राज्य सरकार अतिरिक्त आवास अनुदान कैलकुलेटर | NRDP Hub

राज्य सरकार अतिरिक्त आवास अनुदान कैलकुलेटर (State Government Housing Grant Calculator)

प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY-G ग्रामीण एवं PMAY-U 2.0 शहरी) के अंतर्गत मिलने वाली केंद्रीय वित्तीय सहायता के अतिरिक्त विभिन्न राज्य सरकारें (जैसे: उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, ओडिशा आदि) अपने राज्य के निर्धन, बीपीएल, अनुसूचित जाति/जनजाति (SC/ST), विशेष पिछड़ी जनजाति (PVTG) और आपदा पीड़ितों को **राज्य अतिरिक्त आवास अनुदान (State Top-Up Share / Extra Grant)** प्रदान करती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में केंद्र सरकार का ₹1,20,000 और राज्य का ₹50,000 से ₹80,000 अतिरिक्त बोनस मिलाकर कुल अनुदान **₹2.00 लाख से ₹2.30 लाख** तक पहुँच जाता है। वहीं शहरी क्षेत्रों में BLC/AHP घटकों के तहत केंद्र का ₹1.50 लाख और राज्य का ₹1.00 लाख मिलाकर कुल **₹2.50 लाख** का सीधा नकद लाभ मिलता है। यह कैलकुलेटर आपके राज्य और श्रेणी के अनुसार मिलने वाले कुल अतिरिक्त अनुदान का सटीक हिसाब प्रस्तुत करता है।

🎯 इस राज्य अतिरिक्त अनुदान कैलकुलेटर की मुख्य विशेषताएं:

  • केंद्र व राज्य अनुदान का पृथक ब्यौरा: केंद्रीय सहायता (₹1.20L/₹1.50L) और राज्य सरकार के अतिरिक्त टॉप-अप बोनस का पारदर्शी गणित।
  • अभिसरण (SBM + NREGA) डायरेक्ट बेनेफिट्स: शौचालय निर्माण (₹12,000) तथा 90-95 दिनों की मनरेगा मजदूरी (₹22,000+) को मिलाकर कुल डीबीटी नकद लाभ का आकलन।
  • राज्य-वार विशेष पात्रता व बैंक डीबीटी गाइड: राज्य विकास विभागों (SUDA/DUDA/BDO) द्वारा सीधे आपके बैंक खाते में 3 किस्तों में राशि ट्रांसफर की जांच।
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📢 राज्य ग्रामीण एवं शहरी विकास विभाग अपडेट (वर्ष 2026): राज्य सरकारों द्वारा PMAY स्वीकृत लाभार्थियों को दिए जाने वाले अतिरिक्त राज्य अंश (Top-Up Fund) का भुगतान कोषागार से सीधे बैंक खाते में डीबीटी (DBT) प्रणाली द्वारा भेजा जा रहा है।
⏳ राज्य आवास बजट आवंटन व डीबीटी वितरण विंडो
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राज्य कोषागार (State Treasury) द्वारा आवास योजना किस्तों का डिजिटल फंड ट्रांसफर (FTO) पास करने का लाइव समय चक्र।
📋 राज्य अतिरिक्त आवास अनुदान जानने के लिए विवरण भरें
🚀 राज्य अतिरिक्त आवास अनुदान पाने का 5-स्टेप रोडमैप
📌 1. बीडीओ / नगर निगम कार्यालय में राज्य आवास स्वीकृति पत्र जमा करें

PMAY आवास स्वीकृति मिलते ही अपने क्षेत्र के BDO ऑफिस (ग्रामीण) या डूडा (DUDA) ऑफिस (शहरी) में राज्य अंश पत्र सबमिट करें।

📌 2. बैंक खाते में आधार डीबीटी (NPCI Mapped) सीडिंग एक्टिव कराएं

सुनिश्चित करें कि आपका बैंक खाता आधार से जुड़ा हो ताकि राज्य कोषागार (State Treasury) से अतिरिक्त अनुदान का पैसा न अटके।

📌 3. निर्माण चरण (नींव, दीवार, छत) पूरा कर जियो-टैगिंग कराएं

मकान की नींव, दीवारें लिनटेल तक उठने और छत ढलने पर सेक्रेटरी या आवास मित्र से AwaasApp पर जीपीएस लाइव फोटो अपलोड कराएं।

📌 4. BDO / नगर आयुक्त द्वारा राज्य अंश FTO डिजिटल साइन होना

फोटो पास होते ही ब्लॉक विकास अधिकारी या नगर आयुक्त द्वारा आपके नाम का FTO (Fund Transfer Order) डिजिटल साइन किया जाएगा।

📌 5. 3 किस्तों में सीधे बैंक खाते में राज्य टॉप-अप अनुदान प्राप्त करें

FTO पास होने के 48 से 72 घंटों में केंद्र का मूल अनुदान और राज्य का अतिरिक्त बोनस पैसा सीधे आपके बैंक खाते में जमा हो जाएगा।

