परंपरागत कृषि विकास योजना पात्रता ग्रिड | NRDP Hub

परंपरागत कृषि विकास योजना पात्रता ग्रिड (PKVY Organic Farming Eligibility Grid)

परंपरागत कृषि विकास योजना (PKVY) भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा संचालित राष्ट्रीय मृदा स्वास्थ्य और रासायनिक मुक्त साख समावेशन पटल की एक विधिक केंद्रीय योजना है। इसका मुख्य उद्देश्य क्लस्टर (समूह) आधारित प्रणाली के माध्यम से टिकाऊ और प्रमाणित जैविक खेती (Organic Farming) को बढ़ावा देना है। योजना के विधिक मानकों के अनुसार, भाग लेने वाले किसानों को जैविक इनपुट्स (जैव-उर्वरक, वर्मीकंपोस्ट), मूल्य संवर्धन, ब्रांडिंग और **PGS-India (पार्टिसिपेटरी गारंटी सिस्टम) विधिक प्रमाणीकरण** हेतु अधिकतम **₹50,000 प्रति हेक्टेयर** की बजटीय वित्तीय सहायता 3 वर्षों के चक्र में प्रदान की जाती है। इस उन्नत 9-डेटा इनपुट कस्टमाइज्ड पात्रता ग्रिड सिम्युलेटर के माध्यम से अपनी क्लस्टर व्यवहार्यता, संचित वित्तीय पैकेज और नाबार्ड सॉफ्ट क्रेडिट संभावनाओं का लाइव विश्लेषण करें।

🎯 इस PKVY पात्रता ग्रिड की मुख्य विशेषताएं:

  • 9-डेटा मापदंड व्यापक विधिक संवीक्षा: यह सिम्युलेटर उपयोगकर्ता के विशिष्ट भौगोलिक नोड, राज्य, क्लस्टर आकार, कुल रकबा, और मृदा क्रेडेंशियल्स जैसे 9 वास्तविक पैमानों को प्रोसेस करके पूर्णतः प्रामाणिक रिपोर्ट तैयार करता है।
  • PGS-India प्रमाणीकरण मैपिंग: क्लस्टर क्रेडेंशियल्स के आधार पर स्वतः ऑर्गेनिक कन्वर्जन अवधि (Conversion Period) और विधिक प्रमाणीकरण शुल्क सहायता का निर्धारण करता है।
  • नाबार्ड ऑर्गेनिक इंफ्रास्ट्रक्चर फंड सिंकिंग: इनपुट उत्पादन इकाइयों और बायो-फ़र्टिलाइज़र पिट निर्माण हेतु संस्थागत रियायती साख लोन संभावनाओं का विधिक मूल्यांकन प्रस्तुत करता है।
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📢 केन्द्रीय जैविक खेती लाइव निर्देश (वर्ष 2026): संशोधित PKVY फ्रेमवर्क के अंतर्गत, छोटे और सीमांत भूमिहीन/महिला किसानों के स्व-सहायता समूहों (SHGs) को प्राथमिकता नोड के तहत क्लस्टर आधारित इनपुट सब्सिडी विमुक्तीकरण चक्र में विशेष बजटीय वरीयता देने का विधिक प्रावधान है।
⏳ चालू सीजन PKVY जैविक क्लस्टर गठन एवं बजटीय लॉक विंडो
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क्षेत्रीय कृषि निदेशालयों द्वारा नाबार्ड और जैविक पटल पर नए क्लस्टरों के डेटा पैकेट सिंक करने और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) इनपुट फंड लॉक करने का लाइव आवर्ती काउंटडाउन।
📋 अपनी कृषि एवं क्लस्टर क्रेडेंशियल्स दर्ज करें
🚀 PKVY योजना के तहत समूह गठित कर ₹50,000 प्रति हेक्टेयर अनुदान प्राप्त करने का 5-स्टेप रोडमैप
📌 1. हल्का लेखपाल पटवारी से प्रमाणित भूलेख एवं 20 कृषकों का सामूहिक एकत्रीकरण

अपने ग्राम/हल्का के न्यूनतम 20 प्रगतिशील किसानों को मिलाकर एक अनौपचारिक समूह बनाएं। प्रत्येक किसान के पास न्यूनतम 0.4 हेक्टेयर भूमि विलेख मालिकाना साक्ष्य होना अनिवार्य विनिर्देश है।

