गंभीर बीमारी मुख्यमंत्री राहत कोष चेकर | Critical Illness CM Relief Fund Checker | NRDP Hub

गंभीर बीमारी मुख्यमंत्री राहत कोष चेकर (Critical Illness CM Relief Fund Checker)

यह कस्टमाइज्ड डिजिटल ऑडिट चेकर राज्य सरकार के **मुख्यमंत्री राहत कोष (CMRF)** और **मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष** की आधिकारिक स्वास्थ्य अनुदान नीति के समन्वय से डिज़ाइन किया गया है। भारत में कैंसर, हृदय रोग, किडनी ट्रांसप्लांट, थैलेसीमिया, और प्रमुख शल्य चिकित्सा जैसे असाध्य व गंभीर रोगों से पीड़ित गरीब और जरूरतमंद परिवारों को राज्य सरकार द्वारा **₹50,000 से लेकर ₹5,000,000 (पाँच लाख रुपये) तक का प्रत्यक्ष चिकित्सा अनुदान** प्रदान किया जाता है। अक्सर आय प्रमाण पत्र की सीमा (जैसे ₹2.5 लाख या ₹1 लाख प्रति वर्ष) का सही पता न होने, गैर-सूचीबद्ध अस्पताल का बिल लगाने, या डॉक्टर का ओरिजिनल प्राक्कलन (Estimate Certificate) संलग्न न करने से फाइलें निरस्त हो जाती हैं। यह टूल आपके क्रेडेंशियल्स की जांच करके लाइव वित्तीय सहायता पात्रता आख्या और आवेदन एक्शन प्लान देता है।

🎯 यह मुख्यमंत्री राहत कोष चेकर टूल क्या है, उपयोग कैसे करें व मुख्य लाभ?

  • यह टूल क्या है? यह मरीज की वार्षिक पारिवारिक आय, बीमारी के प्रकार (असाध्य रोग) और अस्पताल की संबद्धता (CGHS/सरकारी/एम्स) का विश्लेषण कर सरकारी चिकित्सा अनुदान राशि और विधिक पात्रता बताने वाला सिम्युलेटर है।
  • इसे कैसे उपयोग करें? नीचे दिए गए फॉर्म ब्लॉक में मरीज/आवेदक का नाम लिखें, अपना राज्य, जिला, बीमारी का प्रकार, अस्पताल की श्रेणी और पारिवारिक वार्षिक आय चुनकर सबमिट बटन दबाएं।
  • इससे क्या फायदा है? यह अस्पताल में भर्ती मरीज के परिजनों को स्पष्ट कर देता है कि मुख्यमंत्री राहत कोष से कितना अनुदान स्वीकृत होगा और आवेदन पास कराने के लिए कौन से अधिकारी से आय प्रमाण पत्र बनवाना अनिवार्य है।
👁️ 0
📢 लाइव अपडेट (वर्ष 2026): राज्य सरकार द्वारा असाध्य रोगों के इलाज हेतु सहायता राशि सीधे **सीजीएचएस (CGHS) या एम्स (AIIMS) से एम्पैनल्ड अस्पतालों** को रेखांकित चेक या आरटीजीएस (RTGS) द्वारा ऑनलाइन जारी की जा रही है। अपनी पात्रता नीचे तुरंत जांचें।
⏳ मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष आवेदन स्वीकृति व फंड ट्रांसफर चक्र समय
--दिन
--घंटे
--मिनट
--सेकंड
स्वास्थ्य विभाग व मुख्यमंत्री सचिवालय नोडल प्रभाग द्वारा चिकित्सा प्राक्कलन (Estimate) की जाँच कर फंड ट्रांसफर करने का औसत प्रशासनिक समय **15 से 30 कार्य दिवस** निर्धारित है।
📋 मरीज व इलाज विवरण क्रेडेंशियल दर्ज करें
क्विक टैग्स:

📌 सुरक्षा निर्देश: यह टूल पूर्णतः क्लाइंट-साइड है। सुरक्षा मानकों के अनुसार मरीज का कोई भी व्यक्तिगत संवेदनशील मेडिकल रिकॉर्ड यहाँ दर्ज या संग्रहीत नहीं किया जाता।

🎯 मुख्यमंत्री राहत कोष सहायता ऑडिट परिणाम (CMRF Grant Summary):

