सूखा-बाढ़ फसल नुकसान मुआवजा एस्टिमेटर (Crop Loss Compensation Estimator) | NRDP Hub

सूखा-बाढ़ फसल नुकसान मुआवजा एस्टिमेटर (Crop Loss Disaster Compensation Estimator)

प्राकृतिक आपदाओं जैसे सूखा, बाढ़, ओलावृष्टि या बेमौसम बारिश के कारण फसलों को होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए भारत सरकार द्वारा 'प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY)' तथा 'राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (SDRF)' के माध्यम से वित्तीय राहत प्रदान की जाती है। यदि आपकी फसल का नुकसान हुआ है, तो इस लाइव एस्टिमेटर के जरिए तुरंत जानें कि आप किस योजना के तहत पात्र हैं, आपको प्रति हेक्टेयर कितना मुआवजा मिलेगा और क्लेम की विधिक प्रक्रिया क्या है।

🎯 इस फसल नुकसान एस्टिमेटर का मुख्य लाभ और उपयोग:

  • बीमा और गैर-बीमा डिकोडिंग: यह टूल बीमित (Insured) और गैर-बीमित (Uninsured) दोनों प्रकार के किसानों को उनकी पात्रता के अनुसार SDRF या PMFBY के मानकों पर मुआवजा की गणना करता है।
  • 72-घंटे का एक्शन प्लान: प्राकृतिक आपदा (Localised Calamity) के मामले में 72 घंटे के भीतर सूचना देने की अनिवार्य विधिक प्रक्रिया को समझाता है।
  • सटीक वित्तीय आकलन: सिंचित, असिंचित या वाणिज्यिक फसलों के लिए सरकारी मानकों के अनुरूप प्रति हेक्टेयर अनुमानित राशि प्रदर्शित करता है।
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📢 राजस्व विभाग अपडेट: जिन क्षेत्रों में 33% से अधिक फसल का नुकसान हुआ है, वहां हल्का लेखपाल/कृषि विभाग द्वारा 'क्रॉप कटिंग एक्सपेरिमेंट (CCE)' एवं क्षति सर्वेक्षण शुरू कर दिया गया है। अपना एस्टिमेट नीचे जांचें।
⏳ बीमा कंपनी 'इंटिमेशन (Intimation)' कटऑफ विंडो
02दिन
23घंटे
59मिनट
59सेकंड
विधिक नियम: आपदा (जैसे ओलावृष्टि/जलभराव) होने के 72 घंटे के भीतर बीमा कंपनी को सूचना देना अनिवार्य है।
📋 अपने फसल नुकसान का विनिर्देश दर्ज करें

📌 सुरक्षा निर्देश: यह टूल पूर्णतः क्लाइंट-साइड आधारित है। आपके खेत या बीमा का कोई भी डेटा सर्वर पर सहेजा नहीं जाता।

🚀 फसल नुकसान का क्लेम पास कराने का 5-स्टेप विधिक रोडमैप
📌 1. आपदा के 72 घंटे के भीतर 'Intimation (सूचना)' दें

बीमित किसानों के लिए सबसे महत्वपूर्ण नियम: ओलावृष्टि, जलभराव या बेमौसम बारिश होने पर 72 घंटे के अंदर टोल-फ्री नंबर (14447), क्रॉप इंश्योरेंस ऐप या बैंक को सूचना देना अनिवार्य है।

📌 2. लेखपाल / पटवारी द्वारा सर्वे (गैर-बीमित हेतु)

यदि बीमा नहीं है (SDRF), तो आपको तुरंत अपने गांव के हल्का लेखपाल (पटवारी) को एक प्रार्थना पत्र सौंपना होगा, जिसके आधार पर वह खेत का भौतिक निरीक्षण करेगा।

📌 3. क्रॉप कटिंग एक्सपेरिमेंट (CCE) का संपादन

व्यापक सूखे या बाढ़ की स्थिति में राज्य सरकार और बीमा कंपनी मिलकर 'Crop Cutting Experiment' करती हैं। इसी से तय होता है कि पूरे गांव में कुल कितना प्रतिशत नुकसान हुआ है।