📌 2. जिला कृषि उप-निदेशक (Horticulture/Agri Office) काउंटर पर क्लस्टर पंजीकरण

समूह के सभी सदस्यों के आधार, पासबुक और खतौनी प्रतियों के साथ 'PKVY Cluster Formation Form' निष्पादित कर जमा करें। क्षेत्रीय अधिकारी आपके क्रेडेंशियल्स का मिलान कर क्लस्टर प्रविष्टि लॉक करेगा।

📌 3. पीजीएस-इंडिया (PGS-India Master Domain) पर लोकल ग्रुप का विधिक ऑनलाइन खाता सिंक करना

विभागीय नोडल एजेंसी आपके समूह को PGS-India पोर्टल पर 'लोकल ग्रुप (Local Group Node)' के रूप में पंजीकृत करेगी। इसके उपरांत समूह के सदस्यों को 'पीयर रिव्यू (पारस्परिक निरीक्षण)' के कड़े विधिक कूट नियम समझाए जाएंगे।

📌 4. जैविक रूपांतरण (Conversion Period) चक्र प्रचालन एवं DBT इनपुट सब्सिडी रिहाई

पारंपरिक खेती से जैविक की ओर म्यूटेशन के प्रथम व द्वितीय वर्ष में, सरकार प्रति हेक्टेयर **₹31,000 की प्रत्यक्ष डीबीटी राशि** सीधे किसानों के खाते में जैविक खाद, केंचुआ बेड, और नीम तेल इनपुट क्रय हेतु विमुक्त करेगी।

📌 5. विधिक ऑर्गेनिक स्कोप सर्टिफिकेट (Scope Certificate) विमुक्तीकरण एवं विपणन

तीसरे वर्ष के सफल वैज्ञानिक ऑडिट और पीयर वेरिफिकेशन लॉग पास होने के उपरांत, पीजीएस-इंडिया पोर्टल द्वारा आपके क्लस्टर को '100% विधिक ऑर्गेनिक क्रेडेंशियल सर्टिफिकेट' जारी कर दिया जाएगा, जिससे आप प्रीमियम मूल्य पर उपज बेच सकेंगे।

📋 अपनी भौगोलिक व संगठनात्मक पृष्ठभूमि के अनुसार सही जैविक समावेशन माध्यम चुनने के 3 विधिक तरीके
🥛 पारंपरिक क्षेत्रीय क्लस्टर माध्यम (Standard PKVY Cluster)
🔌 FPOs / SHGs संस्थागत चैनल (Institutional Route)
☀️ नमामि गंगे / प्राकृतिक कृषि विलेख (Natural Farming Node)
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स्थानीय सामुदायिक जोत

यह घटक उन पारंपरिक ग्रामीण क्षेत्रों के लिए विधिक रूप से डिफ़ॉल्ट रूप से लागू होता है जहाँ 20 या अधिक काश्तकार एक ही भौगोलिक पट्टी में संचित 20 हेक्टेयर (लगभग 50 एकड़) का वृहद क्लस्टर नोड बनाने को तैयार हैं।

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₹50,000 संचित बजटीय बजटीय ग्रांट

विधिक मानदंडों के अनुसार 3 वर्षों के चक्र में प्रति हेक्टेयर ₹50,000 की वित्तीय सहायता लॉक होती है, जिसमें 62% (₹31,000) सीधे इनपुट क्रय हेतु direct किसान डीबीटी नोड पर जाती है।

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निःशुल्क स्थानीय ग्रुप प्रमाणीकरण

PGS-India के तहत इस क्लस्टर के प्रमाणीकरण का संपूर्ण प्रशासनिक व लैब खर्च सरकार स्वयं वहन करती है, जिससे किसानों पर कोई व्यक्तिगत वित्तीय भार नहीं आता।

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व्यावसायिक क्लस्टर समावेशन

यह वित्तीय चैनल पहले से पंजीकृत किसान उत्पादक संगठनों (FPOs), स्वयं सहायता समूहों (SHGs) अथवा सहकारी समितियों के संचित विलेख क्रेडेंशियल्स हेतु आरक्षित है।

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वैल्यू एडिशन और पैकेजिंग हेतु विशेष वित्तीय सहायता नोड

