कृषि अवसंरचना कोष (AIF) लोन चेकर | NRDP Hub

कृषि अवसंरचना कोष (AIF) लोन चेकर (Agri Infrastructure Fund Loan Checker)

कृषि अवसंरचना कोष (Agri Infrastructure Fund - AIF) भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा संचालित एक महत्वाकांक्षी विधिक केंद्रीय योजना है। इसका मुख्य उद्देश्य कटाई के बाद के प्रबंधन (Post-Harvest Management) और सामुदायिक कृषि परिसंपत्तियों के निर्माण हेतु व्यवहार्य परियोजनाओं में निवेश के लिए मध्यम-दीर्घकालिक ऋण वित्तीय सुविधा प्रदान करना है। इस योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को बैंकों/वित्तीय संस्थानों से मिलने वाले सावधि ऋण (Term Loan) पर **3% वार्षिक की दर से ब्याज छूट (Interest Subvention)** और ₹2 करोड़ तक के ऋण के लिए **CGTMSE के तहत कोलेटरल-मुक्त क्रेडिट गारंटी** का विधिक लाभ मिलता है। इस उन्नत 9-डेटा इनपुट कस्टमाइज्ड सिम्युलेटर के माध्यम से अपनी प्रोजेक्ट रिपोर्ट, ब्याज छूट पात्रता और वित्तीय देयता का लाइव विश्लेषण करें।

🎯 इस AIF लोन चेकर टूल की मुख्य विशेषताएं:

  • 9-डेटा कस्टमाइज्ड विधिक ऑडिट: यह कैलकुलेटर उपयोगकर्ता के विशिष्ट राज्य, जिले, प्रोजेक्ट श्रेणी, आवेदक प्रकार और अनुमानित कुल लागत जैसे 9 वास्तविक मापदंडों को प्रोसेस करके पूर्णतः प्रामाणिक रिपोर्ट तैयार करता है।
  • 3% ब्याज सबवेंशन (छूट) मैट्रिक्स: अधिकतम 7 वर्षों के ऋण चुकाने के समय चक्र के लिए विधिक रूप से मिलने वाले संचित वित्तीय लाभ का स्वतः सटीक मूल्यांकन करता है।
  • क्रेडिट गारंटी (CGTMSE) मैपिंग: ₹2 करोड़ तक की ऋण सीमा के लिए बिना किसी जमीन बंधक या कोलेटरल सुरक्षा आवश्यकताओं का विधिक विश्लेषण प्रदान करता है।
👁️ 0
📢 केन्द्रीय विधिक लाइव निर्देश (वर्ष 2026): कृषि मंत्रालय के नए संवर्धित फ्रेमवर्क के अनुसार, अब पैक्स (PACS), कृषि उत्पादक संगठनों (FPOs), और व्यक्तिगत प्रगतिशील किसानों को एक से अधिक स्थानों पर अलग-अलग एग्री-इन्फ्रा प्रोजेक्ट (अधिकतम 25 प्रोजेक्ट्स) स्थापित करने पर भी प्रत्येक प्रोजेक्ट हेतु पृथक-पृथक ₹2 करोड़ तक सबवेंशन का विधिक अधिकार दिया गया है।
⏳ चालू त्रैमासिक सत्र AIF ब्याज सबवेंशन बजटीय आवंटन विंडो
--दिन
--घंटे
--मिनट
--सेकंड
नाबार्ड और बैंकों के नोडल सर्वर द्वारा वर्तमान सत्र के एग्री प्रोजेक्ट्स हेतु ब्याज छूट दावों को सिंक करने की विधिक क्लोजिंग विंडो।
📋 अपने एग्री-इन्फ्रा प्रोजेक्ट के विनिर्देश दर्ज करें
🚀 AIF योजना के तहत 3% ब्याज छूट पर कोल्ड स्टोरेज/वेयरहाउस लोन स्वीकृत कराने का 5-स्टेप रोडमैप
📌 1. विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) एवं विधिक भूलेख साक्ष्यों का संकलन

परियोजना स्थल की नवीनतम प्रमाणित खतौनी (अथवा न्यूनतम 10-वर्षीय पंजीकृत लीज डीड) प्राप्त करें और चार्टर्ड इंजीनियर द्वारा मशीनरी लेआउट सहित विस्तृत डीपीआर (DPR) तैयार कराएं।