📋 विभिन्न राज्यों की अतिरिक्त आवास अनुदान नीति
🌾 1. झारखंड / उ.प्र. / बिहार
🏞️ 2. म.प्र. / राजस्थान / ओडिशा
🏢 3. PMAY-U 2.0 शहरी राज्य अंश
1
झारखंड (अबुआ आवास / टॉप-अप): ₹2.00 लाख अनुदान

झारखंड सरकार द्वारा PMAY-G के अतिरिक्त ₹2.00 लाख तक का 3-कमरों का पक्का घर बनाने हेतु विशेष राज्य अनुदान दिया जाता है।

2
उत्तर प्रदेश (CM आवास ग्रामीण): ₹1.20L + ₹12k टॉयलेट

PMAY-G की सूची से छूटे बीपीएल, मुसहर, थारू, कोल व आपदा पीड़ितों को 100% राज्य फंड से ₹1.20 लाख नकद अनुदान।

3
बिहार राज्य आवास अनुदान: ₹1.20L + ₹22k मनरेगा

बिहार में PMAY-G लाभार्थियों को केंद्रीय सहायता के साथ राज्य कोषागार से समयबद्ध डीबीटी किस्तें दी जाती हैं।

1
मध्य प्रदेश (मुख्यमंत्री जन आवास): ₹1.20L - ₹1.30L

विशेष पिछड़ी जनजातियों (बैगा, भारिया, सहरिया) को पक्का घर बनाने हेतु 100% राज्य प्रायोजित सहायता।

2
ओडिशा (बीजू पक्का घर योजना): ₹1.20L से ₹1.30L

कच्चे घर वालों और प्राकृतिक आपदा (चक्रवात/बाढ़) में नष्ट हुए घरों के लिए सीधा 100% राज्य अनुदान।

3
राजस्थान ग्रामीण आवास टॉप-अप

टीएसपी क्षेत्रों (TSP Areas) और विशेष योग्यजनों हेतु राज्य सरकार द्वारा अतिरिक्त सहायता राशि का प्रावधान।

1
PMAY Urban 2.0 राज्य अंश: ₹1,00,000 नकद

शहरी BLC/AHP घटकों के तहत केंद्र के ₹1.50 लाख के साथ राज्य सरकार अनिवार्य रूप से ₹1.00 लाख का अतिरिक्त योगदान देती है।

2
कुल नकद सहायता: ₹2,50,000

दोनों अंश मिलाकर लाभार्थी को कुल ₹2.50 लाख की प्रत्यक्ष सहायता मिलती है।

3
3 चरणबद्ध किस्तों में डीबीटी

नींव, दीवार और छत ढलाई की जिओ-टैग फोटो पास होने पर पैसा सीधे नगर निगम द्वारा बैंक में ट्रांसफर किया जाता है।

✅ राज्य अतिरिक्त अनुदान की अनिवार्य शर्तें और ❌ अटकाव के कारण

✅ राज्य अतिरिक्त अनुदान तुरंत मिलने के नियम:
  • आवेदक संबंधित राज्य का स्थायी निवासी बीपीएल/कच्चे घर वाला परिवार हो।
  • मकान के प्रत्येक चरण (नींव/दीवार/छत) की जिओ-टैग फोटो स्वीकृत हो।
  • आवेदक का बैंक खाता आधार डीबीटी (NPCI Mapped) से सक्रिय रूप से जुड़ा हो।
❌ राज्य अनुदान रुकने के 3 बड़े कारण:
  • Bank DBT Inactive: बैंक खाते में आधार लिंक न होने से भुगतान निरस्त होना।
  • Pending Geo-Tag: निर्माण कार्य पूरा होने पर भी फोटो अपलोड न होना।
  • Pre-existing Pucca House: परिवार के नाम पर पहले से पक्का मकान दर्ज होना।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs) - राज्य अतिरिक्त आवास अनुदान विशेष

