मेडिकल क्लेम सेटलमेंट स्टेटस ट्रैकर (Medical Claim Settlement Status Tracker)
आयुष्मान भारत - प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (**AB-PMJAY**), राज्य स्वास्थ्य बीमा योजनाओं व निजी मेडिक्लेम (Private Health Insurance) के तहत अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद क्लेम सेटलमेंट (Claim Settlement) की प्रक्रिया शुरू होती है। अस्पतालों को मिलने वाले नकद भुगतान तथा मरीजों द्वारा सबमिट किए गए री-इम्बर्समेंट (Reimbursement) दावों का लाइव स्टेटस जानना आवश्यक है। यह ट्रैकर टूल आपके **क्लेम सेटलमेंट स्टेटस (Settled, Under Process, Query Raised, or Rejected), सेटलमेंट राशि व समय (SLA Timer), और डिडक्शन/अस्वीकृति पर सुधारात्मक गाइडलाइन व 3 विधिक शिकायत समाधान माध्यम** तुरंत प्रदान करता है।
🎯 इस मेडिकल क्लेम सेटलमेंट ट्रैकर की मुख्य विशेषताएं:
- लाइव क्लेम सेटलमेंट ट्रैकिंग: NHA TMS सर्वर, बीमा कंपनी (TPA) व बैंक डीबीटी स्तर पर क्लेम पेमेंट का लाइव स्टेटस।
- क्लेम डिडक्शन व री-इम्बर्समेंट विश्लेषण: बिल में की गई कटौती, अनधिकृत डिडक्शन या रिजेक्शन कारणों का सही निवारण।
- 3 सेटलमेंट ट्रैकिंग तरीके (Master Tabs System): NHA क्लेम पोर्टल, बीमा कंपनी TPA पोर्टल व अस्पताल फाइनेंस हेल्पडेस्क।
🎯 मेडिकल क्लेम सेटलमेंट रिपोर्ट (Claim Settlement Audit Log):
क्लेम सेटलमेंट स्टेटस रिपोर्ट
📊 क्लेम सेटलमेंट विनिर्देश व समाधान निर्देश:
1. NHA Beneficiary Portal (लाइव क्लेम स्टेटस नोड) 🔗 Official Ayushman Node
राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) का आधिकारिक पोर्टल। अपने आधार या कार्ड नंबर से लॉगिन कर क्लेम हिस्ट्री और सेटलमेंट स्टेटस देखें।
2. NHA CGRMS - क्लेम पेंडिंग ऑनलाइन शिकायत नोड 🔗 Submit Grievance
यदि अस्पताल या बीमा कंपनी द्वारा 15 दिनों से अधिक समय से क्लेम अकारण अटकाया गया है, तो CGRMS पोर्टल पर विधिक शिकायत दर्ज करें।
वेब ब्राउज़र में **beneficiary.nha.gov.in** या अपनी मेडिक्लेम कंपनी (TPA Portal) खोलें और मोबाइल OTP से लॉगिन करें।
अपना राज्य, जिला, योजना (PMJAY) और आधार नंबर या 'Claim Reference Number' दर्ज करके सर्च करें।
स्क्रीन पर क्लेम की स्थिति **Settled (हरा)**, **Under Process (पीला)** अथवा **Queried / Rejected** दिखाई देगी।
जिस अस्पताल में इलाज हुआ है, उसके इंश्योरेंस क्लेम काउंटर या 'आयुष्मान मित्र (PMAM)' से संपर्क करें।
आयुष्मान मित्र अपने अस्पताल ऑपरेटर लॉगिन से NHA TMS सर्वर का क्लेम डिस्चार्ज ट्रेल निकालकर देगा।
यदि बीमा कंपनी ने कोई क्वेरी लगाई है, तो अस्पताल द्वारा अतिरिक्त बिल/जांचें अपलोड कराकर सेटलमेंट पूर्ण कराएं।
अपने मोबाइल से 24x7 उपलब्ध राष्ट्रीय टोल-फ्री हेल्पलाइन **14555** या **1800-111-565** पर कॉल करें।
कॉल ऑपरेटर को मरीज का आधार नंबर, आयुष्मान कार्ड नंबर या अस्पताल डिस्चार्ज स्लिप क्लेम आईडी दें।
ऑपरेटर लाइव NHA सर्वर से देखकर बताएगा कि बैंक खाते में क्लेम का भुगतान कब तक क्रेडिट होगा।
📌 स्टेप 1: डिस्चार्ज समरी, मेडिकल बिल व जांच रिपोर्ट का सही संकलन