📌 2. केन्द्रीय एआईएफ पोर्टल (agriinfra.dac.gov.in) पर डिजिटल पंजीकरण

आधिकारिक पटल पर जाकर आधार ओटीपी सत्यापित करें, क्रेडेंशियल्स दर्ज करें और अपनी प्रोजेक्ट श्रेणी चुनकर DPR अपलोड करें। इसके उपरांत मंत्रालय नोड द्वारा आपको एक अनूठी 'AIF Project ID' जारी की जाएगी।

📌 3. लक्षित बैंक शाखा काउंटर पर टर्म लोन फाइल प्रविष्टि

प्राप्त AIF Project ID और सैद्धांतिक स्वीकृति पत्र के साथ अपनी पसंदीदा बैंक शाखा (अथवा ऑनलाइन जनसमर्थ नोड द्वारा) में कुल लागत के मियादी ऋण (Term Loan) का औपचारिक आवेदन पत्र निष्पादित करें।

📌 4. कोलेटरल मूल्यांकन एवं CGTMSE क्रेडिट गारंटी मैपिंग

यदि प्रोजेक्ट ₹2 करोड़ तक का है, तो बैंक नोडल अधिकारी से ऋण को कोलेटरल-मुक्त रखने और CGTMSE सुरक्षा कवर सिंक करने का विधिक अनुबंध पत्र (Supplementary Agreement) साइन कराएं।

📌 5. सावधि ऋण संवितरण एवं वार्षिक 3% ब्याज रिफंड एक्टिवेशन

बैंक द्वारा ऋण राशि विमुक्त (Disburse) होने के उपरांत प्रत्येक तिमाही/छमाही पर आपके नियमित भुगतान ट्रैक के आधार पर 3% की संचित ब्याज छूट सीधे आपके लोन खाते में रिफंड क्रेडिट कर दी जाएगी।

📋 अपनी कृषि आवश्यकताओं के अनुसार सही कुसुम घटक (Component) चुनने के 3 विधिक तरीके
🥛 ऑफ-ग्रिड स्टैंडअलोन पंप (Component B)
🔌 ग्रिड-कनेक्टेड पंप सौरकरण (Component C)
☀️ बंजर भूमि सौर पावर प्लांट (Component A)
1
डीजल पंप प्रतिस्थापन साक्ष्य

यह घटक उन क्षेत्रों के लिए विधिक रूप से डिफ़ॉल्ट रूप से लागू होता है जहाँ विद्युत ग्रिड लाइनों का विस्तार नहीं है और किसान डीजल पंप चला रहे हैं.

2
60% से 90% तक संचित सब्सिडी

सामान्य राज्यों में 60% (30% केंद्र + 30% राज्य) तथा विशेष पहाड़ी/पूर्वोत्तर क्षेत्रों में पूरे 90% तक की विधिक सब्सिडी प्रदान की जाती है।

3
7.5 HP तक पंप आवंटन

छोटे से लेकर बड़े किसानों के लिए उनकी भूमि धारिता के अनुसार 2 HP से 7.5 HP तक के स्टैंडअलोन ऑफ-ग्रिड सोलर पंप विमुक्त किए जाते हैं।

1
इलेक्ट्रिक कनेक्शन प्रविष्टि लिंक करें

यह नोड उन किसानों के लिए विधिक रूप से पात्र है जिनके पास पहले से ही ग्रिड से जुड़ा बिजली का कृषि पंप कनेक्शन चालू है।

2
दोहरी सौर क्षमता समावेशन

आपके मौजूदा पंप की क्षमता से दो गुना क्षमता के सोलर पैनल खेत पर स्थापित किए जाएंगे ताकि सिंचाई के साथ-साथ सौर ऊर्जा का संचय हो सके।

3
DISCOM को अतिरिक्त बिजली की विधिक बिक्री

सिंचाई के बाद बचने वाली अतिरिक्त बिजली को बैंक नोड के माध्यम से सीधे स्थानीय विद्युत वितरण कंपनी (DISCOM) को पहले से तय तय टैरिफ दर पर बेचकर किसान अतिरिक्त वार्षिक आय अर्जित कर सकते हैं।

1
बंजर / परती भूमि क्रेडेंशियल्स

यह घटक व्यक्तिगत किसानों, FPOs या ग्राम पंचायतों के लिए अधिसूचित है जिनके पास 1 एकड़ या अधिक बंजर, परती या दलदली अनुपयोग भूमि उपलब्ध है।

2
500 kW से 2 MW पावर प्लांट स्थापना

इस अनुपयोग भूमि पर छोटे आकार के विकेंद्रीकृत ग्रिड-कनेक्टेड सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जाते हैं।