इस संस्थागत चैनल के तहत कुल बजटीय सहायता का शेष हिस्सा (लगभग ₹19,000 प्रति हेक्टेयर) FPOs को सामूहिक पैकेजिंग, ग्रेडिंग इकाइयाँ स्थापित करने, ऑर्गेनिक ब्रांडिंग और लॉजिस्टिक्स चेन मजबूत करने हेतु विमुक्त किया जाता है।

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नाबार्ड कोलेटरल-मुक्त सॉफ्ट मियादी सावधि ऋण

60% की संचित सब्सिडी के बाद बड़े पैमाने पर बायो-फ़र्टिलाइज़र प्रोसेसिंग प्लांट लगाने हेतु नाबार्ड दिशानिर्देशों के तहत बैंकों से बिना जमीन बंधक रखे टर्म लोन की पूरक व्यवस्था लॉक की जाती है।

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विशेष भौगोलिक पट्टी विनिर्देश

यह घटक गंगा नदी के दोनों किनारों पर 5 किमी के विनिर्देशित विधिक दायरे (नमामि गंगे अभियान) अथवा पहाड़ी/जनजातीय क्षेत्रों में शून्य-लागत प्राकृतिक खेती (बीजामृत, जीवामृत प्रणालियों) को बढ़ावा देने हेतु अधिसूचित है।

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मृदा कार्बन री-स्टोर प्राथमिकता

जिन क्षेत्रों की सॉयल लैब रिपोर्ट में जैविक कार्बन (Organic Carbon - OC) लेस देन 0.50% दर्ज है, उन जोतों को मिट्टी की उपजाऊ क्षमता पुनर्स्थापित करने हेतु इस विशेष प्राकृतिक नोड में स्वतः स्थान दिया जाता है।

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प्रति हेक्टेयर ₹31,000 का त्वरित इंसेंटिव

गोशाला अवसंरचना निर्माण, देसी गाय के रख-रखाव खर्च और ऑन-फार्म इनपुट उत्पादन पिट्स के विलेख साक्ष्य प्रस्तुत करने पर त्वरित डीबीटी प्रोत्साहन फंड सीधे प्रेषित कर दिया जाता है।

✅ PKVY योजना समावेशन की विधिक शर्तें और ❌ डेस्क संवीक्षा (Scrutiny) में आवेदन खारिज होने के कारण

✅ जैविक सब्सिडी व प्रमाणीकरण तुरंत स्वीकृत होने की विधिक शर्तें
  • भूमि मालिकाना भूलेख राजस्व रिकॉर्ड (खतौनी नकल नकल) पूरी तरह साफ हो और आवेदक का विधिक अंश हिस्सा हेक्टेयर सिंक दर्ज हो।
  • आवेदक न्यूनतम 20 किसानों के पंजीकृत 'लोकल ग्रुप क्लस्टर' अथवा नाबार्ड मान्यता प्राप्त FPO/SHG संस्थागत नेटवर्क का सक्रिय विधिक हिस्सा हो।
  • प्रस्तावित कृषि भूखंड का व्यक्तिगत क्षेत्रफल प्रति किसान न्यूनतम **0.4 हेक्टेयर** और अधिकतम 2.0 हेक्टेयर की विधिक बजटीय सीमाओं के भीतर लॉक हो।
❌ डेस्क संवीक्षा (Scrutiny) में आवेदन खारिज होने के प्रशासनिक कारण
  • Individual Isolated Application Discrepancy: किसी भी समूह या औपचारिक क्लस्टर का हिस्सा बने बिना अकेले व्यक्तिगत स्तर पर स्वतंत्र PKVY सब्सिडी का दावा प्रस्तुत करना (कानूनन सर्वथा अमान्य)।
  • Credential Mismatch Error: भूलेख राजस्व रिकॉर्ड दर्ज नाम और आधार पहचान पत्र के अंग्रेजी अक्षरों की स्पेलिंग में गंभीर लिपिकीय भिन्नता होना, जिससे DBT गेटवे प्रेषण ब्लॉक हो जाता है।
  • Land Area Breach Limit: क्लस्टर का कुल संचित क्षेत्रफल विधिक रूप से आवश्यक न्यूनतम **20 हेक्टेयर (50 एकड़)** की सीमा से कम दर्ज होना।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs) - परंपरागत कृषि विकास योजना विशेष