अस्पताल से डिस्चार्ज होते समय डॉक्टर द्वारा हस्ताक्षरित 'Discharge Summary', अंतिम डिस्चार्ज बिल, दवाइयों की ओरिजिनल रसीदें और लैब जांच रिपोर्ट ध्यानपूर्वक प्राप्त करें।
📌 स्टेप 2: अस्पताल/बीमा पोर्टल पर क्लेम डिस्चार्ज फ़ाइल ऑनलाइन सबमिट कराना
कैशलेस क्लेम मामलों में अस्पताल का आयुष्मान मित्र NHA TMS पोर्टल पर फ़ाइल सबमिट करेगा। री-इम्बर्समेंट मामलों में मरीज खुद बीमा कंपनी पोर्टल पर डिस्चार्ज के 15 दिनों में बिल अपलोड करेगा।
📌 स्टेप 3: बीमा कंपनी / SHA द्वारा क्लेम ऑडिट एवं क्वेरी (Query) निस्तारण
राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण (SHA) या बीमा कंपनी की ऑडिट टीम बिलों का सत्यापन करेगी। यदि कोई अतिरिक्त रिपोर्ट मांगी जाती है (Query Raised), तो 7 दिनों के भीतर मांगे गए दस्तावेज़ अपलोड करें।
📌 स्टेप 4: बैंक खाते में क्लेम सेटलमेंट (DBT Credit) प्राप्त करना व शून्य बिल पर्ची पाना
ऑडिट पास होते ही क्लेम **Settled** हो जाएगा। आयुष्मान योजना में अस्पताल को तथा री-इम्बर्समेंट में सीधे मरीज के आधार-सीडेड बैंक खाते (DBT Active) में 15 दिनों के भीतर राशि प्रेषित कर दी जाएगी।
⚖️ विधिक तरीका 1: NHA CGRMS पोर्टल (cgrms.pmjay.gov.in) पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराना
यदि अस्पताल डिस्चार्ज के 15 दिनों बाद भी क्लेम सेटल न हो या बीमा कंपनी बिना वजह क्लेम रिजेक्ट करे, तो **cgrms.pmjay.gov.in** पर जाएं। 'Claim Settlement Delay' श्रेणी में शिकायत दर्ज करें। 15 कार्यदिवसों में समाधान बाध्यकारी है।
⚖️ विधिक तरीका 2: मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO / District Nodal Officer) को लिखित शिकायत
जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) आयुष्मान योजना के जिला नोडल अधिकारी होते हैं। क्लेम अटकने या अस्पताल द्वारा नकद पैसे ऐंठने पर सीएमओ कार्यालय में डिस्चार्ज बिलों की कॉपी संलग्न कर लिखित शिकायत सौंपें।
⚖️ विधिक तरीका 3: बीमा लोकपाल (Insurance Ombudsman) / CPGRAMS पर लीगल एस्केलेशन
यदि निजी मेडिक्लेम या राज्य बीमा क्लेम अकारण रिजेक्ट हो, तो IRDAI बीमा लोकपाल (Insurance Ombudsman) अथवा केंद्र सरकार के CPGRAMS पोर्टल (**pgportal.gov.in**) पर स्वास्थ्य मंत्रालय को टैग करते हुए लीगल शिकायत प्रेषित करें।
✅ क्लेम सेटलमेंट की अनिवार्य शर्तें और ❌ रिजेक्ट होने के मुख्य कारण
✅ त्वरित क्लेम सेटलमेंट की शर्तें:
- Approved Pre-Auth: भर्ती के समय अस्पताल द्वारा स्वीकृत प्री-ऑथराइजेशन होना।
- Complete Discharge Summary: डॉक्टर द्वारा हस्ताक्षरित स्पष्ट डिस्चार्ज समरी व बिल।
- Aadhaar DBT Bank Account: मरीज का बैंक खाता आधार से 100% लिंक्ड व डीबीटी एक्टिव हो।
- Timely Submission: डिस्चार्ज के 15 दिनों के भीतर क्लेम फ़ाइल सबमिट होना।
❌ क्लेम पेंडिंग / रिजेक्ट होने के मुख्य कारण:
- Unanswered Query: बीमा कंपनी द्वारा मांगी गई अतिरिक्त जांच रिपोर्ट सबमिट न करना।
- Non-DBT Bank Account: बैंक खाते में आधार डीबीटी सीडिंग पेंडिंग होना।
- Non-Empaneled Hospital: गैर-सूचीबद्ध निजी अस्पताल में बिना अनुमति इलाज कराना।
- Discrepancy in Medical Bills: डिस्चार्ज बिल और डॉक्टर की केस हिस्ट्री में अंतर होना।

