निक्षय पोषण योजना (टीबी मरीज) सहायता चेकर (Nikshay Poshan Yojana Beneficiary Tracker) | NRDP Hub

निक्षय पोषण योजना (टीबी मरीज) सहायता चेकर (Nikshay Poshan Yojana Beneficiary Tracker)

यह कस्टमाइज्ड डिजिटल ऑडिट चेकर भारत सरकार के **स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय** द्वारा संचालित **राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम (NTEP)** और **निक्षय (Ni-kshay) डीबीटी पोर्टल** के संशोधित नियमों के अनुसार तैयार किया गया है। तपेदिक (टीबी) से पीड़ित मरीजों को उनके पूरे उपचार काल के दौरान पोषण एवं पौष्टिक आहार के लिए केंद्र सरकार द्वारा दी जाने वाली वित्तीय सहायता को बढ़ाकर **₹1,000 प्रति माह** कर दिया गया है। इसके अलावा कम वजन वाले मरीजों (BMI 18.5 से कम) को अतिरिक्त एनर्जी डेंस न्यूट्रिशनल सप्लीमेंट (EDNS) तथा 'निक्षय मित्र' राशन किट का विधिक अधिकार प्राप्त है। यह स्वचालित चेकर आपकी निक्षय आईडी स्थिति, बैंक पीएफएमएस डीबीटी वैलिडेशन और कुल वित्तीय सहायता की लाइव ऑडिट रिपोर्ट प्रदान करता है।

🎯 यह निक्षय पोषण सहायता चेकर टूल क्या है, उपयोग कैसे करें व मुख्य लाभ?

  • यह टूल क्या है? यह टीबी के प्रकार (दवा संवेदनशील या एमडीआर), उपचार अवधि (6 से 24 माह), और बैंक खाता डीबीटी लिंकिंग का विश्लेषण कर कुल वित्तीय सहायता (₹6,000 से ₹24,000+) तथा राशन किट पात्रता बताने वाला सिम्युलेटर है।
  • इसे कैसे उपयोग करें? नीचे दिए गए फॉर्म ब्लॉक में मरीज का नाम लिखें, अपना राज्य, जिला, टीबी उपचार का प्रकार, निक्षय आईडी व पीएफएमएस बैंक लिंकिंग स्थिति दर्ज करके सबमिट बटन दबाएं।
  • इससे क्या फायदा है? यह स्पष्ट करता है कि मरीज के बैंक खाते में ₹1,000 की मासिक किस्तें क्यों रुकी हैं और डीओटीएस (DOTS) केंद्र या टीबी स्वास्थ्य कार्यकर्ता (STS) से मिलकर पीएफएमएस रिजेक्शन कैसे ठीक कराया जाए।
👁️ 0
📢 लाइव अपडेट (वर्ष 2026): केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा निक्षय पोषण सहायता राशि को ₹500 से बढ़ाकर **₹1,000 प्रति माह** लागू किया गया है। सरकारी या प्राइवेट क्लिनिक से इलाज करा रहे सभी अधिसूचित टीबी मरीज इसके विधिक हकदार हैं।
⏳ निक्षय डीबीटी (DBT) मासिक पोषण किस्त भुगतान व पीएफएमएस प्रोसेसिंग चक्र
--दिन
--घंटे
--मिनट
--सेकंड
टीबी यूनिट (TU) स्तर से बैंक खाता पीएफएमएस (PFMS) सत्यापित होने के बाद निक्षय पोर्टल द्वारा डीबीटी किस्त जारी करने का सामान्य समय **15 कार्य दिवस** निर्धारित है।
📋 टीबी मरीज व निक्षय डीबीटी क्रेडेंशियल दर्ज करें

📌 सुरक्षा निर्देश: यह टूल पूर्णतः क्लाइंट-साइड है। सुरक्षा मानकों के अनुसार मरीज का कोई भी व्यक्तिगत संवेदनशील मेडिकल रिकॉर्ड या बैंक पासवर्ड यहाँ दर्ज या संग्रहीत नहीं किया जाता।

🎯 निक्षय पोषण सहायता ऑडिट परिणाम (Nikshay Poshan Scheme Summary):

राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम (NTEP) क्रेडेंशियल रिपोर्ट