01. परंपरागत कृषि विकास योजना (PKVY) के तहत एक किसान को अधिकतम कितनी विधिक वित्तीय सहायता मिल सकती है? +
PKVY योजना के विधिक प्रावधानों के अनुसार, 3 वर्षों के संपूर्ण चक्र हेतु प्रति हेक्टेयर अधिकतम **₹50,000 की संचित वित्तीय सहायता** लॉक की जाती है। इसमें से 62% यानी पूरे ₹31,000 प्रति हेक्टेयर की राशि सीधे डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से किसानों के बैंक खातों में जैविक इनपुट (वर्मीकंपोस्ट, जैव-उर्वरक, वानस्पतिक अर्क) क्रय करने हेतु विमुक्त की जाती है। शेष राशि क्लस्टर प्रबंधन, मूल्य संवर्धन और ब्रांडिंग हेतु देय होती है।
02. क्या कोई अकेला किसान व्यक्तिगत स्तर पर सीधे PKVY पोर्टल पर सब्सिडी का विधिक दावा कर सकता है? +
नहीं, यह विधिक रूप से पूर्णतः प्रतिबंधित है। PKVY योजना का बुनियादी नोड पूरी तरह **क्लस्टर आधारित प्रणाली (Cluster-based Approach)** पर संचालित होता है। इसका लाभ लेने के लिए कृषक को अपने हल्का के न्यूनतम 20 किसानों के साथ मिलकर कम से कम 20 हेक्टेयर का औपचारिक समूह बनाना अनिवार्य है, अथवा नाबार्ड मान्यता प्राप्त FPO/SHG क्लस्टर चैनल का हिस्सा होना आवश्यक है। व्यक्तिगत एकाकी आवेदनों को डेस्क संवीक्षा स्तर पर स्वतः निरस्त (Reject) कर दिया जाता है।
03. PGS-India जैविक प्रमाणीकरण (Organic Certification) प्रणाली क्या है और इसका क्या विधिक लाभ मिलता है? +
पार्टिसिपेटरी गारंटी सिस्टम (Participatory Guarantee System - PGS India) भारत सरकार द्वारा संचालित एक विकेंद्रीकृत विधिक जैविक प्रमाणीकरण प्रणाली है। इसके तहत क्लस्टर के किसान आपस में एक-दूसरे के खेतों का विनिर्देशित रासायनिक-मुक्त मापदंडों पर पारस्परिक निरीक्षण (Peer Review Log) करते हैं। इसका विधिक लाभ यह है कि इसके तहत मिलने वाला 'Scope Certificate' आपके उत्पादों को घरेलू बाजारों में प्रामाणिक 'ऑर्गेनिक क्रेडेंशियल' के रूप में बेचने का विधिक एकाधिकार प्रदान करता है, जिससे फसल का प्रीमियम मूल्य प्राप्त होता है।
04. केसीसी (KCC) सावधि ऋण नवीनीकरण पटल पर सॉयल हेल्थ कार्ड और जैविक प्रविष्टि सिंक कराना क्यों अनिवार्य है? +
नाबार्ड और रिज़र्व बैंक के नवीनतम वित्तीय समावेशन सर्कुलर 2026 के अनुसार, सतत जैविक साख समावेशन को बढ़ावा देने हेतु बैंकों को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि स्केल ऑफ फाइनेंस के तहत इनपुट कंपोनेंट फंड स्वीकृत करने से पूर्व किसान की सॉयल रिपोर्ट और PKVY क्लस्टर पंजीकरण आईडी को लेजर क्रेडेंशियल्स में अनिवार्य रूप से सिंक किया जाए, ताकि संतुलित और पर्यावरण-अनुकूल साख संचरण सुनिश्चित हो सके।
05. जैविक रूपांतरण अवधि (Conversion Period) क्या होती है और इस दौरान क्या रासायनिक खाद डालने की विधिक अनुमति है? +
रासायनिक खेती से पूर्णतः विधिक जैविक श्रेणी में म्यूटेट (परिवर्तित) होने के शुरुआती **2 से 3 वर्षों के समय-चक्र** को 'रूपांतरण अवधि (Conversion Period)' कहते हैं। इस विधिक अवधि के दौरान खेत की मिट्टी में पिछले रासायनिक अवशेषों को निष्क्रिय किया जाता है। नियमों के अनुसार, इस अवधि में खेत के भीतर किसी भी प्रकार के सिंथेटिक रासायनिक उर्वरक (जैसे यूरिया, डीएपी) अथवा कीटनाशक का उपयोग विधिक व वैज्ञानिक रूप से पूरी तरह प्रतिबंधित होता है; उल्लंघन पाए जाने पर क्लस्टर का प्रमाणीकरण निरस्त कर दिया जाता है।