3
स्थिर विधिक वार्षिक लीज आय

किसान स्वयं प्लांट लगा सकते हैं अथवा नाबार्ड दिशानिर्देशों के तहत भूमि को डेवलपर को विधिक रूप से लीज पर देकर ₹60,000 से ₹1,00000 प्रति एकड़ वार्षिक स्थिर आय (5% वार्षिक चक्रवृद्धि वृद्धि के साथ) प्राप्त कर सकते हैं।

✅ पीएम-कुسوم योजना पात्रता समावेशन की शर्तें और ❌ आवेदन रिजेक्शन के मुख्य विधिक कारण

✅ सोलर पंप सब्सिडी की विधिक पात्रता कब 100% मान्य होती है?
  • भूमि ओनरशिप रिकॉर्ड (Khasra/Jamabandi) पूरी तरह साफ हो और आवेदक के नाम पर विधिक रूप से म्यूटेशन चार्ज दर्ज हो।
  • कृषि भूखंड पर कार्यात्मक पानी का स्रोत (बोरवेल का जल स्तर न्यूनतम विनिर्देशों के भीतर) भौतिक रूप से उपलब्ध हो।
  • Component B (स्टैंडअलोन पंप) के लिए आवेदन करने की स्थिति में उस विशिष्ट खसरा नंबर पर पहले से कोई बिजली का कृषि पंप कनेक्शन न हो।
❌ डेस्क संवीक्षा (Scrutiny) में आवेदन खारिज होने के प्रशासनिक कारण
  • No Water Source Discrepancy: खेत पर बोरवेल का भौतिक अस्तित्व न होना, अथवा अत्यधिक गहरा ड्राई ज़ोन होना जहाँ सोलर पंप की तकनीकी क्षमता कार्य करने में असमर्थ हो.
  • Spelling Mismatch Error: भूलेख राजस्व रिकॉर्ड के नाम और आधार कार्ड के अंग्रेजी अक्षरों की स्पेलिंग में गंभीर लिपिकीय भिन्नता दर्ज होना.
  • Unauthorized/Lease Expired docs: बिना किसी पंजीकृत विलेख के सादे कागज पर किया गया अनधिकृत भू-अनुबंध समझौता जो विधिक रूप से पूर्णतः अवैध है।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs) - कृषि अवसंरचना कोष विशेष