मासिक डीबीटी पोषण सहायता
₹1,000 / माह
(संशोधित केंद्रीय वित्तीय सहायता)
अनुमानित कुल इलाज पोषण अनुदान
जाँच जारी...
(उपचार अवधि के आधार पर)
निक्षय मित्र राशन किट पात्रता
जाँच जारी...
(फूड बास्केट प्रोटीन सहायता)
📊 निक्षय डीबीटी विधिक प्रशासनिक ऑडिट मैट्रिक्स (Verification Matrix)
निक्षय सत्यापन क्रेडेंशियल विधिक अनुपालन स्थिति (Your Status) नोडल सत्यापन प्राधिकारी विवरण
1. निक्षय आईडी व अधिसूचना (Notification Integrity) ✅ पूर्ण रूप से मान्य सीनियर ट्रीटमेंट सुपरवाइजर (STS) / नोडल डॉक्टर
2. बैंक पीएफएमएस डीबीटी वैलिडेशन (PFMS CBS Sync) ✅ पूर्ण रूप से मान्य सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (PFMS Portal)
3. पोषण सहायता व निक्षय मित्र लिंकेज (Nutrition Node) ✅ पूर्ण रूप से सक्रिय जिला टीबी अधिकारी (District TB Officer — DTO)
🔍 विधिक स्टेटस डिकोडिंग एवं तात्कालिक सुधारात्मक समाधान:

🌐 त्वरित Action डायरेक्ट आधिकारिक लाइव लिंक्स
🚀 निक्षय पोषण योजना की ₹1,000 मासिक सहायता पाने के विधिक चरण
📌 1. सरकारी अस्पताल या प्राइवेट डॉक्टर से इलाज शुरू होते ही निक्षय आईडी (Ni-kshay ID) बनवाएं

माध्यम: 🏥 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) / डीओटीएस केंद्र / अधिकृत प्राइवेट क्लीनिक
कानूनी रूप से हर टीबी मरीज को निक्षय पोर्टल पर अधिसूचित करना अनिवार्य है। डॉक्टर से अपनी 8-अंकों वाली निक्षय आईडी मांगें। इसके बिना सरकार से ₹1 की भी सहायता नहीं मिल सकती।

📌 2. बैंक पासबुक की साफ फोटोकॉपी और आधार कार्ड टीबी स्वास्थ्य कार्यकर्ता (STS) को सौंपें

माध्यम: 📄 सीनियर ट्रीटमेंट सुपरवाइजर (STS) / आशा (ASHA) कार्यकर्ता
अपना चालू बचत बैंक खाता (Savings Account), जिसका आधार सीडिंग पूर्ण हो, टीबी यूनिट में जमा करें। यदि मरीज का खुद का खाता नहीं है, तो परिवार के सदस्य के खाते हेतु विधिक 'सहमति पत्र' (Consent Form) दें।

📌 3. सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (PFMS) द्वारा बैंक खाते का ऑटो-वैलिडेशन सुनिश्चित कराएं

माध्यम: 💻 केंद्रीय पीएफएमएस (PFMS) बैंकिंग गेटवे नोड
स्वास्थ्य विभाग आपके बैंक खाते को निक्षय पोर्टल पर चढ़ाएगा। पीएफएमएस बैंक के सीबीएस (CBS) रिकॉर्ड से नाम और आईएफएससी का मिलान कर 7 से 10 दिनों में खाते को 'Validated' घोषित करता है।

📌 4. उपचार चलने तक हर महीने ₹1,000 की डीबीटी किस्त सीधे बैंक खाते में प्राप्त करें

माध्यम: 🏦 प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (Direct Benefit Transfer - DBT)
खाता वैलिडेट होते ही ₹1,000 प्रति माह सीधे आपके खाते में भेजे जाएंगे। 6 माह के सामान्य कोर्स में कुल ₹6,000 तथा एमडीआर टीबी में ₹12,000 से ₹24,000 तक की कुल सहायता प्राप्त होती है।

📋 निक्षय स्टेटस जांचने व रुकी किस्त पाने के 3 विधिक चरण
🌐 निक्षय पोर्टल माध्यम
📱 1800-11-6666 टोल फ्री कॉल
📄 जिला टीबी अधिकारी (DTO) काउंटर
1
nikshay.in पोर्टल खोलें