06. क्या पट्टे की कृषि भूमि (Leased Land) पर खेती करने वाले बटाईदार किसान PKVY क्लस्टर का हिस्सा बन सकते हैं? +
हाँ, बटाईदार या पट्टाधारक किसान भी क्लस्टर में पूर्ण भागीदार बनने के विधिक रूप से हकदार हैं। परंतु, नाबार्ड और जैविक नियमों के अनुसार, चूंकि ऑर्गेनिक रूपांतरण चक्र में 3 वर्ष लगते हैं, अतः भू-स्वामी के साथ निष्पादित किया गया कृषि पट्टा अनुबंध पत्र (Lease Agreement डीड) न्यूनतम **3 से 5 वर्ष की सक्रिय अवधि का पंजीकृत या नोटरीकृत विलेख** होना अनिवार्य है, जिसके साथ भू-स्वामी की मूल खतौनी नकल संलग्न होनी चाहिए।
07. मेरे सॉयल हेल्थ कार्ड में जैविक कार्बन (Organic Carbon - OC %) लेस देन 0.50% प्रदर्शित है, क्या मैं योजना में प्राथमिकता प्राप्त कर सकता हूँ? +
हाँ, बिल्कुल। मृदा अभियांत्रिकी संभाग के नियमों के अनुसार, जिन क्षेत्रों की मिट्टी में जीवांश कार्बन का स्लैब लेस देन 0.50% (निम्न उपजाऊ स्तर) दर्ज है, उन्हें रासायनिक खादों के कुप्रभाव से बचाने और उपजाऊ क्षमता पुनर्स्थापित (Restore) करने के लिए PKVY क्लस्टर आवंटन सूची में **प्रशासनिक रूप से प्राथमिक लाभार्थी नोड (Priority Access)** के तहत स्वतः पहली प्राथमिकता दी जाती है।
08. क्या जैविक खेती क्लस्टर के उत्पादों के विपणन (Marketing) और ब्रांडिंग हेतु भी सरकार अलग से वित्तीय फंड जारी करती है? +
हाँ, यह योजना का एक महत्वपूर्ण मूल्य संवर्धन नोड है। प्रति हेक्टेयर स्वीकृत ₹50,00,000 के कुल बजटीय आवंटन में से लगभग **₹15,000 की राशि विधिक रूप से मूल्य संवर्धन, पैकेजिंग, स्थानीय ऑर्गेनिक मेलों के आयोजन, ब्रांडिंग क्रेडेंशियल्स विकसित करने**, और उपज को सीधे शहरों के ई-कॉमर्स नोड्स अथवा नाबार्ड किसान बाज़ारों से जोड़ने हेतु क्लस्टर प्रबंधन समिति को सीधे विमुक्त की जाती है।
09. क्या बाजार से जैविक खाद (वर्मीकंपोस्ट) खुद खरीदकर मैं बाद में व्यक्तिगत रूप से बिल अपलोड कर DBT रिफंड पा सकता हूँ? +
नहीं, यह विधिक रूप से पूर्णतः वर्जित प्रक्रिया है। खुले बाजार (Open Market) से स्वतंत्र रूप से खरीदी गई सामग्री पर कोई व्यक्तिगत डीबीटी रिफंड नहीं मिलेगा। सब्सिडी का विमुक्तीकरण केवल और केवल तभी संभव है जब आपका क्लस्टर प्रस्ताव जिला कृषि उप-निदेशक कार्यालय स्तर पर स्वीकृत होकर PGS-India पर सक्रिय हुआ हो, और सामग्री क्रय या ऑन-फार्म वर्मीकंपोस्ट बेड का निर्माण केवल **समूह की सर्वसम्मति प्रस्ताव रजिस्टर (Resolution Register Log)** के आधार पर अधिकृत एम्पैनल्ड एजेंसियों द्वारा ही पूर्ण किया गया हो।
10. क्लस्टर के सभी क्रेडेंशियल्स पूर्ण होने और लैंड मैपिंग पास होने के बावजूद यदि क्षेत्रीय कृषि अधिकारी 3 महीने तक इनपुट फंड जारी न करे, तो कहाँ अपील करें? +
यह नागरिक सेवा गारंटी और प्रशासनिक साख समावेशन नियमों का सीधा उल्लंघन है। नियमानुसार क्लस्टर अनुमोदन के अधिकतम 45 दिनों के भीतर प्रथम किस्त का इनपुट फंड विमुक्त होना विधिक प्रशासनिक बाध्यता है। अत्यधिक लिपिकीय विलंब होने पर आप क्लस्टर आईडी पावती रसीद के साथ सीधे राज्य कृषि निदेशालय के 'संयुक्त कृषि निदेशक (ऑर्गेनिक विंग)' को लिखित नोटिस दें, अथवा केंद्र सरकार के सर्वोच्च प्रशासनिक निवारण पटल (pgportal.gov.in) पर सीधे कृषि मंत्रालय को केस प्रेषित करें।