राज्य स्वास्थ्य सचिवालय क्रेडेंशियल रिपोर्ट

अनुमानित सरकारी वित्तीय सहायता
जाँच जारी...
(अस्पताल को रेखांकित चेक/RTGS)
आय प्रमाण पत्र निर्गत अधिकारी
जाँच जारी...
(अंचलाधिकारी/SDO/DM स्तर)
आवेदन स्वीकृति संभावना %
जाँच जारी...
(दस्तावेज़ शुचिता स्कोर)
📊 CMRF चिकित्सा सहायता विधिक ऑडिट मैट्रिक्स (Verification Matrix)
चिकित्सा सहायता क्रेडेंशियल विधिक अनुपालन विवरण (Evaluation)
1. बीमारी एवं शल्य क्रिया श्रेणी (Disease Category) ✅ पूर्ण रूप से मान्य
2. अस्पताल एम्पैनलमेंट व एस्टीमेट (Hospital & Estimate) ✅ पूर्ण रूप से मान्य
3. आय व आवासीय प्रमाण पत्र (Income & Residence Node) ✅ पूर्ण रूप से सक्रिय
🔍 विधिक स्टेटस डिकोडिंग एवं तात्कालिक सुधारात्मक समाधान:

🌐 त्वरित Action डायरेक्ट आधिकारिक लाइव लिंक्स
🚀 मुख्यमंत्री राहत कोष से इलाज अनुदान प्राप्त करने के विधिक चरण
📌 1. इलाज कर रहे अस्पताल से मूल चिकित्सा प्राक्कलन (Medical Estimate Certificate) बनवाएं

माध्यम: 🏥 सरकारी / सीजीएचएस / एम्स अस्पताल का चिकित्सा अधीक्षक (MS Office)
डॉक्टर से इलाज के संभावित खर्च का लेटरहेड पर ओरिजिनल प्राक्कलन बनवाएं। इसमें मरीज का नाम, बीमारी का नाम, प्रस्तावित सर्जरी और कुल अनुमानित खर्च अस्पताल की मुहर के साथ दर्ज होना अनिवार्य है।

📌 2. अंचलाधिकारी (CO) या अनुमंडल अधिकारी (SDO) से नवीनतम आय व आवासीय प्रमाण पत्र बनवाएं

माध्यम: 📄 स्थानीय तहसील / ई-सर्विस आरटीपीएस (RTPS Portal)
मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए आवेदक का संबंधित राज्य का मूल निवासी होना और वार्षिक आय ₹1 लाख से ₹2.5 लाख से कम होना अनिवार्य है। आय प्रमाण पत्र CO, SDO या DM स्तर से ही निर्गत होना चाहिए।

📌 3. आवेदन पत्र भरकर सभी मूल दस्तावेजों के साथ स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशक/सचिवालय को सौंपें

माध्यम: 🏛️ राज्य स्वास्थ्य सेवाएं निदेशालय / मुख्यमंत्री सचिवालय / बिहार भवन (दिल्ली में इलाज हेतु)
आवेदन फॉर्म में मरीज के आधार, अस्पताल के बैंक खाते की जानकारी (IFSC) नत्थी कर जमा करें। यदि इलाज दिल्ली/बाहर चल रहा है तो राज्य के स्थानीय राज्य भवन में भी आवेदन जमा किया जा सकता है।

📌 4. स्वास्थ्य विभाग द्वारा एप्रोवल मिलने पर अस्पताल के बैंक खाते में आरटीजीएस द्वारा फंड ट्रांसफर

माध्यम: 🏦 राज्य कोषागार व अस्पताल का बैंक खाता (Direct Hospital RTGS)
जांच समिति द्वारा मंजूरी मिलते ही अनुदान राशि मरीज के व्यक्तिगत खाते में न जाकर सीधे इलाज कर रहे अस्पताल के खाते में रेखांकित चेक या ई-पेमेंट से ट्रांसफर कर दी जाती है।

📋 CMRF आवेदन जमा करने व शिकायत दर्ज कराने के 3 विधिक चरण
🌐 राज्य CMRF पोर्टल माध्यम
📱 नई दिल्ली राज्य भवन हेल्प नोड
📄 ऑफलाइन सिविल सर्जन काउंटर
1
cmrf.bih.nic.in / राज्य राहत कोष पोर्टल खोलें

