सामान्य आवास योजना पात्रता ग्रिड चेकर (Housing General Eligibility Grid Checker)
यह आसान टूल हमारे गांव और शहर के गरीब भाइयों-बहनों के लिए बनाया गया है। अगर आपके पास रहने के लिए पक्का मकान नहीं है या आप कच्चे मिट्टी/छप्पर वाले घर में रहते हैं, तो सरकार आपको पक्का घर बनाने के लिए **₹1.20 लाख से ₹1.50 लाख तक की सीधी मदद** देती है। इसके साथ ही टॉयलेट (शौचालय) बनाने के लिए **₹12,000** और घर बनाने की मजदूरी के **₹20,000 से ज्यादा** अलग से मिलते हैं। बस नीचे दिए गए आसान फॉर्म में अपने परिवार की जानकारी भरें और एक मिनट में जानें कि आपको मकान बनाने का पैसा मिलेगा या नहीं।
🎯 इस आसान टूल की मुख्य बातें:
- बहुत आसान भाषा: फॉर्म भरने के बाद का नतीजा एकदम सरल हिंदी में मिलेगा, जिसे गांव का कोई भी व्यक्ति आसानी से समझ सकता है।
- पूरे पैसे की गिनती: मकान के पैसे, शौचालय का पैसा और नरेगा मजदूरी मिलाकर आपको कुल कितना पैसा मिलेगा, यह एक बार में पता चलेगा।
- आगे क्या करना है: पैसा पाने के लिए आपको किसके पास जाना है और कौन से कागज तैयार रखने हैं, इसकी सीधी जानकारी मिलेगी।
🎯 आपके मकान की पात्रता का नतीजा (Simple Result):
आवास योजना जाँच रिपोर्ट
💡 आपके लिए सलाह:
1. ग्रामीण आवास योजना आधिकारिक वेबसाइट 🔗 गाँव की लिस्ट देखें
यहाँ जाकर आप अपने गाँव की पक्के मकान की सरकारी सूची में अपना नाम देख सकते हैं।
2. शहरी आवास योजना आधिकारिक वेबसाइट 🔗 शहर की लिस्ट देखें
शहर में रहने वाले लोग यहाँ से अपने मकान फॉर्म की स्थिति और सब्सिडी देख सकते हैं।
3. मनरेगा जॉब कार्ड पोर्टल 🔗 मजदूरी का पैसा देखें
घर बनाते समय मिलने वाली नरेगा मजदूरी के पैसे की जानकारी यहाँ मिलेगी।
4. सरकारी शिकायत पोर्टल (CPGRAMS) 🔗 शिकायत दर्ज करें
यदि कोई आपसे मकान के नाम पर पैसे मांगे तो इस सरकारी वेबसाइट पर सीधी शिकायत करें।
5. बैंक खाता आधार लिंक स्थिति 🔗 बैंक खाता जाँचें
यह जाँचने का आसान तरीका कि सरकारी पैसा किस बैंक खाते में आएगा।
📌 1. जरूरी कागज (आधार + बैंक पासबुक + राशन कार्ड) एकत्र करें
अपने और परिवार के आधार कार्ड की फोटोकॉपी, चालू बैंक पासबुक और राशन कार्ड संभालकर रखें।
📌 2. अपने ग्राम प्रधान या पंचायत सचिव (सेक्रेटरी) से मिलें
गाँव के प्रधान या सेक्रेटरी से कहें कि आपका नाम 'आवास प्लस (Awaas+)' सर्वे में दर्ज करें।
📌 3. कच्चे घर की फोटो खिंचवाएं (जिओ-टैगिंग)
सरकारी कर्मचारी आपके कच्चे घर की मोबाइल से फोटो खींचेगा और कंप्यूटर में लोड करेगा।
📌 4. पहली किस्त आने पर नींव और दीवारें बनाएं
खाते में पहली किस्त (₹40,000) आते ही काम शुरू करें और लिनटेल/छत तक दीवारें खड़ी करें।
📌 5. दूसरी व तीसरी किस्त से मकान और टॉयलेट पूरा करें
छत ढलने पर दूसरी व तीसरी किस्त मिलेगी। साथ में शौचालय का ₹12,000 और नरेगा मजदूरी भी मिलेगी।
ग्राम सभा में नाम पास होते ही बीडीओ ऑफिस से आपका पासिंग आर्डर बन जाता है।
अधिकारी आपके पुराने घर की जगह जाकर मोबाइल से फोटो लेता है।
फोटो अपलोड होते ही नींव खोदने के लिए आपके बैंक खाते में ₹40,000 आ जाते हैं।
पहली किस्त के पैसे से नींव भरकर दीवारें उठानी होती हैं।
अधिकारी दोबारा आकर बनी हुई दीवारों की फोटो खींचकर पोर्टल पर अपलोड करता है।
दूसरी किस्त आते ही छत की ढलाई का काम शुरू करें।
छत ढलने के बाद कमरों के दरवाजे, खिड़की और टॉयलेट का काम पूरा करें।
मकान पूरा बनने के बाद आपकी मकान के साथ आखिरी फोटो खींची जाती है।
आखिरी किस्त (₹30,000-₹40,000) के साथ टॉयलेट का ₹12,000 और नरेगा मजदूरी का पैसा मिल जाता है।
✅ किसको मिलेगा मकान और ❌ किसको नहीं मिलेगा?
✅ इन लोगों को मकान जरूर मिलेगा:
- जिनके पास रहने के लिए कोई पक्का मकान नहीं है।
- जो कच्चे मिट्टी के घर या घास-फूस की झोपड़ी में रहते हैं।
- जिनके परिवार में कोई सरकारी नौकरी या बड़ी गाड़ियां नहीं हैं।
❌ इन लोगों को मकान नहीं मिलेगा:
- जिनके पास पहले से देश में कहीं भी पक्का मकान है।
- जिनके पास 3 या 4 पहिया गाड़ी (कार/ट्रैक्टर) है।
- जिनके घर में कोई सरकारी नौकरी करता है या इनकम टैक्स भरता है।
❓ आम सवाल-जवाब (FAQs) - मकान योजना से जुड़े आसान उत्तर
📢 शिकायत और मदद के लिए सरकारी नंबर
• शहरी आवास योजना फ्री हेल्पलाइन नंबर: 1800-11-6163
• जरूरी सूचना: सरकारी आवास योजना का लाभ बिल्कुल मुफ्त है। कोई भी व्यक्ति आपसे पैसा मांगे तो उसे तुरंत मना कर दें और ब्लॉक अधिकारी से शिकायत करें।

