कैशलेस क्लेम प्री-ऑथराइजेशन ट्रैकर (Cashless Claim Pre-Authorization Tracker)
आयुष्मान भारत - प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (**AB-PMJAY**) और **आयुष्मान वय वंदना योजना (70+ बुजुर्गों हेतु)** तथा राज्य स्वास्थ्य बीमा योजनाओं के तहत अस्पताल में भर्ती होने पर डॉक्टर द्वारा क्लेम की प्री-ऑथराइजेशन (Pre-authorization Request) दर्ज की जाती है। यह ट्रैकर टूल आपके **प्री-ऑथराइजेशन स्टेटस (Approved, Pending, Query Raised, or Rejected), अनुमानित अप्रूवल समय (SLA Timer), और पेंडिंग या क्वैरी होने पर सुधारात्मक गाइडलाइन व 3 विधिक शिकायत समाधान माध्यम** तुरंत प्रदान करता है।
🎯 इस प्री-ऑथराइजेशन क्लेम ट्रैकर की मुख्य विशेषताएं:
- प्री-ऑथराइजेशन लाइव स्टेटस ट्रैकिंग: NHA TMS सर्वर व इंश्योरेंस कंपनी / SHA स्तर पर क्लेम एप्रोव्ड या पेंडिंग होने की सटीक जानकारी।
- अस्पताल क्वैरी व रिजेक्शन कारण विश्लेषण: मेडिकल रिपोर्ट अपर्याप्त होने या पैकेज मिसमैच जैसी त्रुटियों को ठीक करने का समाधान।
- 3 ट्रैकिंग तरीके (Master Tabs System): NHA TMS पोर्टल, अस्पताल आयुष्मान मित्र डेस्क व 14555 कॉल सेंटर द्वारा लाइव क्लेम स्टेटस।
🎯 कैशलेस प्री-ऑथ क्लेम रिपोर्ट (Pre-Auth Claim Audit Log):
प्री-ऑथ क्लेम स्टेटस रिपोर्ट
📊 क्लेम डायग्नोस्टिक व अस्पताल सुधारात्मक निर्देश:
1. NHA Beneficiary Portal (लाइव क्लेम व बैलेंस चेक) 🔗 Official Ayushman Node
राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) का आधिकारिक पोर्टल। अपने आधार या कार्ड नंबर से लॉगिन कर प्री-ऑथ क्लेम बैलेंस जांचें।
2. NHA CGRMS - प्री-ऑथ पेंडिंग ऑनलाइन शिकायत नोड 🔗 Submit Grievance
यदि अस्पताल या बीमा कंपनी द्वारा प्री-ऑथराइजेशन बिना कारण रोकी गई है, तो CGRMS पोर्टल पर विधिक शिकायत दर्ज करें।
अस्पताल के रिसेप्शन/इमरजेंसी में तैनात 'आयुष्मान मित्र' से मिलें और अपनी Pre-Auth Request ID या कार्ड नंबर दें।
आयुष्मान मित्र अपने हॉस्पिटल लॉगिन (TMS Login) से लाइव स्टेटस जांचेगा कि क्लेम Approved है या Query लगी है।
यदि बीमा कंपनी ने रिपोर्ट/जांच मांगी (Query Raised) है, तो डॉक्टर से अतिरिक्त मेडिकल रिपोर्ट अपलोड कराएं।
ब्राउज़र में **beneficiary.nha.gov.in** खोलें, 'Beneficiary' चुनें और मोबाइल नंबर OTP से लॉगिन करें।
अपना राज्य, जिला, और आधार नंबर दर्ज करके मरीज की ट्रीटमेंट हिस्ट्री और ब्लॉक बैलेंस चेक करें।
स्वीकृति मिलते ही पोर्टल पर क्लेम राशि ब्लॉक और **Pre-Auth Approved** दिखाई देने लगेगा।
अपने मोबाइल से 24x7 उपलब्ध राष्ट्रीय टोल-फ्री हेल्पलाइन **14555** या **1800-111-565** पर कॉल करें।
कॉल ऑपरेटर को मरीज का आयुष्मान कार्ड/आधार नंबर तथा भर्ती अस्पताल का नाम बताएं।
ऑपरेटर लाइव सर्वर से देखकर बताएगा कि क्लेम एप्रोव हुआ है या पेंडिंग है।
📌 स्टेप 1: अस्पताल में भर्ती के समय आयुष्मान मित्र हेल्पडेस्क पर कार्ड/आधार प्रस्तुत करना
मरीज के अस्पताल में भर्ती होते ही रिसेप्शन पर बने 'आयुष्मान भारत हेल्पडेस्क' पर जाएं। आयुष्मान मित्र को आयुष्मान कार्ड (या 70+ बुजुर्गों का आयुष्मान वय वंदना कार्ड) और आधार कार्ड सौंपें। बायोमेट्रिक या ओटीपी द्वारा सत्यापन कराएं।