माध्यम: 🌐 आधिकारिक मुख्यमंत्री राहत कोष पोर्टल
वेबसाइट पर जाएं और 'चिकित्सा सहायता आवेदन प्रपत्र' का साफ प्रिंट निकालें।

2
अस्पताल बैंक विवरण (Bank Account) दर्ज करें

माध्यम: 🌐 आधिकारिक मुख्यमंत्री राहत कोष पोर्टल
फॉर्म में अस्पताल का खाता नंबर, शाखा का नाम और आईएफएससी कोड (IFSC Code) ध्यानपूर्वक भरें।

3
स्वीकृति पत्र (Sanction Order) ट्रैक करें

माध्यम: 🌐 आधिकारिक मुख्यमंत्री राहत कोष पोर्टल
आवेदन संख्या दर्ज करके राहत कोष से मंजूर की गई अनुदान राशि की स्थिति ऑनलाइन ट्रैक करें।

1
राज्य भवन (जैसे बिहार भवन, नई दिल्ली) जाएं

माध्यम: 📱 राज्य भवन चिकित्सा सहायता सेल
यदि मरीज का इलाज AIIMS दिल्ली, सफदरजंग या दिल्ली के CGHS अस्पतालों में चल रहा है, तो सीधे राज्य भवन काउंटर पर आवेदन दें।

2
व्हाट्सएप हेल्पलाइन सहायता लें

माध्यम: 📱 राज्य भवन व्हाट्सएप सपोर्ट नोड
राज्य भवन के आधिकारिक व्हाट्सएप नंबर पर अस्पताल का एस्टीमेट और आय प्रमाण पत्र भेजकर प्रारंभिक सत्यापन कराएं।

3
त्वरित संस्तुति (Fast-Track Clearance)

माध्यम: 📱 राज्य भवन चिकित्सा सहायता सेल
आपातकालीन मामलों में राज्य भवन नोडल अधिकारी सीधे मुख्यमंत्री सचिवालय को प्राथमिकता फाइल फॉरवर्ड करता है।

1
सिविल सर्जन (Civil Surgeon) कार्यालय जाएं

माध्यम: 📄 जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी काउंटर
जिला अस्पताल के सिविल सर्जन कार्यालय से आवेदन की प्रति सत्यापित कराएं।

2
जिलाधिकारी (DM) संस्तुति पत्र

माध्यम: 📄 जिलाधिकारी कार्यालय (DM Office)
अत्यंत गरीब मरीजों के मामलों में डीएम द्वारा संस्तुति पत्र लगाने पर राहत कोष से फंड तेजी से जारी होता है।

3
स्वास्थ्य सेवा निदेशालय जमा

माध्यम: 📄 निदेशक प्रमुख, स्वास्थ्य सेवाएं
सत्यापित फाइल को स्पीड पोस्ट से या व्यक्तिगत रूप से राज्य स्वास्थ्य सेवाएं निदेशालय के काउंटर पर जमा करें।

✅ कौन CMRF अनुदान के लिए पात्र है और कौन से अस्पताल मान्य हैं ❌
(Coverage & Eligibility Criteria)

✅ कौन मुख्यमंत्री राहत कोष से अनुदान का विधिक पात्र है
  • संबंधित राज्य के मूल निवासी जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय ₹1 लाख से ₹2.5 लाख से कम हो
  • कैंसर, ओपन हार्ट सर्जरी, किड्नी/लीवर ट्रांसप्लांट, स्पाइनल सर्जरी व गंभीर दुर्घटना के मरीज
  • सरकारी सुपर-स्पेशलिटी अस्पताल, एम्स (AIIMS), पीजीआई, या CGHS सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में इलाज कराने वाले
  • जिनके पास अस्पताल के अधीक्षक द्वारा जारी ओरिजिनल चिकित्सा प्राक्कलन (Medical Estimate) उपलब्ध हो
❌ क्या कवर नहीं है व आवेदन निरस्त होने के कारण (Exclusions)
  • बिना किसी आधिकारिक सूची वाले या अमान्य गैर-सूचीबद्ध (Non-Empanelled) निजी क्लिनिक में कराया गया इलाज
  • सामान्य बीमारियां (जैसे साधारण बुखार, छोटा इन्फेक्शन या सामान्य कॉस्मेटिक सर्जरी)
  • आवेदक की वार्षिक पारिवारिक आय निर्धारित विधिक सीमा (जैसे ₹2.5 लाख) से अधिक होने पर
  • इलाज पूरा हो जाने के बाद केवल पुराने मेडिकल बिलों का री-इम्बर्समेंट (अग्रिम प्राक्कलन न होने पर फ़ाइल खारिज)