📌 4. डैमेज असेसमेंट (क्षति आकलन) रिपोर्ट सिंकिंग

सर्वे होने के 15 दिनों के भीतर, कृषि और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम बीमा कंपनी या जिला आपदा नोड को 'Damage Assessment Report' ऑनलाइन सिंक करती है।

📌 5. डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) क्लेम सेटलमेंट

रिपोर्ट स्वीकृत होने के उपरांत, बीमित किसानों का पैसा इंश्योरेंस कंपनी द्वारा, और गैर-बीमित किसानों का पैसा SDRF के तहत राज्य सरकार द्वारा सीधे आधार लिंक्ड बैंक खाते (APBS) में भेज दिया जाता है।

📋 फसल नुकसान की शिकायत दर्ज कराने के 3 विधिक तरीके
📱 Crop Insurance App (बीमित हेतु)
🏦 बैंक / CSC केंद्र
📄 राजस्व विभाग (गैर-बीमित हेतु)
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Crop Insurance ऐप डाउनलोड करें

प्ले स्टोर से ऐप खोलकर 'Crop Loss' विकल्प पर क्लिक करें और अपना मोबाइल नंबर डालकर ओटीपी से लॉगिन करें।

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पॉलिसी/खसरा विवरण दर्ज करें

अपना बैंक खाता नंबर, पॉलिसी नंबर (Acknowledge Receipt) और फसल का नाम चुनें।

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फोटो और वीडियो अपलोड करें

खेत में जाकर क्षतिग्रस्त फसल का लाइव फोटो या छोटा वीडियो अपलोड करें (GPS लोकेशन अपने आप दर्ज हो जाएगी) और सबमिट करें।

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बीमा करने वाली बैंक शाखा जाएं

यदि आपका KCC (किसान क्रेडिट कार्ड) है और बैंक ने प्रीमियम काटा है, तो 72 घंटे में उसी बैंक शाखा या नजदीकी CSC केंद्र पर पहुंचें।

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क्षति सूचना फॉर्म (Intimation Form) भरें

बैंक मैनेजर को लिखित रूप में आपदा का विवरण, खसरा नंबर और नुकसान का प्रतिशत लिखकर दें।

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सिस्टम पावती (Receipt) लें

बैंक ऑपरेटर इसे बीमा कंपनी के पोर्टल पर फीड करेगा। फीडिंग की रसीद (Reference Number) भविष्य में क्लेम ट्रैक करने के लिए सुरक्षित रखें.

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हल्का लेखपाल से संपर्क करें

यदि बीमा नहीं है (SDRF क्लेम के लिए), तो एक सादे कागज पर नुकसान का विवरण लिखकर खतौनी और आधार के साथ लेखपाल को दें।

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भौतिक स्थलीय सर्वेक्षण (Survey)

लेखपाल और कृषि पर्यवेक्षक खेत पर आकर 33% से अधिक नुकसान की पुष्टि करेंगे और पंचनामा (Panchnama) तैयार करेंगे।

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तहसील से मुआवजा स्वीकृति

लेखपाल की रिपोर्ट तहसीलदार द्वारा एसडीएम (SDM) को जाएगी, जहां से आपका नाम राज्य आपदा फंड (SDRF) सूची में जुड़ जाएगा।

