आवास पात्रता स्कोर कैलकुलेटर (Housing Eligibility Score Calculator)
सरकारी आवास योजनाओं (PMAY-G एवं PMAY-U 2.0) के नियमों और सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण (SECC) के आधार पर यह टूल आपके घर की स्थिति का **100 अंकों में से पात्रता स्कोर (Score)** निकालता है। यदि आपका स्कोर अधिक होता है, तो सरकार की सूची (Awaas+ List) में आपका नाम सबसे पहले जोड़ा जाता है। इस आसान टूल से आप 1 मिनट में जान सकते हैं कि आवास योजना के प्वाइंट सिस्टम के हिसाब से आपको कितने अंक मिले हैं और आपको पक्का मकान बनाने के लिए कुल कितनी सहायता मिलेगी।
🎯 इस पात्रता स्कोर कैलकुलेटर की मुख्य बातें:
- 100 अंकों का स्कोर कार्ड: आपके कच्चे घर, बेघर स्थिति और सामाजिक वर्ग के आधार पर यह टूल तुरंत सटीक स्कोर (जैसे 85/100) कैलकुलेट करता है।
- आसान हिंदी परिणाम: स्कोर के साथ-साथ आपको मिलने वाली सरकारी मदद (₹1.20 लाख से ₹1.50 लाख+) का पूरा हिसाब सरल भाषा में दिखता है।
- अगला कदम: स्कोर देखने के बाद आपको पंचायत या नगर पालिका में क्या करना है, इसकी सीधी सलाह मिलती है।
🎯 आपका आवास पात्रता स्कोर (Eligibility Scorecard):
आवास स्कोर कैलकुलेशन रिपोर्ट
💡 आपके स्कोर के आधार पर सलाह:
1. ग्रामीण आवास योजना आधिकारिक पोर्टल 🔗 गाँव की लिस्ट देखें
यहाँ जाकर आप अपने गाँव की पक्के मकान की प्रतीक्षा सूची (Awaas+ List) देख सकते हैं।
2. शहरी आवास योजना आधिकारिक पोर्टल (PMAY-MIS) 🔗 शहर की लिस्ट देखें
शहर में रहने वाले लोग यहाँ से अपने मकान फॉर्म की स्थिति और सब्सिडी देख सकते हैं।
3. मनरेगा जॉब कार्ड पोर्टल 🔗 मजदूरी का पैसा देखें
घर बनाते समय मिलने वाली नरेगा मजदूरी के पैसे की जानकारी यहाँ मिलेगी।
4. सरकारी शिकायत पोर्टल (CPGRAMS) 🔗 शिकायत दर्ज करें
यदि कोई आपसे मकान के नाम पर पैसे मांगे तो इस सरकारी वेबसाइट पर सीधी शिकायत करें।
5. बैंक खाता आधार लिंक स्थिति 🔗 बैंक खाता जाँचें
यह जाँचने का आसान तरीका कि सरकारी पैसा किस बैंक खाते में आएगा।
📌 1. जरूरी कागज (आधार + बैंक पासबुक + राशन कार्ड) एकत्र करें
अपने और परिवार के आधार कार्ड की फोटोकॉपी, चालू बैंक पासबुक और राशन कार्ड संभालकर रखें।
📌 2. अपने ग्राम प्रधान या पंचायत सचिव (सेक्रेटरी) से मिलें
गाँव के प्रधान या सेक्रेटरी से कहें कि आपका नाम 'आवास प्लस (Awaas+)' सर्वे में दर्ज करें।
📌 3. कच्चे घर की फोटो खिंचवाएं (जिओ-टैगिंग)
सरकारी कर्मचारी आपके कच्चे घर की मोबाइल से फोटो खींचेगा और कंप्यूटर में लोड करेगा।
📌 4. पहली किस्त आने पर नींव और दीवारें बनाएं
खाते में पहली किस्त (₹40,000) आते ही काम शुरू करें और लिनटेल/छत तक दीवारें खड़ी करें।
📌 5. दूसरी व तीसरी किस्त से मकान और टॉयलेट पूरा करें
छत ढलने पर दूसरी व तीसरी किस्त मिलेगी। साथ में शौचालय का ₹12,000 और नरेगा मजदूरी भी मिलेगी।
ग्राम सभा में नाम पास होते ही बीडीओ ऑफिस से आपका पासिंग आर्डर बन जाता है।
अधिकारी आपके पुराने घर की जगह जाकर मोबाइल से फोटो लेता है।
फोटो अपलोड होते ही नींव खोदने के लिए आपके बैंक खाते में ₹40,000 आ जाते हैं।
पहली किस्त के पैसे से नींव भरकर दीवारें उठानी होती हैं।
अधिकारी दोबारा आकर बनी हुई दीवारों की फोटो खींचकर पोर्टल पर अपलोड करता है।
दूसरी किस्त आते ही छत की ढलाई का काम शुरू करें।
छत ढलने के बाद कमरों के दरवाजे, खिड़की और टॉयलेट का काम पूरा करें।
मकान पूरा बनने के बाद आपकी मकान के साथ आखिरी फोटो खींची जाती है।
आखिरी किस्त (₹30,000-₹40,000) के साथ टॉयलेट का ₹12,000 और नरेगा मजदूरी का पैसा मिल जाता है।
✅ किसे मकान मिलेगा और ❌ किसे नहीं मिलेगा?
✅ इन लोगों को मकान जरूर मिलेगा:
- जिनके पास रहने के लिए कोई पक्का मकान नहीं है (उच्च स्कोर)।
- जो कच्चे मिट्टी के घर या झोपड़ी में रहते हैं।
- जिनके पास कोई चार पहिया गाड़ियां या सरकारी नौकरी नहीं है।
❌ इन लोगों को मकान नहीं मिलेगा:
- जिनके पास पहले से देश में कहीं भी खुद का पक्का मकान है।
- जिनके पास कार, ट्रैक्टर या 3/4 पहिया वाहन है।
- जिनके घर में कोई सदस्य सरकारी नौकरी करता है या इनकम टैक्स भरता है।
❓ आम सवाल-जवाब (FAQs) - आसान भाषा में
📢 शिकायत और मदद के लिए सरकारी नंबर
• शहरी आवास योजना फ्री हेल्पलाइन नंबर: 1800-11-6163
• जरूरी सूचना: सरकारी आवास योजना का लाभ बिल्कुल मुफ्त है। कोई भी व्यक्ति आपसे पैसा मांगे तो उसे तुरंत मना कर दें और ब्लॉक अधिकारी से शिकायत करें।