माध्यम: 🌐 आधिकारिक राष्ट्रीय टीबी पोर्टल
वेबसाइट पर 'Patient Login' या DBT स्टेटस सेक्शन में जाएं और अपनी निक्षय आईडी दर्ज करें।

2
PFMS वैलिडेशन स्टेटस चेक करें

माध्यम: 🌐 आधिकारिक राष्ट्रीय टीबी पोर्टल
देखें कि बैंक स्थिति 'Validated', 'Pending' या 'Rejected' क्या प्रदर्शित हो रही है।

3
किस्त वाउचर (DBT Voucher) ट्रैक करें

माध्यम: 🌐 आधिकारिक राष्ट्रीय टीबी पोर्टल
निक्षय पोर्टल पर आपके नाम से कितने महीनों के ₹1,000 के वाउचर बने हैं और कितने ट्रांसफर हुए, उसका लाइव लेज़र देखें।

1
राष्ट्रीय टीबी हेल्पलाइन 1800-11-6666 मिलाएं

माध्यम: 📱 राष्ट्रीय टोल-फ्री निक्षय कॉल सेंटर
अपने मोबाइल से 1800-11-6666 पर निःशुल्क कॉल करें (सुबह 6 से रात 10 बजे तक सेवा उपलब्ध)।

2
अपनी निक्षय आईडी और मोबाइल नंबर बताएं

माध्यम: 📱 राष्ट्रीय टोल-फ्री निक्षय कॉल सेंटर
कॉल ऑपरेटर को अपनी 8-अंकों की निक्षय आईडी दें और अपनी रुकी हुई पोषण किस्त की स्थिति पूछें।

3
शिकायत टिकट (Grievance Ticket) दर्ज कराएं

माध्यम: 📱 राष्ट्रीय टोल-फ्री निक्षय कॉल सेंटर
यदि पैसा नहीं आ रहा, तो ऑपरेटर आपके जिले के टीबी अधिकारी (DTO) को तुरंत ऑनलाइन शिकायत फॉरवर्ड कर देगा।

1
जिला टीबी केंद्र (DTC) जाएं

माध्यम: 📄 जिला अस्पताल स्थित जिला टीबी अधिकारी कार्यालय
अपने जिले के मुख्य अस्पताल में स्थित DTC सेंटर में निक्षय डीबीटी ऑपरेटर से मिलें।

2
बैंक पासबुक री-अपलोड कराएं

माध्यम: 📄 जिला टीबी केंद्र (DTC)
यदि नाम की स्पेलिंग मिसमैच से पीएफएमएस रिजेक्ट हुआ है, तो ऑपरेटर से कहकर खाता दोबारा सही करवाएं।

3
निक्षय मित्र फूड बास्केट की मांग करें

माध्यम: 📄 जिला टीबी केंद्र (DTC)
DTO काउंटर पर कहें कि आपका वजन कम है, वे आपको स्थानीय निक्षय मित्र (दानदाता) से जोड़कर मुफ़्त राशन किट अलॉट कर देंगे।

✅ कौन निक्षय पोषण योजना के लिए पात्र है और कौन नहीं ❌
(Coverage & Eligibility Criteria)

✅ कौन ₹1,000 मासिक पोषण सहायता का विधिक पात्र है
  • देश का कोई भी नागरिक (अमीर या गरीब) जो टीबी से पीड़ित है और जिसका इलाज चल रहा है
  • सरकारी अस्पताल (DOTS) या किसी भी प्राइवेट क्लिनिक/नर्सिंग होम से दवा ले रहे सभी मरीज
  • जिनका नाम और इलाज निक्षय पोर्टल पर आधिकारिक रूप से दर्ज (Notified) किया गया हो
  • बच्चे (Pediatric TB) और बुजुर्ग सभी आयु वर्ग के मरीज इसके विधिक हकदार हैं
❌ किस्तें कब रुकती हैं या कौन पात्र नहीं है (Exclusions)
  • ऐसे मरीज जिनकी बीमारी निक्षय पोर्टल पर अधिसूचित नहीं की गई है (बिना निक्षय आईडी)
  • जिन्होंने बैंक खाता या आधार विवरण जमा नहीं किया है अथवा जिनका पीएफएमएस सत्यापन फेल है
  • इलाज बीच में छोड़ देने वाले (Lost to Follow-up) या दवा बंद कर देने वाले मरीज
  • जिन्होंने लिखित रूप में सरकारी सहायता लेने से मना कर दिया हो (Opted out / Forego benefits)