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs) - मुख्यमंत्री राहत कोष विशेष

01. मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष / राहत कोष से गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए कितनी राशि का अनुदान मिलता है? +
मुख्यमंत्री राहत कोष से बीमारी की गंभीरता के आधार पर **₹20,000 से लेकर ₹1,50,000 या अधिकतम ₹5,00,000 तक** का वित्तीय अनुदान स्वीकृत किया जाता है। उदाहरण के लिए, कैंसर शल्य चिकित्सा हेतु ₹40,000 से ₹60,000, हृदय रोग (CABG/पेसमेकर) के लिए ₹60,000 से ₹1,30,000 और मेजर सर्जरी/ट्रांसप्लांट के लिए ₹1.5 लाख तक की निर्धारित राशि सीधे अस्पताल को दी जाती है।
02. मुख्यमंत्री राहत कोष का लाभ लेने के लिए पारिवारिक वार्षिक आय की अधिकतम विधिक सीमा क्या है? +
राज्य के नियमों के अनुसार, आवेदक के परिवार की कुल वार्षिक आय **₹1,00,000 (एक लाख रुपये) से ₹2,50,000 (ढाई लाख रुपये)** से अधिक नहीं होनी चाहिए। आय प्रमाण पत्र अंचलाधिकारी (CO), अनुमंडल अधिकारी (SDO) या जिलाधिकारी (DM) कार्यालय से ही निर्गत होना अनिवार्य विधिक शर्त है।
03. क्या निजी (Private) अस्पतालों में चल रहे इलाज के लिए भी मुख्यमंत्री राहत कोष से पैसे मिल सकते हैं? +
हाँ, लेकिन केवल तभी जब वह निजी अस्पताल केंद्र सरकार की **CGHS (सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम)** या राज्य स्वास्थ्य समिति (आयुष्मान भारत) से विधिक रूप से सूचीबद्ध (Empanelled) हो। किसी भी गैर-सूचीबद्ध (Non-Empanelled) लोकल प्राइवेट अस्पताल के बिलों पर राहत कोष से अनुदान स्वीकृत नहीं किया जाता।
04. अस्पताल का 'चिकित्सा प्राक्कलन प्रमाण पत्र' (Medical Estimate Certificate) क्या होता है और यह कैसे बनता है? +
चिकित्सा प्राक्कलन (Estimate) इलाज कर रहे अस्पताल के डॉक्टर या चिकित्सा अधीक्षक (Medical Superintendent) द्वारा जारी एक आधिकारिक पत्र होता है। इसमें मरीज का नाम, बीमारी का नाम, प्रस्तावित सर्जरी/दवा का प्रकार और कुल अनुमानित खर्च का स्पष्ट उल्लेख होता है। इस पर अस्पताल का गोल मुहर (Official Stamp) होना अनिवार्य है।
05. यदि मरीज का इलाज राज्य के बाहर (जैसे एम्स दिल्ली, टाटा मेमोरियल मुंबई) चल रहा हो, तो आवेदन कहाँ जमा करें? +
यदि इलाज राज्य के बाहर सीजीएचएस/एम्स अस्पतालों में चल रहा है, तो मरीज के परिजन उस राज्य के नई दिल्ली स्थित **राज्य भवन (जैसे बिहार भवन / यूपी भवन, नई दिल्ली)** के चिकित्सा सहायता काउंटर पर सीधे जाकर आवेदन जमा कर सकते हैं। इसके अलावा पंजीकृत डाक से राज्य स्वास्थ्य सेवाएं निदेशालय को भी भेजा जा सकता है।
06. क्या राहत कोष की अनुदान राशि मरीज के व्यक्तिगत बैंक खाते में आती है या अस्पताल को दी जाती है? +
वित्तीय पारदर्शिता और सुरक्षा के नियमों के अनुसार, स्वीकृत अनुदान राशि **मरीज या उसके परिजनों के व्यक्तिगत बैंक खाते में कभी नहीं भेजी जाती**। यह राशि सीधे इलाज कर रहे संबंधित अस्पताल के आधिकारिक बैंक खाते में रेखांकित चेक (Account Payee Cheque) या आरटीजीएस (RTGS) द्वारा प्रेषित की जाती है।
07. यदि किसी मरीज के पास आयुष्मान भारत कार्ड (Ayushman Card) है, तो क्या वह मुख्यमंत्री राहत कोष से भी मदद ले सकता है? +
यदि मरीज का इलाज आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत चल रहा है और इलाज का कुल खर्च ₹5 लाख की सीमा को पार कर जाता है, तो आयुष्मान लिमिट समाप्त होने की स्थिति में अस्पताल से लिखित प्रमाण पत्र बनवाकर अतिरिक्त खर्च हेतु मुख्यमंत्री राहत कोष में विशेष अनुदान के लिए आवेदन किया जा सकता है।
08. क्या इलाज पूरा हो जाने और डिस्चार्ज होने के बाद पुराने मेडिकल बिलों का पैसा राहत कोष से वापस (Reimburse) मिल सकता है? +
नहीं, मुख्यमंत्री राहत कोष का नियम है कि अनुदान केवल **अग्रिम या जारी इलाज (Ongoing Treatment)** के लिए अस्पताल के मेडिकल एस्टीमेट के आधार पर ही दिया जाता है। मरीज के डिस्चार्ज हो जाने और बिलों का भुगतान कर दिए जाने के बाद री-इम्बर्समेंट (Reimbursement) का कोई विधिक प्रावधान नहीं है।
09. मुख्यमंत्री राहत कोष आवेदन के साथ कौन-कौन से मुख्य विधिक दस्तावेज नत्थी करना अनिवार्य है? +
अनिवार्य दस्तावेजों में शामिल हैं: 1. निर्धारित प्रारूप में भरा हुआ आवेदन पत्र, 2. सक्षम प्राधिकारी (CO/SDO) द्वारा निर्गत मूल आय प्रमाण पत्र, 3. राज्य का मूल निवासी प्रमाण पत्र (Residence Certificate), 4. अस्पताल के डॉक्टर द्वारा निर्गत मूल चिकित्सा प्राक्कलन (Medical Estimate), 5. मरीज का आधार कार्ड, और 6. अस्पताल का बैंक खाता विवरण।
10. यदि अस्पताल या स्वास्थ्य विभाग का कोई कर्मचारी मुख्यमंत्री राहत कोष से पैसे दिलवाने के नाम पर रिश्वत मांगे तो कहाँ शिकायत करें? +
मुख्यमंत्री राहत कोष का लाभ पूरी तरह निःशुल्क है और इसमें किसी मध्यस्थ (दलाल) की आवश्यकता नहीं होती। यदि कोई रिश्वत मांगे, तो तुरंत राज्य के **विजिलेंस/सतर्कता विभाग (Anti-Corruption Bureau)** या सीधे मुख्यमंत्री सचिवालय ग्रीवांस सेल में लिखित शिकायत दर्ज कराएं। इसके अलावा **pgportal.gov.in** पर भी शिकायत लॉक की जा सकती है।