01. कृषि अवसंरचना कोष (AIF) योजना के तहत ब्याज सबवेंशन (छूट) की विधिक दर और अधिकतम अवधि क्या है? +
AIF योजना के विधिक प्रावधानों के अनुसार, स्वीकृत सावधि ऋण (Term Loan) पर लाभार्थियों को **3% वार्षिक की निश्चित ब्याज छूट (Interest Subvention Component)** दी जाती है। यह विधिक सबवेंशन ऋण संवितरण की तिथि से अधिकतम **7 वर्षों (7 Years Cap)** की अवधि के लिए ही कानूनन देय होता है, बशर्ते ऋण खाता पूरी तरह नियमित (Standard) संचालित हो।
02. क्या ₹2 करोड़ से अधिक लागत वाले बड़े कोल्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट्स पर भी AIF के तहत ब्याज सबवेंशन का लाभ मिलता है? +
हाँ, आप ₹2 करोड़ से अधिक की लागत (उदा: ₹5 करोड़) का प्रोजेक्ट स्थापित कर सकते हैं और बैंक से मियादी ऋण प्राप्त कर सकते हैं। परंतु, एआईएफ योजना के विधिक नियमों के अनुसार, 3% की वार्षिक ब्याज छूट की गणना अधिकतम **₹2,00,00,000 (दो करोड़ रुपये) की ऋण सीमा तक ही सीमित (Capped)** रहेगी। शेष अतिरिक्त ऋण राशि पर बैंक की सामान्य व्यावसायिक ब्याज दरें ही लागू होंगी।
03. CGTMSE क्रेडिट गारंटी क्या है और यह KCC या एआईएफ आवेदकों को जमीन बंधक से कैसे विधिक सुरक्षा देती है? +
आरबीआई और सूक्ष्म एवं लघु उद्यम क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट (CGTMSE नोड) के बीच विधिक समन्वय के तहत, एआईएफ योजना में ₹2 करोड़ तक के पात्र ऋणों के लिए तीसरे पक्ष की क्रेडिट गारंटी सरकार वहन करती है। इसका प्रशासनिक अर्थ यह है कि **₹2 करोड़ तक के ऋण के लिए बैंक आपसे कोई कानूनी कोलेटरल सुरक्षा (जमीन गिरवी रखना या मकान बंधक रखना) विधिक रूप से अनिवार्य नहीं कर सकता।** लोन डिफ़ॉल्ट होने पर 85% तक के जोखिम का भुगतान CGTMSE फंड द्वारा किया जाता है।
04. क्या व्यक्तिगत प्रगतिशील किसान एक से अधिक स्थानों पर एग्री-इन्फ्रा प्रोजेक्ट लगाने हेतु पृथक ऋण प्राप्त कर सकता है? +
हाँ, कृषि मंत्रालय के संशोधित वर्ष 2026 फ्रेमवर्क विनिर्देशों के अनुसार, यदि कोई योग्य इकाई (जैसे FPO, PACS, या व्यक्तिगत उद्यमी) अलग-अलग राजस्व रिकॉर्ड वाले स्थानों पर अलग-अलग एग्री-परिसंपत्तियां (अधिकतम 25 परियोजनाएं) स्थापित करती है, तो प्रत्येक स्वतंत्र परियोजना हेतु **पृथक-पृथक ₹2 करोड़ तक की ऋण सीमा पर 3% ब्याज सबवेंशन** का विधिक लाभ विमुक्त किया जाएगा।
05. क्या पट्टे की कृषि भूमि (Leased Land) पर वेयरहाउस या पैक हाउस बनाने के लिए AIF लोन स्वीकृत हो सकता है? +
हाँ, पट्टे की भूमि पर प्रोजेक्ट विधिक रूप से पूर्णतः स्वीकार्य है। नाबार्ड और व्यावसायिक बैंकों के मियादी ऋण सुरक्षा विनिर्देशों के अनुसार, भू-स्वामी के साथ निष्पादित किया गया पट्टा विलेख (Lease Deed Agreement) उप-निबंधक कार्यालय में पंजीकृत होना अनिवार्य है और उसकी विधिक शेष अवधि न्यूनतम **10 से 12 वर्ष** होनी चाहिए, ताकि बैंक ऋण चुकौती चक्र सुरक्षित रहे।
06. विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) क्या होती है और इसे एआईएफ पोर्टल पर अपलोड करना क्यों अनिवार्य है? +
विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) एक प्रामाणिक तकनीकी-वित्तीय दस्तावेज है जो परियोजना की कुल लागत, सिविल निर्माण खर्च, मशीनरी विशिष्टताओं, आकलित वार्षिक आय और ऋण चुकाने की क्षमता (DSCR Score) का विधिक विश्लेषण प्रस्तुत करता है। मंत्रालय की नोडल स्क्रीनिंग टीम द्वारा डीपीआर के वित्तीय क्रेडेंशियल्स की संवीक्षा के उपरांत ही 'AIF Project ID' जारी की जाती है, जिसके बिना बैंक लोन प्रोसेस नहीं कर सकता।
07. क्या प्राथमिक प्रसंस्करण (Primary Processing) के तहत राइस मिल या बड़ी शुगर फैक्ट्री स्थापित करने हेतु AIF से ऋण मिल सकता है? +
नहीं, बड़ी वाणिज्यिक मिलें इस योजना के तहत वर्जित श्रेणी में आती हैं। एआईएफ योजना विधिक रूप से केवल **प्राथमिक प्रसंस्करण (Primary Processing)** गतिविधियों जैसे दाल मिल, लघु तेल मिल, अनाज की छंटाई, पैक हाउस, कोल्ड चेन और क्लीनिंग यूनिट्स को ही फंड करती है जहाँ फसल के मूल स्वरूप में कोई रासायनिक बदलाव नहीं होता। द्वितीयक या तृतीयक प्रसंस्करण (Secondary Processing) हेतु खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय (MoFPI) की योजनाएं विधिक रूप से लागू होती हैं।
08. एआईएफ (AIF) योजना के तहत बैंकों द्वारा ली जाने वाली अधिकतम ब्याज दर (Interest Rate Cap) क्या विधिक रूप से तय है? +
हाँ, केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने साख समावेशन ऑडिट के तहत ब्याज दरों की एक अधिकतम सीमा निर्धारित की है। व्यावसायिक और सहकारी बैंक एआईएफ समर्थित परियोजनाओं पर आरबीआई के बाह्य बेंचमार्क लेंडिंग रेट (EBLR) के ऊपर अधिकतम **1.0% से 2.0% का स्प्रेड (Spread)** ही जोड़ सकते हैं, जो अमूमन 9.0% से 9.5% वार्षिक के भीतर होता है। इसमें से 3% की सरकारी ब्याज छूट मिलने के उपरांत किसान के लिए प्रभावी शुद्ध ब्याज दर मात्र **6% से 6.5% वार्षिक** ही रह जाती है।
09. क्या राज्य सरकार की अन्य सब्सिडी योजनाओं (उदा: NHB या APEDA) के साथ AIF ब्याज सबवेंशन का संयुक्त लाभ लिया जा सकता है? +
हाँ, यह इस योजना की सबसे बड़ी विधिक विशेषता है। इसे **सब्सिडी कन्वर्जेंस (Convergence Policy)** कहते हैं। यदि आप राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड (NHB) से कोल्ड स्टोरेज पर 35% से 50% की पूंजीगत सब्सिडी (Capital Subsidy) प्राप्त कर रहे हैं, तो भी आप बचे हुए टर्म लोन के हिस्से पर एआईएफ योजना के तहत मिलने वाली 3% वार्षिक ब्याज छूट और CGTMSE क्रेडिट गारंटी सुरक्षा का दोहरा विधिक लाभ एक साथ ले सकते हैं।
10. खाता ओवरड्यू या एनपीए (NPA) होने की स्थिति में क्या 3% की वार्षिक ब्याज प्रतिपूर्ति जारी रहेगी? +
बिलकुल नहीं। नाबार्ड और रिज़र्व बैंक के विधिक साख सुरक्षा नियमों के अनुसार, यदि कोई सावधि ऋण खाता नियमित किस्तों का भुगतान न करने के कारण ओवरड्यू श्रेणी में चला जाता है अथवा 'गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (NPA)' के रूप में लॉक हो जाता है, तो मंत्रालय का नोडल सर्वर स्वतः ही उस तिमाही के लिए 3% ब्याज सबवेंशन की प्रतिपूर्ति को सस्पेंड (Freeze) कर देता है। खाता पुनः नियमित (Standard Asset) होने के बाद ही यह सबवेंशन बहाल होता है।