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs) - निक्षय पोषण योजना (NPY) विशेष

01. वर्ष 2026 के नए नियमों के तहत निक्षय पोषण योजना में टीबी मरीज को प्रति माह कितनी राशि मिलती है? +
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के नवीनतम संशोधित नियमों के अनुसार, निक्षय पोषण योजना (NPY) के तहत सभी अधिसूचित टीबी मरीजों को दी जाने वाली पोषण सहायता राशि को ₹500 से बढ़ाकर **₹1,000 प्रति माह** कर दिया गया है। यह राशि मरीज के पूरे उपचार काल तक सीधे आधार-लिंक्ड बैंक खाते में डीबीटी द्वारा भेजी जाती है।
02. टीबी के पूरे इलाज के दौरान मरीज को कुल कितने रुपये की सरकारी आर्थिक सहायता मिल जाती है? +
सहायता राशि उपचार की कुल अवधि पर निर्भर करती है: 1. सामान्य फेफड़ों की टीबी (Drug-Sensitive TB - 6 माह कोर्स) में **कुल ₹6,000** मिलते हैं। 2. गंभीर या एमडीआर टीबी (MDR-TB - 9 से 24 माह कोर्स) में **₹9,000 से लेकर ₹24,000 तक** की कुल वित्तीय सहायता सीधे बैंक खाते में संवितरित की जाती है।
03. क्या प्राइवेट डॉक्टर या निजी अस्पताल से टीबी की दवा लेने वाले मरीजों को भी यह ₹1,000 मिलेंगे? +
हाँ, 100% मिलेंगे! निक्षय पोषण योजना केवल सरकारी अस्पताल के मरीजों के लिए नहीं है। यदि आप किसी भी प्राइवेट डॉक्टर या नर्सिंग होम से अपनी जेब से दवा खरीद रहे हैं, तब भी सरकार आपको ₹1,000 प्रति माह देगी। बशर्ते आपके प्राइवेट डॉक्टर ने आपका विवरण सरकारी 'निक्षय पोर्टल' पर नोटिफाई (अधिसूचित) किया हो।
04. निक्षय आईडी (Ni-kshay ID) क्या होती है और यह मरीज को कहाँ से मिलती है? +
निक्षय आईडी भारत सरकार के राष्ट्रीय टीबी पोर्टल द्वारा जारी किया जाने वाला एक 8-अंकों का विशिष्ट पहचान नंबर (Unique Patient ID) होता है। जब सरकारी अस्पताल में बलगम/टीबी की जांच होती है या प्राइवेट डॉक्टर टीबी मरीज का विवरण पोर्टल पर दर्ज करता है, तो मरीज के मोबाइल पर एसएमएस द्वारा निक्षय आईडी प्राप्त होती है।
05. यदि मरीज का खुद का कोई बैंक खाता नहीं है (जैसे छोटा बच्चा या बुजुर्ग), तो पैसे कैसे मिलेंगे? +
यदि मरीज का व्यक्तिगत बैंक खाता नहीं है, तो वह अपने परिवार के किसी सदस्य (माता, पिता, पति, पत्नी या अभिभावक) के बैंक खाते में पैसे ले सकता है। इसके लिए टीबी स्वास्थ्य कार्यकर्ता (STS) को एक सादा **सहमति पत्र (Consent Form)** और परिवार के सदस्य की पासबुक व आधार की फोटोकॉपी जमा करनी होती है।
06. निक्षय पोर्टल पर 'PFMS Rejected' या 'Bank Validation Failed' एरर क्यों आता है और इसे कैसे ठीक करें? +
यह एरर तब आता है जब आधार कार्ड में दर्ज नाम और बैंक पासबुक में दर्ज नाम की स्पेलिंग में अंतर हो, खाता निष्क्रिय (Dormant) हो, या गलत IFSC कोड दर्ज किया गया हो। इसे ठीक करने के लिए अपने नजदीकी सरकारी डीओटीएस केंद्र या जिला टीबी केंद्र (DTC) जाएं और अपनी सही पासबुक की प्रति देकर खाते को री-वैलिडेट कराएं।