01. राज्य सरकार का अतिरिक्त आवास अनुदान (State Top-Up Share) क्या होता है? +
यह केंद्र सरकार की आवास योजना (PMAY) के अतिरिक्त राज्य सरकारों द्वारा अपनी ओर से दिया जाने वाला वित्तीय बोनस या 100% राज्य-पोषित अनुदान है, जो मकान निर्माण की लागत पूरी करने के लिए सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में दिया जाता है।
02. केंद्र और राज्य अनुदान मिलाकर कुल कितनी सरकारी मदद मिलती है? +
ग्रामीण क्षेत्रों में केंद्र का ₹1.20L + राज्य का टॉप-अप + टॉयलेट (₹12k) + मनरेगा मजदूरी (₹22k+) मिलाकर **कुल ₹1.54 लाख से ₹2.00 लाख+** की सहायता मिलती है। शहरी BLC में केंद्र (₹1.50L) + राज्य (₹1.00L) मिलाकर **कुल ₹2.50 लाख** मिलते हैं।
03. क्या झारखंड की अबुआ आवास योजना भी इस राज्य अनुदान के अंतर्गत आती है? +
हाँ, झारखंड सरकार की 'अबुआ आवास योजना' 100% राज्य-पोषित योजना है जिसके तहत 3-कमरों के पक्के घर के लिए ₹2,00,000 का नकद अनुदान 4 किस्तों में दिया जाता है।
04. राज्य अतिरिक्त अनुदान का पैसा मेरे बैंक खाते में कैसे आता है? +
पूरा पैसा राज्य कोषागार (State Treasury) से सीधे आपके **आधार-सीडेड बैंक खाते (Direct Benefit Transfer - DBT)** में 3 से 4 किस्तों (नींव, दीवार, छत) के आधार पर जमा होता है।
05. यदि बैंक खाते में आधार डीबीटी लिंक न हो तो क्या राज्य का पैसा रुक जाएगा? +
हाँ! बिना आधार डीबीटी (NPCI Mapping) के सरकारी FTO फेल हो जाता है। तुरंत अपनी बैंक शाखा जाकर खाते में आधार सीडिंग कराएं या पोस्ट ऑफिस (IPPB) में नया खाता खोलकर पासबुक जमा करें।
06. क्या प्राकृतिक आपदा (बाढ़/अग्नि) पीड़ितों को राज्य सरकार अतिरिक्त पैसा देती है? +
हाँ, अधिकांश राज्य सरकारों (जैसे ओडिशा, उ.प्र., बिहार, म.प्र.) में आपदा पीड़ितों को मुख्यमंत्री राहत कोष/आपदा प्रबंधन मद से ₹1.20 लाख से ₹1.30 लाख की त्वरित आवास सहायता दी जाती है।
07. ऑनलाइन राज्य अतिरिक्त अनुदान की किस्त का स्टेटस कैसे चेक करें? +
आप **pfms.nic.in** पर जाएं, 'Know Your Payments' सेक्शन में अपना बैंक खाता नंबर डालकर केंद्र व राज्य सरकार द्वारा भेजी गई किस्तों के क्रेडिट की लाइव तारीख और राशि देख सकते हैं।
08. क्या शौचालय अनुदान (SBM ₹12,000) राज्य अतिरिक्त अनुदान में शामिल होता है? +
नहीं, स्वच्छ भारत मिशन (Gramin/Urban) के तहत मिलने वाला ₹12,000 का शौचालय अनुदान राज्य आवास अनुदान के अतिरिक्त अलग से दिया जाता है।
09. क्या राज्य अतिरिक्त आवास अनुदान हेतु कोई अलग से फीस देनी होती है? +
बिल्कुल नहीं! राज्य सरकार का पूरा आवास अनुदान **100% मुफ़्त** है। किसी भी सेक्रेटरी, बीडीओ या दलाल को एक रुपया भी रिश्वत न दें।
10. यदि राज्य का पैसा FTO पास होने के बाद भी न आए तो कहाँ शिकायत करें? +
तुरंत अपने जिले के मुख्य विकास अधिकारी (CDO/DDO), जिलाधिकारी (DM) को लिखित आवेदन दें, या अपने राज्य के मुख्यमंत्री जन-सुनवाई पोर्टल अथवा **pgportal.gov.in (CPGRAMS)** पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें।

📢 राज्य आवास अनुदान अटकाव, FTO विलंब या रिश्वतखोरी की विधिक शिकायत हेतु संपर्क नोड्स

• राष्ट्रीय ग्रामीण आवास हेल्पलाइन: 1800-11-6446 (टोल फ्री)
• PMAY Urban टोल-फ्री हेल्पलाइन: 1800-11-6163
• केन्द्रीय व राज्य लोक शिकायत निवारण पटल (CPGRAMS Desk): pgportal.gov.in (यहाँ सीधे ऑनलाइन केस दर्ज करें)
• विधिक निर्देश विनिर्देश: राज्य अतिरिक्त आवास अनुदान का सीधा भुगतान पात्र नागरिक के बैंक खाते में होता है। किसी भी अनधिकृत बिचौलिए को नकद राशि न दें।
नोट: यह कैलकुलेटर केवल आपकी दर्ज प्रविष्टियों और संबंधित राज्य सरकारों एवं ग्रामीण/शहरी विकास विभागों के आधिकारिक दिशानिर्देशों के आधार पर अनुमानित अतिरिक्त अनुदान और कुल नकद सहायता की गणना करता है। आवास की वास्तविक स्वीकृति, BDO/ULB सत्यापन और डीबीटी किस्त जमा करने का अंतिम विधिक निर्णय आपके संबंधित जिला विकास अधिकारी, राज्य कोषागार और PMAY-MIS सर्वर रिकॉर्ड्स पर निर्भर करता है।
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