📢 मुख्यमंत्री राहत कोष आवेदन में देरी या भ्रष्टाचार की शिकायत हेतु संपर्क

• मुख्यमंत्री सचिवालय / स्वास्थ्य सेवाएं निदेशालय हेल्पलाइन: राज्य लोक शिकायत हेल्पलाइन 1915 / 1800-345-6644
• मुख्यमंत्री राहत कोष ऑनलाइन पोर्टल: cmrf.bih.nic.in / राज्य राहत कोष पोर्टल
• केंद्रीय लोक शिकायत निवारण पोर्टल: pgportal.gov.in (यहाँ अपनी शिकायत सीधे राज्य मुख्यमंत्री सचिवालय नोड को भेजें)
नोट: यह प्लेटफार्म (NRDP) एक स्वतंत्र नागरिक समावेशन सूचना पोर्टल है। यह टूल केवल सामान्य मार्गदर्शक पात्रता विश्लेषण और राज्य सरकार के मुख्यमंत्री राहत कोष/चिकित्सा सहायता कोष के आधिकारिक दिशा-निर्देशों की जानकारी प्रदान करता है। सहायता राशि की अंतिम स्वीकृति स्वास्थ्य विभाग की उच्च स्तरीय चिकित्सा जांच समिति (Medical Board) की संस्तुति पर ही निर्भर करती है।
NRDP - National Resource & Data Portal
Logo