✅ मुआवजा मिलने की विधिक शर्तें और ❌ क्लेम रिजेक्ट होने के कारण

✅ मुआवजा कब 100% स्वीकृत होता है?
  • जब फसल का नुकसान विधिक रूप से 33% या उससे अधिक प्रमाणित हो।
  • बीमित किसानों द्वारा आपदा के 72 घंटे के भीतर बीमा कंपनी/बैंक को सूचित किया गया हो।
  • कटाई के बाद खेत में सूखने के लिए छोड़ी गई फसल (अधिकतम 14 दिन) को बेमौसम बारिश/ओले से नुकसान हुआ हो।
  • राजस्व विभाग (CCE रिपोर्ट) ने उस गांव को आपदा प्रभावित (Notified Calamity) घोषित किया हो।
❌ क्लेम रिजेक्ट (अस्वीकृत) होने के विधिक कारण
  • Loss < 33%: यदि सर्वे रिपोर्ट में नुकसान 33% से कम पाया जाता है।
  • Delayed Intimation: स्थानीय आपदा (Localized calamity) की सूचना 72 घंटे के बाद देना।
  • Human Error/Fire: मानवीय गलती, दुश्मनी या लापरवाही से खेत में आग लगने पर (यह PMFBY/SDRF में कवर नहीं है)।
  • Wrong Crop Declared: बीमा/रिकॉर्ड में फसल धान लिखी है, लेकिन खेत में गन्ना बोया गया था (Mismatch)।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs) - फसल नुकसान एवं क्लेम विशेष

01. यदि मेरी फसल का 30% नुकसान हुआ है, तो क्या मुझे सरकार से मुआवजा मिलेगा? +
नहीं, भारत सरकार के PMFBY और SDRF दोनों के विधिक नियमों के अनुसार, मुआवजा (Relief) प्राप्त करने के लिए फसल का नुकसान न्यूनतम 33% या उससे अधिक होना अनिवार्य है। इससे कम नुकसान पर कोई क्लेम देय नहीं होता।
02. मेरी फसल का बीमा (Insurance) नहीं है, क्या फिर भी मुझे बाढ़ या सूखे का मुआवजा मिलेगा? +
हाँ, जिन किसानों का बीमा नहीं है, उन्हें राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (SDRF) के तहत कृषि इनपुट सब्सिडी (Agricultural Input Subsidy) दी जाती है। इसके लिए आपको अपने लेखपाल/पटवारी से सर्वे कराकर तहसील में रिपोर्ट देनी होती है।
03. SDRF (बिना बीमा) के तहत प्रति हेक्टेयर कितना मुआवजा निर्धारित है? +
विधिक गाइडलाइंस के अनुसार: असिंचित (Rainfed) क्षेत्र के लिए ₹8,500/हेक्टेयर, सिंचित (Irrigated) क्षेत्र के लिए ₹17,000/हेक्टेयर, और बहुवर्षीय (Perennial) वाणिज्यिक फसलों के लिए ₹22,500/हेक्टेयर दिया जाता है। (यह अधिकतम 2 हेक्टेयर तक ही देय है)।
04. 72 घंटे का नियम (72 Hours Intimation Rule) क्या है? +
PMFBY के तहत 'स्थानीय आपदा' (Localized Calamity जैसे ओलावृष्टि, भूस्खलन, बेमौसम बारिश, बादल फटना) के मामले में, किसान को घटना होने के 72 घंटे के भीतर बीमा कंपनी, ऐप या बैंक को सूचना देना विधिक रूप से अनिवार्य है, अन्यथा क्लेम रिजेक्ट हो जाएगा।
05. यदि पूरे जिले में एक साथ सूखा या बाढ़ (Widespread Calamity) आई है, तो क्या 72 घंटे में सूचना देना जरूरी है? +
नहीं, यदि राज्य सरकार द्वारा पूरे क्षेत्र को 'आपदा ग्रस्त (Notified Disaster Area)' घोषित कर दिया जाता है और 'क्रॉप कटिंग एक्सपेरिमेंट (CCE)' से नुकसान तय होता है, तो किसानों को अलग से 72 घंटे में सूचना देने की आवश्यकता नहीं होती। मुआवजा सीधेडेटा के आधार पर तय होता है।