07. 'निक्षय मित्र' (Ni-kshay Mitra) क्या है और टीबी मरीज को मुफ़्त राशन किट (फूड बास्केट) कैसे मिलती है? +
प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत कोई भी नागरिक या संस्था 'निक्षय मित्र' बनकर टीबी मरीज को गोद ले सकती है। निक्षय मित्र द्वारा मरीज को हर महीने ₹1,000 की सरकारी सहायता के अलावा **मुफ़्त पौष्टिक खाद्य टोकरी (फूड बास्केट)** दी जाती है, जिसमें दालें, मूंगफली, सत्तू, सोयाबीन, दूध पाउडर और कुकिंग ऑयल शामिल होता है।
08. क्या निक्षय पोषण योजना का लाभ लेने के लिए बीपीएल कार्ड या आय प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है? +
नहीं, बिल्कुल नहीं! निक्षय पोषण योजना एक सार्वभौमिक (Universal) स्वास्थ्य अधिकार योजना है। इसमें **किसी भी आय प्रमाण पत्र या राशन कार्ड की आवश्यकता नहीं होती**। चाहे मरीज गरीब हो या अमीर, केवल टीबी का मरीज होना और निक्षय आईडी होना ही सहायता पाने का एकमात्र विधिक मापदंड है।
09. यदि इलाज के दौरान मरीज दूसरे जिले या राज्य में चला जाए, तो क्या पैसे मिलने बंद हो जाएंगे? +
नहीं, पैसे बंद नहीं होंगे। निक्षय पोर्टल एक केंद्रीय ऑनलाइन डिजिटल सिस्टम है। यदि आप शहर या राज्य बदलते हैं, तो अपने नए पते के नजदीकी डीओटीएस केंद्र पर अपनी पुरानी निक्षय आईडी दिखाएं। वे आपके निक्षय रिकॉर्ड को नए जिले में ऑनलाइन ट्रांसफर कर देंगे और आपकी मासिक किस्तें निरंतर आती रहेंगी।
10. यदि दवा शुरू हुए 3-4 महीने हो गए हैं पर एक भी किस्त बैंक में नहीं आई, तो तुरंत कहाँ शिकायत करें? +
यदि किस्तें रुकी हैं, तो सबसे पहले अपने क्षेत्र के टीबी स्वास्थ्य कार्यकर्ता (STS) से मिलें और निक्षय आईडी का वाउचर स्टेटस चेक कराएं। इसके अलावा आप राष्ट्रीय टीबी हेल्पलाइन **1800-11-6666** पर कॉल करके सीधे शिकायत लॉक करा सकते हैं या **pgportal.gov.in** पर स्वास्थ्य मंत्रालय को ऑनलाइन शिकायत भेज सकते हैं।

📢 निक्षय डीबीटी भुगतान में देरी या अस्पताल लापरवाही की शिकायत हेतु संपर्क

• राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम (NTEP) टोल-फ्री हेल्पलाइन: 1800-11-6666 (सुबह 6:00 से रात 10:00 बजे तक)
• आधिकारिक निक्षय राष्ट्रीय पोर्टल: nikshay.in (मरीज लॉगिन व डीबीटी लेज़र)
• केंद्रीय लोक शिकायत निवारण पोर्टल: pgportal.gov.in (यहाँ सीधे स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय को शिकायत भेजें)
नोट: यह प्लेटफार्म (NRDP) एक स्वतंत्र नागरिक समावेशन सूचना पोर्टल है। यह टूल केवल सामान्य मार्गदर्शक पात्रता विश्लेषण और राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम (NTEP) के आधिकारिक दिशा-निर्देशों की जानकारी प्रदान करता है। टीबी की नियमित दवा बीच में कभी न छोड़ें। किसी भी डॉक्टरी सलाह, जांच और दवा के लिए हमेशा अपने नजदीकी सरकारी डीओटीएस केंद्र या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) से संपर्क करें।
NRDP - National Resource & Data Portal
Logo