📌 स्टेप 2: डॉक्टर द्वारा बीमारी का मेडिकल पैकेज कोड तय कर ऑनलाइन प्री-ऑथ भेजना
रोग विशेषज्ञ डॉक्टर मरीज की बीमारी की जांच कर NHA TMS सॉफ्टवेयर में मेडिकल पैकेज कोड और अनुमानित लागत दर्ज करेगा। आयुष्मान मित्र द्वारा NHA सर्वर पर प्री-ऑथराइजेशन (Pre-auth) ऑनलाइन सबमिट किया जाएगा।
📌 स्टेप 3: इंश्योरेंस कंपनी / SHA द्वारा क्लेम एप्रोवल एवं क्वैरी (Query) का समाधान
राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण (SHA) या बीमा कंपनी की मेडिकल टीम 2 से 4 घंटों में क्लेम की जांच करेगी। यदि कोई अतिरिक्त रिपोर्ट मांगी जाती है (Query Raised), तो डॉक्टर तुरंत रिपोर्ट अपलोड करेंगे, जिसके बाद क्लेम **Approved** हो जाएगा।
📌 स्टेप 4: 100% मुफ़्त कैशलेस इलाज प्राप्त करना व डिस्चार्ज के समय शून्य बिल पाना
प्री-ऑथराइजेशन स्वीकृत होते ही मरीज का इलाज, सर्जरी, आईसीयू, दवाइयां व भोजन पूरी तरह मुफ़्त (Cashless) प्रदान किया जाएगा। डिस्चार्ज के समय मरीज को अस्पताल से शून्य (₹0) बैलेंस का डिस्चार्ज समरी बिल मिलेगा।
⚖️ विधिक तरीका 1: NHA CGRMS पोर्टल (cgrms.pmjay.gov.in) पर ऑनलाइन आपातकालीन केस दर्ज कराना
यदि अस्पताल प्री-ऑथराइजेशन भेजने में देरी करे, क्लेम एप्रोव होने के बावजूद नकद पैसे माँगे या बीमा कंपनी बिना वजह क्लेम रिजेक्ट करे, तो तुरंत **cgrms.pmjay.gov.in** पर केस दर्ज करें। 24 घंटों में विधिक निस्तारण होगा।
⚖️ विधिक तरीका 2: मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO / District Nodal Officer) को लिखित शिकायत
जिले का मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) आयुष्मान योजना का जिला शिकायत निवारण अधिकारी होता है। क्लेम रोके जाने पर सीएमओ कार्यालय में लिखित आवेदन और अस्पताल की पर्चियां संलग्न कर जमा करें और मुहरयुक्त पावती लें।
⚖️ विधिक तरीका 3: राष्ट्रीय हेल्पलाइन 14555 / CPGRAMS पर लीगल एस्केलेशन
इमरजेंसी स्थिति में सीधे 14555 पर कॉल करके लाइव ऑपरेटर को शिकायत दर्ज कराएं अथवा केंद्र सरकार के CPGRAMS पोर्टल (**pgportal.gov.in**) पर राज्य स्वास्थ्य सचिव को टैग करते हुए लीगल शिकायत प्रेषित करें।
✅ प्री-ऑथ एप्रोवल के अनिवार्य नियम और ❌ रिजेक्ट होने के मुख्य कारण
✅ त्वरित प्री-ऑथ एप्रोवल की अनिवार्य शर्तें:
- Active Card Balance: आयुष्मान कार्ड में चालू वर्ष का पर्याप्त इलाज बैलेंस उपलब्ध हो।
- Empaneled Hospital IPD: अस्पताल एम्पैनल्ड हो और मरीज कम से कम 24 घंटे भर्ती (IPD) हो।
- Clear Clinical Diagnostics: बीमारी से संबंधित जांच रिपोर्ट (X-Ray, Blood, CT Scan) स्पष्ट हों।
- Correct Package Mapping: बीमारी और डॉक्टर द्वारा चुने गए पैकेज कोड का सही मिलान।
❌ प्री-ऑथ पेंडिंग / रिजेक्ट होने के मुख्य कारण:
- Insufficient Clinical Proofs: बीमारी की जांच रिपोर्ट अधूरी या धुंधली होना।
- Package Mismatch Query: चुने गए पैकेज कोड और वास्तविक बीमारी में अंतर होना।
- Exceeded Card Limit: चालू वर्ष की ₹5 लाख की सीमा समाप्त हो चुकी होना।
- Unanswered Query: बीमा कंपनी द्वारा मांगी गई रिपोर्ट अस्पताल द्वारा 24 घंटे में न भेजना।