06. क्या फसल काटने के बाद खेत में रखे-रखे बारिश से खराब होने पर क्लेम मिलता है? +
हाँ, PMFBY में 'Post-Harvest Loss' (कटाई उपरांत नुकसान) का कवर है। यदि कटाई के बाद फसल खेत में सूखने के लिए छोड़ी गई है, तो कटाई से 14 दिन के भीतर बेमौसम बारिश या ओलावृष्टि से हुए नुकसान पर बीमा कंपनी क्लेम देती है। (इसके लिए भी 72 घंटे में सूचना देना जरूरी है)।
07. मेरे खेत में आग लगने से गेहूं जल गया, क्या PMFBY या SDRF में इसका मुआवजा मिलेगा? +
यह इस पर निर्भर करता है कि आग कैसे लगी। यदि आग प्राकृतिक (जैसे आकाशीय बिजली गिरने) से लगी है, तो क्लेम मिलेगा। लेकिन यदि आग मानवीय गलती (जैसे बीड़ी फेंकना, पराली जलाना या शॉर्ट सर्किट) से लगी है, तो PMFBY में इसका कोई क्लेम नहीं मिलता। इसके लिए 'मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना' (राज्यवार अलग-अलग) के तहत तहसील में आवेदन करना होता है।
08. मेरा KCC (किसान क्रेडिट कार्ड) है और बैंक ने जबरदस्ती प्रीमियम काट लिया था। अब नुकसान पर मैं क्या करूँ? +
KCC धारक ऋणी किसानों का PMFBY प्रीमियम बैंक स्वतः काटता है (जब तक किसान 'Opt-out' फॉर्म न दे)। इसलिए आप एक 'बीमित किसान' (Insured Farmer) माने जाएंगे। नुकसान होने पर तुरंत अपने बैंक जाएं और पॉलिसी नंबर मांगकर 72 घंटे में 'Intimation' दर्ज कराएं। आपको 'बीमित राशि (Sum Insured)' के आधार पर पूरा क्लेम मिलेगा।
09. क्या जंगली जानवरों (जैसे नीलगाय, सुअर) द्वारा फसल नष्ट करने पर बीमा क्लेम मिलता है? +
कुछ राज्यों (जैसे उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश) ने इसे Add-on कवर के रूप में PMFBY में शामिल किया है, लेकिन यह अखिल भारतीय स्तर पर लागू नहीं है। यदि आपके राज्य के नोटिफिकेशन में 'Wild Animal Attack' शामिल है, तो क्लेम मिलेगा, अन्यथा नहीं।
10. बीमा कंपनी सर्वेक्षक (Surveyor) ने नुकसान कम बताया है, मैं इसके खिलाफ अपील कहाँ करूँ? +
यदि आप सर्वेक्षक की रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं हैं, तो आप जिला कृषि अधिकारी (DAO) या जिला स्तर की 'शिकायत निवारण समिति (DGRC)' में लिखित अपील कर सकते हैं। इसके अलावा, आप PMFBY पोर्टल (pmfby.gov.in) पर भी ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

📢 फसल बीमा या मुआवजा सर्वे में लापरवाही की शिकायत हेतु संपर्क

• PMFBY राष्ट्रीय हेल्पलाइन (Toll-Free): 14447 (नुकसान की सूचना यहाँ भी दे सकते हैं)
• बीमा कंपनी पोर्टल: pmfby.gov.in (यहाँ अपनी कंपनी का टोल-फ्री नंबर खोजें)
• राजस्व शिकायत: सर्वे न होने पर सीधे अपने तहसील के SDM या तहसीलदार को लिखित प्रार्थना पत्र दें।
नोट: यह प्लेटफार्म (NRDP) एक स्वतंत्र नागरिक समावेशन सूचना पोर्टल है। यह टूल केवल आपके इनपुट्स के आधार पर सरकारी गाइडलाइंस के अनुसार अनुमानित (Estimated) रिपोर्ट देता है। वास्तविक क्लेम राशि और स्वीकृति सर्वेक्षक की रिपोर्ट और बीमा कंपनी/राजस्व विभाग के अंतिम निर्णय पर निर्भर करती है।
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