद पैसे माँगे तो कहाँ शिकायत करें? +
तुरंत राष्ट्रीय टोल-फ्री नंबर **14555** पर कॉल करें या NHA पोर्टल **cgrms.pmjay.gov.in** पर अस्पताल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराएं। 24 घंटे में सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।
10. प्री-ऑथराइजेशन क्लेम सहायता हेतु राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर क्या हैं? +
आप राष्ट्रीय टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर **14555** या **1800-111-565** पर 24 घंटे कॉल करके अपने प्री-ऑथ क्लेम की स्थिति पूछ सकते हैं।
नोट: यह टूल राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) एवं स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय (MoHFW) के आधिकारिक सार्वजनिक दिशा-निर्देशों के आधार पर कस्टमाइज्ड प्री-ऑथराइजेशन क्लेम ट्रैकिंग मार्गदर्शिका प्रदान करता है।
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