📢 सोलर पंप आवंटन विसंगति अथवा प्रशासनिक वित्तीय लापरवाही की विधिक शिकायत हेतु संपर्क

• राष्ट्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय तकनीकी सहायता डेस्क: pmkusum.mnre.gov.in (अखिल भारतीय आधिकारिक नोड)
• केन्द्रीय लोक शिकायत निवारण पटल (CPGRAMS Central Desk): pgportal.gov.in (यहाँ सीधे ऑनलाइन शिकायत प्रेषित करें)
• विधिक निर्देश विनिर्देश: इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर पीएम-कुसुम योजना के नाम पर किसानों को त्वरित लॉटरी या फर्जी बैंक खातों में पंजीकरण राशि जमा कराने का झांसा देने वाली अनेक फर्जी (Fake/Spam) वेबसाइटें सक्रिय हैं। विधिक रूप से सुरक्षित रहने के लिए कभी भी किसी सादे कागज़ या अनधिकृत पोर्टल के बैंक नोड पर कोई भी धनराशि स्थानांतरित न करें; केवल `.gov.in` प्रत्यय वाले आधिकारिक सरकारी डोमेन का ही उपयोग करें।
नोट: यह प्लेटफार्म (NRDP) एक स्वतंत्र नागरिक समावेशन सूचना पोर्टल है। यह टूल उपयोगकर्ता द्वारा चुनी गई भूलेख क्रेडेंशियल्स श्रेणियों, पानी के स्रोत गहराई सूचकांक और इनपुट्स के आधार पर केवल विधिक डिकोडिंग और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) की सामान्य गाइडलाइंस के अनुसार अनुमानित (Estimated) पात्रता घटक और बजटीय सब्सिडी राहत प्रस्तुत करता है। वास्तविक लाइव क्रेडेंशियल सत्यापन, लॉटरी बैच आवंटन, वेंडर चयन क्रेडेंशियल्स और अंतिम वित्तीय प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण का विधिक निर्णय पूरी तरह से आपके राज्य की अक्षय ऊर्जा नोडल एजेंसी (SNA नोड), आपके जिले के वर्तमान डिस्कॉम मानदंडों और आपके भूलेख रिकॉर्ड की अंतिम स्थलीय राजस्व सत्यता पर निर्भर करती है।
NRDP - National Resource & Data Portal
Logo