📢 जैविक क्लस्टर आवंटन विसंगति अथवा प्रशासनिक वित्तीय लापरवाही की विधिक शिकायत हेतु संपर्क नोड्स

• राष्ट्रीय पीजीएस-इंडिया जैविक प्रमाणीकरण पोर्टल तकनीकी सहायता डेस्क (NCOF Head): pgsindia-ncof.gov.in (अखिल भारतीय आधिकारिक डिजिटल नोड)
• केन्द्रीय लोक शिकायत निवारण पटल (CPGRAMS सर्वोच्च प्रशासनिक डेस्क): pgportal.gov.in (यहाँ सीधे ऑनलाइन शिकायत प्रेषित करें)
• विधिक निर्देश विनिर्देश: कुछ अनधिकृत तत्व व दलाल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर पीएम फसल बीमा अथवा PKVY योजना के नाम पर त्वरित लॉटरी या व्यक्तिगत बैंक खातों में जैविक पंजीकरण शुल्क जमा कराने का फर्जी झांसा देते हैं। विधिक सुरक्षा मानकों के अनुसार, सॉयल हेल्थ कार्ड और PKVY क्लस्टर गठन की संपूर्ण विलेख प्रचालन प्रक्रिया सरकारी बजटीय समावेशन के अधीन **पूर्णतः निःशुल्क (Free Registry Node)** संचालित है; किसी भी गैर-सरकारी पटल अथवा अनधिकृत मोबाइल नोड लिंक पर कोई भी अग्रिम धनराशि स्थानांतरित न करें और केवल अधिकृत सरकारी डोमेन का ही उपयोग करें।
नोट: यह प्लेटफार्म (NRDP) एक स्वतंत्र नागरिक समावेशन सूचना पोर्टल है। यह टूल उपयोगकर्ता द्वारा चुनी गई क्लस्टर क्रेडेंशियल्स श्रेणियों, कुल भूखंड रकबा सूचकांक और इनपुट्स के आधार पर केवल विधिक डिकोडिंग और परंपरागत कृषि विकास योजना (PKVY 2026) की सामान्य गाइडलाइंस के अनुसार अनुमानित (Estimated) कुल बजटीय सहायता सीमा, इनपुट डीबीटी प्रोत्साहन फंड और अनुशंसित विधिक प्रमाणीकरण मार्गदर्शिका प्रस्तुत करता है। वास्तविक लाइव क्रेडेंशियल सत्यापन, क्लस्टर बैच आवंटन, सॉयल कार्बन डेटा मैपिंग क्रेडेंशियल्स और अंतिम वित्तीय प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण का विधिक निर्णय पूरी तरह से आपके जिले के कृषि नोडल प्रशासनिक संभाग (DDA नोड), आपके राज्य के वर्तमान वित्तीय वर्ष के भौतिक बजटीय लक्ष्यों (Targets) की उपलब्धता, और आपके भूलेख रिकॉर्ड की अंतिम स्थलीय भौतिक राजस्व सत्यता पर निर्भर करता है।
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